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Rampur Bushahar News: प्रशिक्षु नर्सों के टीबी संक्रमित होने से बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही उजागर
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खनेरी अस्पताल में एमएस का घेराव करने पहुंचे नर्सिंग प्रशिक्षुओं के अभिभावक। संवाद
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साइड स्टोरी
लंबे समय से चल रही अवस्थाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
19 साल से एक ही व्यक्ति चला रहा था मैस, छात्रावास में रहे थे तीन कर्मचारी
85 प्रशिक्षु नर्सों के लिए सिर्फ एक शौचालय, एक कमरे में ठहराई जाती थीं 15 छात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित खनेरी के एमजीएमएससी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के टीबी संक्रमित होने से संस्थान की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है।
संस्थान में लंबे समय से चल रही अवस्थाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा प्रशिक्षु छात्राओं के भुगतना पड़ा। इस मामले की शिकायत मार्च में एसडीएम रामपुर तक पहुंची। इसके बाद औचक निरीक्षण और मामले की जांच की गई तो संस्थान में बरती जा रही अनियमितिताएं और लापरवाही सार्वजनिक हुई। जांच में सामने आया कि प्रशिक्षु नर्सों से मेस के नाम पर प्रति माह 3600 रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं, कई छात्राओं को शाम के समय अपनी चपातियां खुद बनानी पड़ती थीं। यह भी पता चला कि पिछले 19 साल से बिना टेंडर प्रक्रिया के एक व्यक्ति मेस का संचालन कर रहा है। मेस में कार्यरत तीन पुरुष कर्मचारियों के छात्रा हॉस्टल में रहने की भी पुष्टि हुई, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा, संस्थान की लाइब्रेरी लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्राओं से बंदरों को भगाने जैसे कार्य भी करवाए जाने के आरोप लगे। शिकायत करने पर उन्हें डराने-धमकाने की बात भी सामने आई। रहने की व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई। एक कमरे में 15-15 छात्राओं को ठहराया जा रहा है, जबकि 85 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल उठे। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि संस्थान में अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। सामान गायब होने पर मंदिर में अनुष्ठान, स्थानीय देवता के नाम पर डराना, शिकायत करने पर फीस बढ़ाने और फोन छीनने की धमकी दी जाती है। लगातार तनाव के चलते उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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लंबे समय से चल रही अवस्थाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों ने नहीं दिया ध्यान
19 साल से एक ही व्यक्ति चला रहा था मैस, छात्रावास में रहे थे तीन कर्मचारी
85 प्रशिक्षु नर्सों के लिए सिर्फ एक शौचालय, एक कमरे में ठहराई जाती थीं 15 छात्राएं
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। रामपुर स्थित खनेरी के एमजीएमएससी नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं के टीबी संक्रमित होने से संस्थान की बदहाल व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है।
संस्थान में लंबे समय से चल रही अवस्थाओं पर जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया, जिसका खामियाजा प्रशिक्षु छात्राओं के भुगतना पड़ा। इस मामले की शिकायत मार्च में एसडीएम रामपुर तक पहुंची। इसके बाद औचक निरीक्षण और मामले की जांच की गई तो संस्थान में बरती जा रही अनियमितिताएं और लापरवाही सार्वजनिक हुई। जांच में सामने आया कि प्रशिक्षु नर्सों से मेस के नाम पर प्रति माह 3600 रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पौष्टिक भोजन नहीं मिल रहा। इतना ही नहीं, कई छात्राओं को शाम के समय अपनी चपातियां खुद बनानी पड़ती थीं। यह भी पता चला कि पिछले 19 साल से बिना टेंडर प्रक्रिया के एक व्यक्ति मेस का संचालन कर रहा है। मेस में कार्यरत तीन पुरुष कर्मचारियों के छात्रा हॉस्टल में रहने की भी पुष्टि हुई, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा, संस्थान की लाइब्रेरी लंबे समय से बंद पड़ी है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छात्राओं से बंदरों को भगाने जैसे कार्य भी करवाए जाने के आरोप लगे। शिकायत करने पर उन्हें डराने-धमकाने की बात भी सामने आई। रहने की व्यवस्था भी बेहद खराब पाई गई। एक कमरे में 15-15 छात्राओं को ठहराया जा रहा है, जबकि 85 छात्राओं के लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है। इससे स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर गंभीर सवाल उठे। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया है कि संस्थान में अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है। सामान गायब होने पर मंदिर में अनुष्ठान, स्थानीय देवता के नाम पर डराना, शिकायत करने पर फीस बढ़ाने और फोन छीनने की धमकी दी जाती है। लगातार तनाव के चलते उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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