{"_id":"69c5133488abd066fe02c0d3","slug":"spokespersons-association-furious-over-3-cut-in-salaries-of-officers-and-employees-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1034-156824-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतन से तीन प्रतिशत कटौती पर भड़का प्रवक्ता संघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतन से तीन प्रतिशत कटौती पर भड़का प्रवक्ता संघ
विज्ञापन
विज्ञापन
. सरकार के फरमान पर जताई हैरानी, वापस लेने की उठाई मांग
. इतिहास में पहली बार हो रहा तीन प्रतिशत वेतन स्थगित : देवेंद्र लक्टू
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश सरकार के बजट प्रस्ताव 2026-27 के तहत प्रदेश के ग्रुप ए और ग्रुप बी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा स्थगित करने के निर्णय पर रोष जताया है। संघ की शिमला इकाई के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह लक्टू ने कहा कि प्रदेश सरकार के ग्रुप ए और ग्रुप बी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों का तीन प्रतिशत वेतन स्थगित करना उनके साथ अन्याय है। यह इतिहास में पहली बार हो रहा है कि कर्मचारी वर्ग के वेतन और भत्तों को सही समय पर प्रदान न करके उनके वेतन में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी और कर्मचारी मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे गृह ऋण, वाहन ऋण, बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा खर्च और अपनी आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में अपने वेतन का इस्तेमाल करते हैं। महंगाई के इस दौर में तीन प्रतिशत वेतन स्थगित करने से उनके मासिक बजट पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और कर्मचारियों का जीवन यापन अत्यंत मुश्किल हो जाएगा। वित्तीय भार होने से उनके मनोबल पर भी विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग का बकाया भुगतान व भत्ते अभी तक लंबित हैं और उन्हें प्राप्त नहीं हुए हैं। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग सरकार की रीढ़ है। सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए वैकल्पिक एवं दीर्घकालिक उपायों की खोज करनी चाहिए न कि कर्मचारी वर्ग के वेतन की कटौती करके अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव को कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए तुरंत वापस ले और उनके साथ संवाद स्थापित करें। इस अवसर पर संघ के चीफ पैटर्न जेपी पराशर, पैटर्न प्रताप वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंवर, महासचिव आकाश दीप शर्मा, वित्त सचिव गगन चौहान, मुख्य सलाहकार डॉ. विनोद मेहता, मुख्य कानूनी सलाहकार राजेश घालटा, कानूनी सलाहकार दिनेश खुराना, ललित हंसरेटा, डॉ. रामसरन शर्मा, प्रेम चौहान, राज्य कार्यकारिणी सदस्य विकेश जनारथा, दिव्य दत्त शर्मा, हरीश कांटा, अजीत सिंह, सलाहकार संजीव नेगी, सुरेश चौहान, भूपेंद्र कंवर, बृजलाल ठाकुर और संतोष शर्मा मौजूद रहे।
Trending Videos
. इतिहास में पहली बार हो रहा तीन प्रतिशत वेतन स्थगित : देवेंद्र लक्टू
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश सरकार के बजट प्रस्ताव 2026-27 के तहत प्रदेश के ग्रुप ए और ग्रुप बी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन का तीन प्रतिशत हिस्सा स्थगित करने के निर्णय पर रोष जताया है। संघ की शिमला इकाई के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह लक्टू ने कहा कि प्रदेश सरकार के ग्रुप ए और ग्रुप बी वर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों का तीन प्रतिशत वेतन स्थगित करना उनके साथ अन्याय है। यह इतिहास में पहली बार हो रहा है कि कर्मचारी वर्ग के वेतन और भत्तों को सही समय पर प्रदान न करके उनके वेतन में कटौती की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी और कर्मचारी मध्यम वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं। वे गृह ऋण, वाहन ऋण, बच्चों की पढ़ाई, चिकित्सा खर्च और अपनी आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में अपने वेतन का इस्तेमाल करते हैं। महंगाई के इस दौर में तीन प्रतिशत वेतन स्थगित करने से उनके मासिक बजट पर सीधा प्रभाव पड़ेगा और कर्मचारियों का जीवन यापन अत्यंत मुश्किल हो जाएगा। वित्तीय भार होने से उनके मनोबल पर भी विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कर्मचारियों के छठे वेतन आयोग का बकाया भुगतान व भत्ते अभी तक लंबित हैं और उन्हें प्राप्त नहीं हुए हैं। प्रदेश का कर्मचारी वर्ग सरकार की रीढ़ है। सरकार को अपनी वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए वैकल्पिक एवं दीर्घकालिक उपायों की खोज करनी चाहिए न कि कर्मचारी वर्ग के वेतन की कटौती करके अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारना चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि इस प्रस्ताव को कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए तुरंत वापस ले और उनके साथ संवाद स्थापित करें। इस अवसर पर संघ के चीफ पैटर्न जेपी पराशर, पैटर्न प्रताप वर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र कंवर, महासचिव आकाश दीप शर्मा, वित्त सचिव गगन चौहान, मुख्य सलाहकार डॉ. विनोद मेहता, मुख्य कानूनी सलाहकार राजेश घालटा, कानूनी सलाहकार दिनेश खुराना, ललित हंसरेटा, डॉ. रामसरन शर्मा, प्रेम चौहान, राज्य कार्यकारिणी सदस्य विकेश जनारथा, दिव्य दत्त शर्मा, हरीश कांटा, अजीत सिंह, सलाहकार संजीव नेगी, सुरेश चौहान, भूपेंद्र कंवर, बृजलाल ठाकुर और संतोष शर्मा मौजूद रहे।