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Sirmour News: अदालत 2
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35.20 लाख मुआवजा जारी करने
के आदेश, आवेदक को मिली राहत
- साल 2017 का सड़क दुर्घटना से जुड़ा मामला, एमएसीटी कोर्ट का फैसला : ब्याज सहित खाते में ट्रांसफर होगी पूरी रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क दुर्घटना में आवेदक को 35,20,782 रुपये की मुआवजा राशि जारी करने का आदेश दिया है। यह राशि 23 सितंबर 2024 को दर्ज एक दावा याचिका के तहत निर्धारित की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमा की गई पूरी राशि ब्याज सहित सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
यह मामला साल 2017 में संतोष और अन्य बनाम जय प्रकाश और अन्य का है। अदालत में दायर आवेदन में आवेदक सुमित ने बताया कि उसे घरेलू जरूरतों के लिए मुआवजे की राशि की आवश्यकता है। मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि संबंधित पक्ष की ओर से करीब 35.20 लाख रुपये की राशि न्यायालय में जमा कराई गई थी, जबकि 8.80 लाख रुपये बैंक में एफडीआर के रूप में निवेश किए गए थे। निर्णय के अनुसार, याचिकाकर्ताओं को कुल 24 लाख रुपये का मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए गए थे। प्रत्येक पात्र को इस राशि में 25-25 प्रतिशत का हिस्सा मिलना तय किया गया था। अन्य आवेदक पहले ही अपना-अपना हिस्सा प्राप्त कर चुके हैं।
सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष ने भी आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आवेदक की मांग को उचित पाया। अदालत ने निर्देश दिए कि शेष मुआवजा राशि, ब्याज सहित, आवेदक के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाए। इसके लिए उचित पहचान और दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
संवाद
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के आदेश, आवेदक को मिली राहत
- साल 2017 का सड़क दुर्घटना से जुड़ा मामला, एमएसीटी कोर्ट का फैसला : ब्याज सहित खाते में ट्रांसफर होगी पूरी रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) ने सड़क दुर्घटना में आवेदक को 35,20,782 रुपये की मुआवजा राशि जारी करने का आदेश दिया है। यह राशि 23 सितंबर 2024 को दर्ज एक दावा याचिका के तहत निर्धारित की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमा की गई पूरी राशि ब्याज सहित सीधे आवेदक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
यह मामला साल 2017 में संतोष और अन्य बनाम जय प्रकाश और अन्य का है। अदालत में दायर आवेदन में आवेदक सुमित ने बताया कि उसे घरेलू जरूरतों के लिए मुआवजे की राशि की आवश्यकता है। मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि संबंधित पक्ष की ओर से करीब 35.20 लाख रुपये की राशि न्यायालय में जमा कराई गई थी, जबकि 8.80 लाख रुपये बैंक में एफडीआर के रूप में निवेश किए गए थे। निर्णय के अनुसार, याचिकाकर्ताओं को कुल 24 लाख रुपये का मुआवजा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के आदेश दिए गए थे। प्रत्येक पात्र को इस राशि में 25-25 प्रतिशत का हिस्सा मिलना तय किया गया था। अन्य आवेदक पहले ही अपना-अपना हिस्सा प्राप्त कर चुके हैं।
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सुनवाई के दौरान प्रतिवादी पक्ष ने भी आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई। अदालत ने उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आवेदक की मांग को उचित पाया। अदालत ने निर्देश दिए कि शेष मुआवजा राशि, ब्याज सहित, आवेदक के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाए। इसके लिए उचित पहचान और दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
संवाद