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Rampur Bushahar News: आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठारू में लटका ताला, मरीज परेशान
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चिकित्सक और फार्मासिस्ट न होने से बढ़ी ग्रामीणों की परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठारू में कई सालों से स्टाफ की कमी चल रही है, जिससे ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। ननखड़ी तहसील की दो पंचायतों के ग्रामीणों को घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र का ठारू, चड़ी ढारण, कलमोग, नागाधार, थुआ और पनैल गांव के हजारों ग्रामीण को लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को मरहम-पट्टी और मामूली बीमारियों के उपचार के लिए 15 किलोमीटर दूर ननखड़ी और 45 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। ऐसे में हजारों लोगों का स्वास्थ्य रामभरोसे है। कठिन भोगौलिक परिस्थितियों में भी ग्रामीण कई किलोमीटर दूर जाकर प्राथमिक उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र ठारू में अक्तूबर 2023 से ताला लटका हुआ है। वहीं चिकित्सक का पद वर्ष 2021 और फार्मासिस्ट का पद एक वर्ष से खाली है। मरीज उपचार करवाने के लिए खनेरी अस्पताल रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ जाने को मजबूर हैं।
सौरव, दिनेश, प्रेम राज, राजेंद्र, विद्या देवी, शकुंतला देवी, तारा देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती करने की मांग उठाई है, ताकि मरीजों को घरद्वार उपचार की सुविधा मिल सके। आयुर्वेदिक विभाग रामपुर की बीएमओ डॉ. राेहिणी शर्मा ने कहा कि रिक्त पदों को लेकर सरकार से समय-समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठारू में कई सालों से स्टाफ की कमी चल रही है, जिससे ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के दावे तो करती है, लेकिन धरातल पर दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी के कारण लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। ननखड़ी तहसील की दो पंचायतों के ग्रामीणों को घरद्वार पर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र का ठारू, चड़ी ढारण, कलमोग, नागाधार, थुआ और पनैल गांव के हजारों ग्रामीण को लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को मरहम-पट्टी और मामूली बीमारियों के उपचार के लिए 15 किलोमीटर दूर ननखड़ी और 45 किलोमीटर दूर रामपुर जाना पड़ रहा है। ऐसे में हजारों लोगों का स्वास्थ्य रामभरोसे है। कठिन भोगौलिक परिस्थितियों में भी ग्रामीण कई किलोमीटर दूर जाकर प्राथमिक उपचार करवाने के लिए मजबूर हैं। स्वास्थ्य केंद्र ठारू में अक्तूबर 2023 से ताला लटका हुआ है। वहीं चिकित्सक का पद वर्ष 2021 और फार्मासिस्ट का पद एक वर्ष से खाली है। मरीज उपचार करवाने के लिए खनेरी अस्पताल रामपुर, शिमला और चंडीगढ़ जाने को मजबूर हैं।
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सौरव, दिनेश, प्रेम राज, राजेंद्र, विद्या देवी, शकुंतला देवी, तारा देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द स्टाफ की तैनाती करने की मांग उठाई है, ताकि मरीजों को घरद्वार उपचार की सुविधा मिल सके। आयुर्वेदिक विभाग रामपुर की बीएमओ डॉ. राेहिणी शर्मा ने कहा कि रिक्त पदों को लेकर सरकार से समय-समय पर पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि स्वास्थ्य केंद्र में जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाएगा।