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Rampur Bushahar News: लवी मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा मंच
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किसान उत्पादक संगठनों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में इस बार बुशहर रियासत की ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ स्थानीय महिलाओं की प्रतिभा, हुनर और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही बिक्री के लिए मंच उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें हस्तशिल्प, हथकरघा, ऊनी वस्त्र, पारंपरिक आभूषण, स्थानीय खाद्य सामग्री और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल होंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने, ग्राहकों तक पहुंच बनाने और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन भी किया जाएगा। स्थानीय कृषि उत्पादों, सेब और बागवानी से संबंधित प्रदर्शनियों के साथ किसान उत्पादक संगठनों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। रामपुर की ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाने के लिए विरासत सैर तथा पारंपरिक लवी बाजार और हाट जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों के माध्यम से मेले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने के साथ स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले में इस बार बुशहर रियासत की ऐतिहासिक विरासत को प्रदर्शित करने के साथ स्थानीय महिलाओं की प्रतिभा, हुनर और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रमुखता दी जाएगी। मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से तैयार उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही बिक्री के लिए मंच उपलब्ध करवाया जाएगा। इसमें हस्तशिल्प, हथकरघा, ऊनी वस्त्र, पारंपरिक आभूषण, स्थानीय खाद्य सामग्री और अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद शामिल होंगे। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने, ग्राहकों तक पहुंच बनाने और स्वरोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा स्थानीय कारीगरों की पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन भी किया जाएगा। स्थानीय कृषि उत्पादों, सेब और बागवानी से संबंधित प्रदर्शनियों के साथ किसान उत्पादक संगठनों को भी अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। रामपुर की ऐतिहासिक विरासत से परिचित करवाने के लिए विरासत सैर तथा पारंपरिक लवी बाजार और हाट जैसी गतिविधियां भी प्रस्तावित हैं। इन आयोजनों के माध्यम से मेले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाने के साथ स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला और महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा। महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।