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Rampur Bushahar News: नेरवा में बारिश से भीषण गर्मी से राहत, फसलों को मिली संजीवनी
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मक्की और राजमा की बुआई का कार्य भी शुरू हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। नेरवा क्षेत्र में बीते शुक्रवार से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। यह बारिश किसानों-बागवानों के लिए भी वरदान साबित हुई है। इससे फलों और सब्जियों की फसलों को संजीवनी मिली है। साथ ही मक्की और राजमा की बुआई का कार्य भी शुरू हो गया है। नेरवा तहसील में नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस अत्यधिक गर्मी से जनजीवन प्रभावित हुआ था और दिन के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता था। बारिश की फुहारों ने लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ बेमौसमी सब्जियों के लिए भी संजीवनी का काम किया है। किसानों का कहना है कि यह बारिश लंबे समय से सूखे की मार झेल रही फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई है। इससे कृषि और बागवानी गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है। किसानों में अतर सिंह, बालकृष्ण, धन बहादुर और सूरत राम शर्मा ने बताया कि इन दिनों मटर और फ्रासबीन की फसलें अंतिम चरण में हैं। टमाटर की फसल में फूल आने का समय चरम पर है और कई पौधों में फल लगना भी शुरू हो गया है। किसानों ने कहा कि इस समय हुई बारिश टमाटर के फलों के विकास और उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। क्षेत्र में सर्दियों के दौरान कम हिमपात और वर्षा हुई थी। इस कारण वर्ष की शुरुआत से ही प्राकृतिक जल स्रोताें में पानी की कमी बनी हुई थी। पिछले पखवाड़े की भीषण गर्मी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया था, जिससे कई स्रोत सूखने लगे थे। अब इस बारिश से इन जल स्रोतों को फिर से जीवन मिला है और पानी का स्तर सुधरा है। इससे लोगों की घरेलू जरूरतों और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (रोहड़ू)। नेरवा क्षेत्र में बीते शुक्रवार से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है। यह बारिश किसानों-बागवानों के लिए भी वरदान साबित हुई है। इससे फलों और सब्जियों की फसलों को संजीवनी मिली है। साथ ही मक्की और राजमा की बुआई का कार्य भी शुरू हो गया है। नेरवा तहसील में नदी के किनारे स्थित निचले इलाकों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस अत्यधिक गर्मी से जनजीवन प्रभावित हुआ था और दिन के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता था। बारिश की फुहारों ने लोगों को गर्मी से राहत देने के साथ बेमौसमी सब्जियों के लिए भी संजीवनी का काम किया है। किसानों का कहना है कि यह बारिश लंबे समय से सूखे की मार झेल रही फसलों के लिए संजीवनी बनकर आई है। इससे कृषि और बागवानी गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है। किसानों में अतर सिंह, बालकृष्ण, धन बहादुर और सूरत राम शर्मा ने बताया कि इन दिनों मटर और फ्रासबीन की फसलें अंतिम चरण में हैं। टमाटर की फसल में फूल आने का समय चरम पर है और कई पौधों में फल लगना भी शुरू हो गया है। किसानों ने कहा कि इस समय हुई बारिश टमाटर के फलों के विकास और उत्पादन बढ़ाने के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। क्षेत्र में सर्दियों के दौरान कम हिमपात और वर्षा हुई थी। इस कारण वर्ष की शुरुआत से ही प्राकृतिक जल स्रोताें में पानी की कमी बनी हुई थी। पिछले पखवाड़े की भीषण गर्मी ने इस समस्या को और बढ़ा दिया था, जिससे कई स्रोत सूखने लगे थे। अब इस बारिश से इन जल स्रोतों को फिर से जीवन मिला है और पानी का स्तर सुधरा है। इससे लोगों की घरेलू जरूरतों और सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।