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Rampur Bushahar News: दुर्गम डोडरा क्वार में एक क्लिक से मिलेगी दुनिया की खबर, हाई स्पीड इंटरनेट से जुड़ेंगे ग्रामीण
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शिमला में टेलीकॉम कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करते उपायुक्त अमित कश्यप। स्रोत : डीपीआ
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भारतनेट परियोजना से डोडरा क्वार की पंचायतें जुड़ेंगी, एक क्लिक में देश-दुनिया की मिलेगी जानकारी
मोबाइल कंपनियों को सभी टावरों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश, नियमितिकरण को भी कहा
ग्रामीण ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ी जिले की 19 पंचायतें, अन्य को जोड़ने का कार्य जारी : कश्यप
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
जिला शिमला के अति दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार में अब एक क्लिक से दुनियाभर की खबर पा सकेंगे। यहां के ग्रामीणों को हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। भारतनेट परियोजना से अभी तक जिले की 19 पंचायतें जुड़ चुकी हैं। दुर्गम क्षेत्र के हजारों लोग खासकर युवा वर्ग अब एक क्लिक पर हाईस्पीड इंटरनेट से देश-दुनिया की खोज खबर रख सकेंगे। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टेलीकॉम समिति की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिले में अभी तक 19 पंचायतों को भारतनेट परियोजना से जोड़ा जा चुका है। शेष पंचायतों को जोड़ने का काम चला हुआ है। जिले की जिन पंचायतों के अपने भवन नहीं है और किसी अन्य भवन में पंचायत घर चल रहे हैं, उन्हें संबंधित खंड विकास अधिकारी अनुमति पत्र प्रदान करेंगे। इसके बारे में आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्र डोडरा- क्वार की पंचायतों को भारत नेट परियोजना के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने जिले में अनियमित मोबाइल टॉवर का रिकाॅर्ड तैयार करने के सभी कंपनियाें को निर्देश दिए। साथ ही नियमित करने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कहा। टेलीकॉम नीति के अनुसार मोबाइल टॉवर का नियमितिकरण होना बेहद जरूरी है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि अब भविष्य में इस संदर्भ में त्रैमासिक समीक्षा बैठक होगी। इस बैठक में एडीसी सचिन शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
क्या है भारतनेट परियोजना
भारतनेट परियोजना केंद्र सरकार की पहल है, जिसे डिजिटल इंडिया अभियान की रीढ़ माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण ब्रॉडबैंड नेटवर्क का निर्माण करना है। इस योजना के तहत देश की लगभग 2.5 लाख पंचायतों और 6.45 लाख गांवों को हाईस्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है। इसके लिए बीएसएनएल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के तौर पर कार्य कर रही है।
प्रमुख उद्देश्य और कार्यान्वयन मॉडल
भारतनेट का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 100 एमबीपीएस की बैंडविड्थ उपलब्ध करवाना है। इसे तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण में भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से पंचायतों को जोड़ना है। द्वितीय चरण में फाइबर, रेडियो और सैटेलाइट मीडिया के मिश्रण का उपयोग करना (विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों के लिए) है। तृतीय चरण में पूरे नेटवर्क का उन्नयन और फाइबर टू द होम कनेक्शन प्रदान करना शामिल है। पंजाब जैसे राज्यों ने इस योजना को पूरे राज्य में सफलतापूर्वक लागू कर एक मिसाल पेश की है।
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मोबाइल कंपनियों को सभी टावरों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश, नियमितिकरण को भी कहा
ग्रामीण ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ी जिले की 19 पंचायतें, अन्य को जोड़ने का कार्य जारी : कश्यप
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू।
जिला शिमला के अति दुर्गम क्षेत्र डोडरा क्वार में अब एक क्लिक से दुनियाभर की खबर पा सकेंगे। यहां के ग्रामीणों को हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। भारतनेट परियोजना से अभी तक जिले की 19 पंचायतें जुड़ चुकी हैं। दुर्गम क्षेत्र के हजारों लोग खासकर युवा वर्ग अब एक क्लिक पर हाईस्पीड इंटरनेट से देश-दुनिया की खोज खबर रख सकेंगे। उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टेलीकॉम समिति की बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिले में अभी तक 19 पंचायतों को भारतनेट परियोजना से जोड़ा जा चुका है। शेष पंचायतों को जोड़ने का काम चला हुआ है। जिले की जिन पंचायतों के अपने भवन नहीं है और किसी अन्य भवन में पंचायत घर चल रहे हैं, उन्हें संबंधित खंड विकास अधिकारी अनुमति पत्र प्रदान करेंगे। इसके बारे में आदेश जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्र डोडरा- क्वार की पंचायतों को भारत नेट परियोजना के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने जिले में अनियमित मोबाइल टॉवर का रिकाॅर्ड तैयार करने के सभी कंपनियाें को निर्देश दिए। साथ ही नियमित करने की प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कहा। टेलीकॉम नीति के अनुसार मोबाइल टॉवर का नियमितिकरण होना बेहद जरूरी है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि अब भविष्य में इस संदर्भ में त्रैमासिक समीक्षा बैठक होगी। इस बैठक में एडीसी सचिन शर्मा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
क्या है भारतनेट परियोजना
भारतनेट परियोजना केंद्र सरकार की पहल है, जिसे डिजिटल इंडिया अभियान की रीढ़ माना जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण ब्रॉडबैंड नेटवर्क का निर्माण करना है। इस योजना के तहत देश की लगभग 2.5 लाख पंचायतों और 6.45 लाख गांवों को हाईस्पीड ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। यह केवल एक तकनीकी परियोजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम है। इसके लिए बीएसएनएल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के तौर पर कार्य कर रही है।
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प्रमुख उद्देश्य और कार्यान्वयन मॉडल
भारतनेट का प्राथमिक उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में न्यूनतम 100 एमबीपीएस की बैंडविड्थ उपलब्ध करवाना है। इसे तीन चरणों में लागू किया जा रहा है। प्रथम चरण में भूमिगत ऑप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से पंचायतों को जोड़ना है। द्वितीय चरण में फाइबर, रेडियो और सैटेलाइट मीडिया के मिश्रण का उपयोग करना (विशेषकर दुर्गम क्षेत्रों के लिए) है। तृतीय चरण में पूरे नेटवर्क का उन्नयन और फाइबर टू द होम कनेक्शन प्रदान करना शामिल है। पंजाब जैसे राज्यों ने इस योजना को पूरे राज्य में सफलतापूर्वक लागू कर एक मिसाल पेश की है।