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Rampur Bushahar News: वूल कलेक्शन सेंटर ज्यूरी में तीन साल से लटका ताला

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 11:59 PM IST
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Wool Collection Center Jury has been locked for three years
ज्यूरी स्थित वूल कलेक्शन सेंटर में तीन साल से लटका ताला। संवाद
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ग्राउंड रिपोर्ट : वूल फेडरेशन भेड़ पालकों से नहीं खरीद रहा ऊन
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सरकार कर रही 100 रुपये प्रतिकिलो ऊन खरीद के दावे, धरातल पर सुविधा ही नहीं
मोहन मेहता
ज्यूरी (रामपुर बुशहर)। प्रदेश सरकार भेड़ पालन के लिए भले ही कई योजनाएं चला रही हों, लेकिन उपमंडल रामपुर के भेड़ पालकों को मायूसी ही हाथ लगी है। ज्यूरी में लाखों रुपये की लागत से वूल फेडरेशन सेंटर तो खुला है, लेकिन उस पर तीन साल से ताला लटका हुआ है। भेड़ पालकों को इसका लाभ ही नहीं मिल रहा। ऊन की खरीद न होने से भेड़ पालक निराश हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस साल के बजट में भेड़ पालकों से ऊन खरीदने का रेट बढ़ाकर 100 रुपये प्रति किलो करने की घोषणा की है, लेकिन उपमंडल रामपुर के भेड़ पालक ऊन बेचने की सुविधा से ही वंचित हैं। भेड़ पालकों और भेड़ प्रजनन केंद्र ज्यूरी से वूल फेडरेशन ने साल 2022 से ऊन नहीं खरीदी है। इस सेंटर को करीब तीस लाख की लागत से बनाया गया है। सेंटर पर तीन साल से ताला लगा है। भेड़ पालकों को मजबूरन ऊन को निजी ठेकेदारों को कम दाम पर बेचना पड़ रहा है।
क्षेत्र के भेड़ पालक भगत सिंह, रविंद्र, कृष्ण सिंह, ईश्वर, राजेंद्र, गोपी राम और जगदेव नेगी का कहना है कि सरकार ने बजट में ऊन 100 रुपये प्रति किलो खरीदने की घोषणा की है, लेकिन यह घोषणा अमल में भी लाई जाएगी, इस पर भरोसा करना मुश्किल लग रहा है। ज्यूरी में कई साल से वूल फेडरेशन भेड़ पालकों से ऊन की खरीद नहीं कर रहा है। इस कारण मजबूरन कम रेट में निजी ठेकेदारों को ऊन बेचनी पड़ रही है। वूल फेडरेशन भी सफेद ग्रेड वन ऊन के रेट ही 70 रुपये देती है। बाकी काली और मिक्स ऊन मात्र 25 रुपये किलो में खरीद रही है। इतना कम रेट भेड़ पालकों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया ज्यूरी में ऊन खरीद केंद्र बना होने के बावजूद भी क्षेत्र के भेड़ पालकों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा, जबकि ज्यूरी पूरे क्षेत्र का केंद्र है। सरकार से मांग की है कि नए रेट जल्द लागू करवाएं और ज्यूरी में वूल फेडरेशन को समय-समय पर ऊन खरीद के आदेश दें।
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15/20 विकास सभा के अध्यक्ष मोहन लाल ने बताया कि क्षेत्र की सात पंचायतों में 60 प्रतिशत लोगों की आजीविका भेड़ पालन से चलती है। इस क्षेत्र के लिए भेड़ पालकों की सुविधा के लिए ज्यूरी में 30 लाख से ज्यादा के बजट से भेड़ पालकों की ऊन खरीदने के लिए वूल फेडरेशन ने नया वूल कलेक्शन सेंटर बनाया है। इसके बावजूद ज्यूरी में तीन साल से वूल फेडरेशन की ओर से क्षेत्र के भेड़ पालकों की ऊन न खरीदने से चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से मांग की साल में दो बार ऊन खरीदी जाए, ताकि उनकी ऊन खराब न हो और भेड़ पालकों को अच्छे दाम मिले।
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