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Rampur Bushahar News: रोहड़ू में कायल-चीड़ के 20 से ज्यादा कटे पेड़
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रोहडू बाजार के साथ पलकन गांव के निचे वन भूमी पर काटे गए कायल के पेड़
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लोगों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची
16 पेड़ों के ठूंठ और भारी मात्रा में लकड़ी की सीज
ग्रामीणों का आरोप विभाग को शिकायत नहीं होती तो दबा दिया जाता मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नगर परिषद रोहड़ू क्षेत्र से करीब एक किलोमीटर दूर पलकन गांव के साथ कायल और चीड़ के 20 से अधिक हरे पेड़ों के कटने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरेआम पेड़ काटे गए, लेकिन विभाग को भनक तक नहीं लगी। लोगों की शिकायत के बाद विभाग को खबर हुई और कार्रवाई की। जिस जगह से पेड़ काटे गए हैं, वह भूमि सौर ऊर्जा परियोजना को दी गई बताई जा रही है। यह मामला करीब तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि विभाग के पास शिकायत नहीं होती, तो पूरा मामला दबा दिया जाता। बुधवार को लोगों ने डीएफओ रोहड़ू को मामले की शिकायत दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां 16 पेड़ों के ठूंठ और भारी मात्रा में लकड़ी पाई गई। विभाग ने लकड़ी को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। मौके पर कटे पेड़ कायल और चीड़ के बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि को सौर ऊर्जा परियोजना के लिए चयनित किया गया था, लेकिन आरोप है कि जिस जमीन के लिए अनुमति ली गई थी, पेड़ों का कटान उससे अलग स्थान पर किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले में विभागीय मिलीभगत की आशंका अधिक है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर कटान संभव नहीं है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर नगर परिषद क्षेत्र के इतने करीब दिनदहाड़े पेड़ कटते रहे और वन विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली, जबकि इस जगह साथ से सड़क गुजरती है। लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
संबंधित भूमि सौर ऊर्जा परियोजना के लिए दी गई है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में उस भूमि पर पेड़ों का उल्लेख नहीं था। शिकायत मिलने के बाद मौके पर कटान पाया गया। विभाग के टीम ने कटान हुए 16 पेड़ों के तने मौके पर सीज किए। विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा।-- रवि शंकर शर्मा, डीएफओ रोहड़ू
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16 पेड़ों के ठूंठ और भारी मात्रा में लकड़ी की सीज
ग्रामीणों का आरोप विभाग को शिकायत नहीं होती तो दबा दिया जाता मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। नगर परिषद रोहड़ू क्षेत्र से करीब एक किलोमीटर दूर पलकन गांव के साथ कायल और चीड़ के 20 से अधिक हरे पेड़ों के कटने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरेआम पेड़ काटे गए, लेकिन विभाग को भनक तक नहीं लगी। लोगों की शिकायत के बाद विभाग को खबर हुई और कार्रवाई की। जिस जगह से पेड़ काटे गए हैं, वह भूमि सौर ऊर्जा परियोजना को दी गई बताई जा रही है। यह मामला करीब तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि यदि विभाग के पास शिकायत नहीं होती, तो पूरा मामला दबा दिया जाता। बुधवार को लोगों ने डीएफओ रोहड़ू को मामले की शिकायत दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां 16 पेड़ों के ठूंठ और भारी मात्रा में लकड़ी पाई गई। विभाग ने लकड़ी को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। मौके पर कटे पेड़ कायल और चीड़ के बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार संबंधित भूमि को सौर ऊर्जा परियोजना के लिए चयनित किया गया था, लेकिन आरोप है कि जिस जमीन के लिए अनुमति ली गई थी, पेड़ों का कटान उससे अलग स्थान पर किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले में विभागीय मिलीभगत की आशंका अधिक है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर कटान संभव नहीं है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर नगर परिषद क्षेत्र के इतने करीब दिनदहाड़े पेड़ कटते रहे और वन विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली, जबकि इस जगह साथ से सड़क गुजरती है। लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है।
संबंधित भूमि सौर ऊर्जा परियोजना के लिए दी गई है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में उस भूमि पर पेड़ों का उल्लेख नहीं था। शिकायत मिलने के बाद मौके पर कटान पाया गया। विभाग के टीम ने कटान हुए 16 पेड़ों के तने मौके पर सीज किए। विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा।

रोहडू बाजार के साथ पलकन गांव के निचे वन भूमी पर काटे गए कायल के पेड़

रोहडू बाजार के साथ पलकन गांव के निचे वन भूमी पर काटे गए कायल के पेड़
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