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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Scaled the 6,318-meter high Ramjak Peak amidst bad weather and strong winds.

Kullu: खराब मौसम और तेज हवा के बीच फतह की 6,318 मीटर ऊंची रामजाक चोटी, 30 जुलाई से शुरू हुआ था अभियान

Wed, 05 Aug 2026 08:43 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, निरमंड(कुल्लू)।
संवाद न्यूज एजेंसी, निरमंड(कुल्लू)। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 05 Aug 2026 08:43 PM IST
सार

कुल्लू जिले के निरमंड की पर्वतारोहण टीम एल्टीट्यूड क्लाइंबर्स ने लाहौल की 6,318 मीटर ऊंची रामजाक चोटी पर तिरंगा फहराया। चार सदस्यीय दल ने खराब मौसम, तेज हवा, अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों के बीच उपलब्धि हासिल की। 

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Scaled the 6,318-meter high Ramjak Peak amidst bad weather and strong winds.
निरमंड की पर्वतारोहण टीम ने फतह की 6,318 मीटर ऊंची रामजाक चोटी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के निरमंड की पर्वतारोहण टीम एल्टीट्यूड क्लाइंबर्स ने लाहौल की 6,318 मीटर ऊंची रामजाक चोटी पर तिरंगा फहराया। चार सदस्यीय दल ने खराब मौसम, तेज हवा, अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी जैसी चुनौतियों के बीच उपलब्धि हासिल की। अभियान 30 जुलाई को शुरू हुआ था। प्रतिकूल मौसम के कारण पर्वतारोहियों को 5,750 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अग्रिम शिविर में तीन रातें बितानी पड़ीं। मौसम साफ होने के बाद दल ने अंतिम चढ़ाई शुरू की। दोपहर करीब 1:30 बजे चारों पर्वतारोही रामजाक चोटी के शिखर पर पहुंचे और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। शिखर पर पहुंचने के बाद दल ने बिना समय गंवाए सुरक्षित वापसी शुरू की। सभी सदस्य सकुशल आधार शिविर पहुंचे और वहां से जिस्पा लौट आए।

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अभियान में बाल कृष्ण ठाकुर, शुभम जगता, यशवेंद्र चौहान और रजत चौहान शामिल रहे। बाल कृष्ण ठाकुर निरमंड उपमंडल के पहले पर्वतारोही हैं। टीम एल्टीट्यूड क्लाइंबर्स कई वर्षों से हिमालयी पर्वतारोहण और बचाव अभियानों में सक्रिय है। इससे पहले टीम ने 8 अगस्त 2025 को 6,791 मीटर ऊंचे लियो परग्याल शिखर और 4 अक्तूबर 2025 को 6,303 मीटर ऊंचे सीसीकेएन शिखर का सफल आरोहण किया था। दल के सदस्य बाल कृष्ण ठाकुर ने कहा कि सफलता के लिए कठिन तैयारी और नियमित प्रशिक्षण जरूरी है। ऊंची चोटियों पर आरोहण के दौरान शारीरिक क्षमता के साथ धैर्य, सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता और मजबूत टीम भावना भी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अभियान की सफलता का श्रेय टीम के आपसी विश्वास और पर्वतारोहण के प्रति समर्पण को दिया।
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