{"_id":"6996f41dca2de2ec8d01c086","slug":"pran-pratishtha-ritual-of-the-newly-constructed-temple-of-mata-mangala-kali-and-deity-dognu-continues-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1032-154474-2026-02-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: लालसा में 11 पंडितों के मंत्रोच्चारण से शुरू हुआ शतचंडी पाठ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: लालसा में 11 पंडितों के मंत्रोच्चारण से शुरू हुआ शतचंडी पाठ
विज्ञापन
लालसा में शतचंडी पाठ के दौरान देवता साहिब दोगणू का रथ मंदिर की प्रौढ़ के साथ पाठ सुनने को हुआ व
विज्ञापन
. माता मंगला काली और देवता दोगणू के नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान जारी
. दो दिन चलेगा पाठ, चार ठहरियों से प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचे लोग
. 21 को जाई, भाजों और देवताओं का होगा भव्य स्वागत, 23 को होगी देवताओं की विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
भगवान परशुराम की पवित्र स्थली लैयापुरी लालसा में देवता साहिब दोगणू की नव निर्मित कोठी (मंदिर) में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान चल रहा है। वीरवार को 11 पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ शतचंडी पाठ शुरू हुआ। इस अनुष्ठान में भाग लेने के लिए भगवान परशुराम की चार ठहरियों लालसा, डंसा, शिंगला और शनेरी से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे। देवता साहिब दोगणू और माता मंगला काली मंदिर में दो दिन शतचंडी पाठ चलेंगे। देवता साहिब दोगणू रथ के साथ मंदिर की प्रौढ़ (द्वार) के साथ शतचंडी पाठ सुनने के लिए विराजमान रहेंगे। शनिवार 21 फरवरी को दोपहर के बाद जाई-भांजों का माता मंगला काली और देवता दोगणू मंदिर समिति की ओर से देवता साहब की अगुआई में भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सायंकाल को ढोल-नगाड़ों की थाप और वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के साथ नौ देवताओं का मंदिर समिति के कार-करिदों की ओर से देवता साहब दोगणू की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया जाएगा। मंदिर समिति प्रधान शीश शर्मा और उप प्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि देवताओं का स्वागत माता मंगला काली मंदिर में विधि विधान से किया जाएगा। इसके बाद मंडप के चारों ओर देवता छमडछणी की रस्म निभाएंगे और ऐतिहासिक देव मिलन समारोह होगा। 22 फरवरी को शिखा फेर अनुष्ठान में नवनिर्मित कोठी के पास सभी देवता देवलुओं के साथ कलश यात्रा में शामिल होंगे। शिखा फेर के बाद मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पूर्णाहुति दी जाएगी और हजारों लोग भंडारे में शामिल होंगे। 23 फरवरी को जाई-भांजे और देवताओं को धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए नजराने के साथ विदा किया जाएगा।
पार्किंग के लिए स्थान चिह्नित
समिति के उपप्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि मंदिर के अनुष्ठान को सुचारु रूप से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन के सहयोग से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए वाहनों की पार्किंग के लिए लालसा-बाहलीधार संपर्क सड़क, पंचायत घर के साथ गाड़ियों के लिए बाकायदा अलग स्थान चिह्नित किया है, ताकि जाम लगने की नौबत पेश न आए। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के जवान बस अड्डे से मंदिर परिसर के आसपास तैनात होंगे, ताकि किसी तरह की घटना पेश न आए। अग्निशमन जैसी सुविधाओं के साथ लालसा बस अड्डे से नीचे मंगला काली मैरिज पैलेस में हजारों लोगों की सुविधा के लिए मैस के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
Trending Videos
. दो दिन चलेगा पाठ, चार ठहरियों से प्राण प्रतिष्ठा में पहुंचे लोग
. 21 को जाई, भाजों और देवताओं का होगा भव्य स्वागत, 23 को होगी देवताओं की विदाई
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)।
भगवान परशुराम की पवित्र स्थली लैयापुरी लालसा में देवता साहिब दोगणू की नव निर्मित कोठी (मंदिर) में प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान चल रहा है। वीरवार को 11 पंडितों के मंत्रोच्चारण के साथ शतचंडी पाठ शुरू हुआ। इस अनुष्ठान में भाग लेने के लिए भगवान परशुराम की चार ठहरियों लालसा, डंसा, शिंगला और शनेरी से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंचे। देवता साहिब दोगणू और माता मंगला काली मंदिर में दो दिन शतचंडी पाठ चलेंगे। देवता साहिब दोगणू रथ के साथ मंदिर की प्रौढ़ (द्वार) के साथ शतचंडी पाठ सुनने के लिए विराजमान रहेंगे। शनिवार 21 फरवरी को दोपहर के बाद जाई-भांजों का माता मंगला काली और देवता दोगणू मंदिर समिति की ओर से देवता साहब की अगुआई में भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सायंकाल को ढोल-नगाड़ों की थाप और वाद्ययंत्रों की ध्वनियों के साथ नौ देवताओं का मंदिर समिति के कार-करिदों की ओर से देवता साहब दोगणू की उपस्थिति में भव्य स्वागत किया जाएगा। मंदिर समिति प्रधान शीश शर्मा और उप प्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि देवताओं का स्वागत माता मंगला काली मंदिर में विधि विधान से किया जाएगा। इसके बाद मंडप के चारों ओर देवता छमडछणी की रस्म निभाएंगे और ऐतिहासिक देव मिलन समारोह होगा। 22 फरवरी को शिखा फेर अनुष्ठान में नवनिर्मित कोठी के पास सभी देवता देवलुओं के साथ कलश यात्रा में शामिल होंगे। शिखा फेर के बाद मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को पूर्णाहुति दी जाएगी और हजारों लोग भंडारे में शामिल होंगे। 23 फरवरी को जाई-भांजे और देवताओं को धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए नजराने के साथ विदा किया जाएगा।
पार्किंग के लिए स्थान चिह्नित
समिति के उपप्रधान मनीष शर्मा ने बताया कि मंदिर के अनुष्ठान को सुचारु रूप से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन के सहयोग से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ को देखते हुए वाहनों की पार्किंग के लिए लालसा-बाहलीधार संपर्क सड़क, पंचायत घर के साथ गाड़ियों के लिए बाकायदा अलग स्थान चिह्नित किया है, ताकि जाम लगने की नौबत पेश न आए। इसके अलावा स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस के जवान बस अड्डे से मंदिर परिसर के आसपास तैनात होंगे, ताकि किसी तरह की घटना पेश न आए। अग्निशमन जैसी सुविधाओं के साथ लालसा बस अड्डे से नीचे मंगला काली मैरिज पैलेस में हजारों लोगों की सुविधा के लिए मैस के पुख्ता इंतजाम रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन