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Rampur Bushahar News: एचआरटीसी बस, भरोसे का नहीं, परेशानी का सफर

Sun, 25 Oct 2026 11:35 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 11:35 PM IST
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Transport system in Chidgaon falters
चिड़गांव क्षेत्र में चरमराई परिवहन व्यवस्था। संवाद 
चिड़गांव में चरमराई परिवहन व्यवस्था, कहीं बसें खस्ताहाल तो कहीं रूट बंद
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घंटों इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचती बसें, विद्यार्थियों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
कई रूटों पर नियमित सेवा नहीं, बीच रास्ते खराब हो रहीं बसें; विद्यार्थी, बुजुर्ग और मरीज परेशान
वर्षों से बसों की कमी से जूझ रहे ग्रामीण, नई बसें उपलब्ध करवाने की मांग अनसुनी
एचआरटीसी बस, भरोसे का नहीं विपदा का सफर

संवाद न्यूज एजेंसी

चिड़गांव (रोहड़ू)।
चिड़गांव क्षेत्र में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की खस्ताहाल बस सेवाओं से लोग परेशान हैं। कहीं बसों की कमी के कारण रूट बंद हैं, तो कहीं पुरानी और खराब हालत वाली बसों में सफर करना लोगों की मजबूरी बना हुआ है। कई बार बसें बीच रास्ते में ही खराब हो जाती हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए सफर भरोसे के बजाय परेशानी का सबब बन गया है। समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। बसों की कमी का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों, कर्मचारियों, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ रहा है। लोगों को बसों के इंतजार में घंटों बिताने पड़ते हैं, इसके बावजूद समय पर गंतव्य तक पहुंचने की गारंटी नहीं रहती। क्षेत्र में शाम के समय डुग्याणी, जाबल और ग्यारी के लिए बस सेवा नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, दिन के समय डिस्वानी, गांवसारी और हाऊंचली के ग्रामीण भी पर्याप्त बस सुविधा नहीं मिलने से परेशान हैं। बसों की कमी के कारण लोगों को जरूरी काम निपटाने और समय पर घर पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। कई बार बस नहीं मिलने पर ग्रामीणों को पैदल सफर करना पड़ता है। समस्या केवल बसों की कमी तक सीमित नहीं है। जिन मार्गों पर बसें चल रही हैं, वहां भी कई बार पुरानी और खस्ताहाल बसें भेजी जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसी बसें बीच रास्ते में खराब हो जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। खराब होने के कारण कुछ बसें खड़ी भी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर कलपुर्जे उपलब्ध नहीं होने से बसों की मरम्मत में देरी होती है। इसका सीधा असर परिवहन सेवाओं पर पड़ रहा है। क्षेत्र में बसों की कमी दूर करने और नई बसें उपलब्ध करवाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा का अभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई, लोगों के रोजगार और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को प्रभावित कर रहा है। ग्रामीणों ने परिवहन निगम से बंद पड़े मार्गों पर नियमित बस सेवा शुरू करने, खराब बसों की जल्द मरम्मत करवाने और जरूरत के अनुसार नई बसें उपलब्ध करवाने की मांग की है, ताकि लोगों को रोजाना होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचती बस
ग्रामीण बुजुर्ग निहारु राम और पुष्प देवी ने बताया कि बस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार लंबे समय तक इंतजार करने के बावजूद बस नहीं पहुंचती, जिससे गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। उनका कहना है कि बस सेवा नियमित नहीं होने से रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों को समय पर शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में परेशानी होती है, जबकि बुजुर्गों और मरीजों के लिए आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है।
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कलपुर्जों की कमी से प्रभावित हो रहे रूट
बस अड्डा प्रभारी चिड़गांव विमलेश कुमार ने बताया कि बसों की कमी के बावजूद परिवहन निगम यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए हरसंभव व्यवस्था करने का प्रयास करता है। कई बार बसों के कलपुर्जों की कमी और तकनीकी खराबी के कारण बसें समय पर रूट पर नहीं पहुंच पातीं। इससे कुछ रूट प्रभावित हो जाते हैं या उन्हें बंद करना पड़ता है। निगम की ओर से उपलब्ध बसों के माध्यम से यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

चिड़गांव क्षेत्र में चरमराई परिवहन व्यवस्था। संवाद 

चिड़गांव क्षेत्र में चरमराई परिवहन व्यवस्था। संवाद 

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