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Rampur Bushahar News: सेब, नाशपाती व गुठलीदार फलों पर बारिश ओलों की मार, बागवानों को भारी नुकसान
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खनोटू में ओलावृष्टि से सेब की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद
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भड़ावली और तकलेच पंचायत में पेड़ों से फल और पत्ते जमीन पर गिरे
सेब की फ्लॉवरिंग प्रभावित होने से घटेगा उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ऊपरी शिमला में शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार को भी दिनभर जारी रही। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। वहीं, मौसम के बदलाव ने निचले, मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों की नींद उड़ा रखी है। बागवानों को सेब की फ्लॉवरिंग प्रभावित होने का डर सता रहा है। इससे इस बार उत्पादन के घटने की भी आशंका है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से सेब, नाशपाती समेत गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार सुबह से बादल छा गए। करीब 10 बजे के बाद बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तक लगातार जारी रही। दोपहर बाद भी रुक-रुक बारिश होती रही। उपमंडल रामपुर की भड़ावली और तकलेच पंचायत में ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश से बागवानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन पंचायतों के शलाटी घोड़ी और खनोटू गांव में शनिवार देर शाम करीब आधा घंटा ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश हुई। ओलों ने सेब, नाशपाती समेत गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाल यह है कि ओलों ने फल और पेड़ के पत्तों को जमीन पर गिरा दिया। इसके कारण बागवानों को परेशानी बढ़ गई है। तैयार हो रहे फलों को ओलों ने बर्बाद कर दिया है। बागवानों को आर्थिकी का झटका लगा है। बागवान सुरेंद्र, राधाकृष्ण, देवेंद्र, रणवीर, लायक राम, मोहन सिंह, किशोर, रोनू और राकेश सहित अन्य ने कहा कि हर साल प्रकृति की मार झेलने को मजबूर हैं। कभी सूखा, तो कभी ओलावृष्टि, अंधड़ और बेमौसमी बारिश ने किसानी-बागवानी को संकट में डाल दिया है। कई साल की मेहनत पलभर में ही बर्बाद हो रही है। सर्दियों में सूखे के कारण और फ्लॉवरिंग के दौर में बारिश के कारण पहले ही सेब समेत गुठलीदार फलों की सेटिंग इस साल बहुत कम हुई है। वहीं, अब ओलावृष्टि ने तैयार हो रही नकदी फसल को नुकसान पहुंचाया है। सालभर की मेहनत का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। महंगाई के दौर में बगीचों में खाद, स्प्रे सहित अन्य आवश्यक कार्य करवाने के लिए बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बागवानों को बगीचों के खर्च की भरपाई करना चुनौती बना हुआ है। बागवानों ने सरकार और प्रशासन से मांग उठाई है कि नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। केसीसी ऋण को माफ किया जाए।
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सेब की फ्लॉवरिंग प्रभावित होने से घटेगा उत्पादन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। ऊपरी शिमला में शनिवार शाम से शुरू हुई बारिश रविवार को भी दिनभर जारी रही। बारिश से तापमान में भी गिरावट आई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लोगों को गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। वहीं, मौसम के बदलाव ने निचले, मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों के बागवानों की नींद उड़ा रखी है। बागवानों को सेब की फ्लॉवरिंग प्रभावित होने का डर सता रहा है। इससे इस बार उत्पादन के घटने की भी आशंका है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि से सेब, नाशपाती समेत गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचा है। रविवार सुबह से बादल छा गए। करीब 10 बजे के बाद बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तक लगातार जारी रही। दोपहर बाद भी रुक-रुक बारिश होती रही। उपमंडल रामपुर की भड़ावली और तकलेच पंचायत में ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश से बागवानों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन पंचायतों के शलाटी घोड़ी और खनोटू गांव में शनिवार देर शाम करीब आधा घंटा ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश हुई। ओलों ने सेब, नाशपाती समेत गुठलीदार फलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाल यह है कि ओलों ने फल और पेड़ के पत्तों को जमीन पर गिरा दिया। इसके कारण बागवानों को परेशानी बढ़ गई है। तैयार हो रहे फलों को ओलों ने बर्बाद कर दिया है। बागवानों को आर्थिकी का झटका लगा है। बागवान सुरेंद्र, राधाकृष्ण, देवेंद्र, रणवीर, लायक राम, मोहन सिंह, किशोर, रोनू और राकेश सहित अन्य ने कहा कि हर साल प्रकृति की मार झेलने को मजबूर हैं। कभी सूखा, तो कभी ओलावृष्टि, अंधड़ और बेमौसमी बारिश ने किसानी-बागवानी को संकट में डाल दिया है। कई साल की मेहनत पलभर में ही बर्बाद हो रही है। सर्दियों में सूखे के कारण और फ्लॉवरिंग के दौर में बारिश के कारण पहले ही सेब समेत गुठलीदार फलों की सेटिंग इस साल बहुत कम हुई है। वहीं, अब ओलावृष्टि ने तैयार हो रही नकदी फसल को नुकसान पहुंचाया है। सालभर की मेहनत का खर्चा निकालना भी मुश्किल हो गया है। महंगाई के दौर में बगीचों में खाद, स्प्रे सहित अन्य आवश्यक कार्य करवाने के लिए बागवानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बागवानों को बगीचों के खर्च की भरपाई करना चुनौती बना हुआ है। बागवानों ने सरकार और प्रशासन से मांग उठाई है कि नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। केसीसी ऋण को माफ किया जाए।

खनोटू में ओलावृष्टि से सेब की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

खनोटू में ओलावृष्टि से सेब की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद

खनोटू में ओलावृष्टि से सेब की फसल को पहुंचा नुकसान। संवाद
