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Rampur Bushahar News: कुपवी डिग्री कॉलेज के विलय के विरोध में लोगों ने किया धरना-प्रदर्शन
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कुपवी डिग्री कॉलेज विलय के विरोध में सैकड़ों लोगों ने किया प्रदर्शन। संवाद
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व्यापार मंडल, पेंशनर एवं पूर्व कर्मचारी संगठन और पंचायतों के जनप्रतिनिधि हुए शामिल
लोगों ने सरकार से कॉलेज को यथावत रखने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। कुपवी डिग्री कॉलेज को अन्य संस्थान में विलय करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में बुधवार को लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। कुपवी में हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने सरकार से कॉलेज को यथावत रखने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। धरना-प्रदर्शन में व्यापार मंडल, पेंशनर एवं पूर्व कर्मचारी संगठन, शार्प संस्था और विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि शामिल थे। युवा, महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बने। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर कहा कि कुपवी जैसे दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों को कम करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। लोगों ने कहा कि कुपवी क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए पहले ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। डिग्री कॉलेज के विलय होने से विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज की स्थापना के बाद इसे पर्याप्त शिक्षकों, भवनों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से सुदृढ़ नहीं किया गया। इसी कारण यह संस्थान अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो सका। उन्होंने सरकार से मांग की कि कॉलेज को बंद या विलय करने के बजाय आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाकर इसे सशक्त बनाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। कॉलेज का विलय इस जिम्मेदारी के विपरीत होगा। यह निर्णय क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
आंदोलन जारी रखने का संकल्प
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज के विलय संबंधी निर्णय को वापस नहीं लिया गया। तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने कुपवी डिग्री कॉलेज को बचाने तथा क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
लोगों ने सरकार से कॉलेज को यथावत रखने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। कुपवी डिग्री कॉलेज को अन्य संस्थान में विलय करने के प्रस्तावित निर्णय के विरोध में बुधवार को लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। कुपवी में हुए इस प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। लोगों ने सरकार से कॉलेज को यथावत रखने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की अपील की। धरना-प्रदर्शन में व्यापार मंडल, पेंशनर एवं पूर्व कर्मचारी संगठन, शार्प संस्था और विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि शामिल थे। युवा, महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी इस प्रदर्शन का हिस्सा बने। प्रदर्शनकारियों ने एकजुट होकर कहा कि कुपवी जैसे दुर्गम ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसरों को कम करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। लोगों ने कहा कि कुपवी क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए पहले ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। डिग्री कॉलेज के विलय होने से विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। वक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज की स्थापना के बाद इसे पर्याप्त शिक्षकों, भवनों और अन्य मूलभूत सुविधाओं से सुदृढ़ नहीं किया गया। इसी कारण यह संस्थान अपेक्षित स्तर तक विकसित नहीं हो सका। उन्होंने सरकार से मांग की कि कॉलेज को बंद या विलय करने के बजाय आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाकर इसे सशक्त बनाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की पहुंच को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। कॉलेज का विलय इस जिम्मेदारी के विपरीत होगा। यह निर्णय क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।
आंदोलन जारी रखने का संकल्प
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि कॉलेज के विलय संबंधी निर्णय को वापस नहीं लिया गया। तो क्षेत्र की जनता लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेगी। धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उपस्थित लोगों ने कुपवी डिग्री कॉलेज को बचाने तथा क्षेत्र के विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
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