{"_id":"69c7d252a1031230300fcc7e","slug":"court-news-3-nahan-news-c-177-1-nhn1017-175108-2026-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अदालत 3","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अदालत 3
विज्ञापन
विज्ञापन
14.68 करोड़ रुपये मुआवजा जारी करने
के आदेश, लाभार्थियों को मिलेगी राहत
- कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाओं का किया निपटारा
- जमा मुआवजा राशि अब पात्र आवेदकों को दी जाए : सत्र न्यायालय
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला अदालत ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में लंबित 14,68,25,507 रुपये मुआवजा राशि को जारी करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने यह फैसले सुनाते हुए कहा कि संबंधित याचिकाओं में जमा मुआवजा राशि अब पात्र आवेदकों को दी जाए।
मामला बिजा राम, मोहन सिंह, गीता राम, मदन सिंह बनाम राज्य, प्रधान सचिव (विद्युत) और अन्य से संबंधित है। इसमें वर्ष 2018 की संदर्भ याचिकाओं पर 4 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाया गया था। अदालत में दायर आवेदनों में बताया गया कि मुआवजा राशि पहले ही जमा की जा चुकी है और इस पर किसी भी पक्ष की ओर से अपील नहीं की गई है। सुनवाई के दौरान आवेदक पक्षों ने अदालत को अवगत कराया कि बिजा राम मामले में 3,66,23,885, मोहन सिंह मामले में 8,02,52,047, गीता राम मामले में 2,00,41,266 और मदन सिंह और अन्य मामले में 99,08,309 रुपये की राशि एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) के रूप में जमा है। इसे तत्काल जरूरत के चलते समय से पहले भुनाने की अनुमति दी जाए।
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि मुआवजा राशि जारी करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। इसके बाद न्यायालय ने आदेश दिया कि बिजा राम मामले में आवेदक सत्या देवी के हिस्से की राशि ब्याज सहित उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए। साथ ही, मृतक याचिकाकर्ता बिजा राम, ब्रिखमा देवी, सालिग राम और उनकी पत्नी इंदिरा देवी के हिस्से की राशि उनके कानूनी वारिसों को बराबर हिस्से में देने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि एफडीआर समय से पहले तोड़ने पर ब्याज में होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं आवेदकों की होगी।
Trending Videos
के आदेश, लाभार्थियों को मिलेगी राहत
- कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण से जुड़ी चार अलग-अलग याचिकाओं का किया निपटारा
- जमा मुआवजा राशि अब पात्र आवेदकों को दी जाए : सत्र न्यायालय
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। जिला अदालत ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में लंबित 14,68,25,507 रुपये मुआवजा राशि को जारी करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन की अदालत ने यह फैसले सुनाते हुए कहा कि संबंधित याचिकाओं में जमा मुआवजा राशि अब पात्र आवेदकों को दी जाए।
मामला बिजा राम, मोहन सिंह, गीता राम, मदन सिंह बनाम राज्य, प्रधान सचिव (विद्युत) और अन्य से संबंधित है। इसमें वर्ष 2018 की संदर्भ याचिकाओं पर 4 अप्रैल 2024 को फैसला सुनाया गया था। अदालत में दायर आवेदनों में बताया गया कि मुआवजा राशि पहले ही जमा की जा चुकी है और इस पर किसी भी पक्ष की ओर से अपील नहीं की गई है। सुनवाई के दौरान आवेदक पक्षों ने अदालत को अवगत कराया कि बिजा राम मामले में 3,66,23,885, मोहन सिंह मामले में 8,02,52,047, गीता राम मामले में 2,00,41,266 और मदन सिंह और अन्य मामले में 99,08,309 रुपये की राशि एफडीआर (फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद) के रूप में जमा है। इसे तत्काल जरूरत के चलते समय से पहले भुनाने की अनुमति दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि मुआवजा राशि जारी करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। इसके बाद न्यायालय ने आदेश दिया कि बिजा राम मामले में आवेदक सत्या देवी के हिस्से की राशि ब्याज सहित उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाए। साथ ही, मृतक याचिकाकर्ता बिजा राम, ब्रिखमा देवी, सालिग राम और उनकी पत्नी इंदिरा देवी के हिस्से की राशि उनके कानूनी वारिसों को बराबर हिस्से में देने के निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि एफडीआर समय से पहले तोड़ने पर ब्याज में होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं आवेदकों की होगी।