{"_id":"696f8311d3c54f8daf00036b","slug":"court-news-4-nahan-news-c-177-1-nhn1017-170101-2026-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अदालत 4","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अदालत 4
विज्ञापन
विज्ञापन
एमएसीटी मामले में मृत के वारिसों को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने एक लंबित मुआवजा मामले में मृत प्रतिवादी के कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति दे दी है।
यह आदेश रविंद्र बनाम रामानंद मामले में पारित किया। अदालत के समक्ष बताया गया था कि प्रतिवादी रामानंद की मृत्यु 26 जनवरी 2025 को हो चुकी थी। इसकी जानकारी याचिकाकर्ता को 12 नवंबर 2025 को मिली। इसके बाद विधिक वारिसों को रिकॉर्ड पर लाने के लिए आवेदन दायर किया गया। पीठासीन अधिकारी कपिल शर्मा ने कहा कि मृत्यु की जानकारी मिलने के बाद उचित समय के भीतर आवेदन दाखिल किया गया है। इसलिए इसे जानबूझकर की गई देरी नहीं माना जा सकता।
आवेदन का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया। न्यायाधिकरण ने आदेश दिया कि मृत रामानंद के सभी कानूनी वारिसों को अब मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल किया जाएगा। अदालत ने मामले को अंतिम बहस के लिए 30 जनवरी 2026 को सूचीबद्ध किया है। संवाद
Trending Videos
नाहन (सिरमौर)। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने एक लंबित मुआवजा मामले में मृत प्रतिवादी के कानूनी वारिसों को रिकॉर्ड पर लाने की अनुमति दे दी है।
यह आदेश रविंद्र बनाम रामानंद मामले में पारित किया। अदालत के समक्ष बताया गया था कि प्रतिवादी रामानंद की मृत्यु 26 जनवरी 2025 को हो चुकी थी। इसकी जानकारी याचिकाकर्ता को 12 नवंबर 2025 को मिली। इसके बाद विधिक वारिसों को रिकॉर्ड पर लाने के लिए आवेदन दायर किया गया। पीठासीन अधिकारी कपिल शर्मा ने कहा कि मृत्यु की जानकारी मिलने के बाद उचित समय के भीतर आवेदन दाखिल किया गया है। इसलिए इसे जानबूझकर की गई देरी नहीं माना जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवेदन का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया। न्यायाधिकरण ने आदेश दिया कि मृत रामानंद के सभी कानूनी वारिसों को अब मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल किया जाएगा। अदालत ने मामले को अंतिम बहस के लिए 30 जनवरी 2026 को सूचीबद्ध किया है। संवाद