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Sirmour News: अदालत 6
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कोर्ट ने खारिज की जल्द सुनवाई की अर्जी
अब 29 मई को ही होगी अगली सुनवाई
- निर्माण कार्य रोकने के आदेश उल्लंघन का आरोप, लेकिन पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिविल जज ने भूमि विवाद के मामले में निर्धारित समय से पहले सुनवाई (प्रीपोनमेंट) करने की मांग को खारिज कर दिया है। यह मामला पांवटा साहिब क्षेत्र का है। यशवंत की ओर से दायर अर्जी में आरोप लगाया गया था कि प्रतिवादी जागीर ने कोर्ट के आदेशों के बावजूद विवादित जमीन पर निर्माण कार्य जारी रखा है। इसे रोकने और जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दी गई थी। साथ ही पुलिस सहायता से आदेश लागू करवाने की भी मांग की गई थी। वहीं, प्रतिवादी पक्ष ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से जमीन पर काबिज हैं और पहले ही बाउंड्री, शेड और ट्यूबवेल बना चुके हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई नया निर्माण नहीं हो रहा, सिर्फ मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आवेदक की ओर से तत्काल सुनवाई के लिए कोई ठोस और प्रामाणिक साक्ष्य पेश नहीं किए गए। इसलिए पूर्व निर्धारित तारीख 29 मई 2026 को ही सुनवाई होगी।
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अब 29 मई को ही होगी अगली सुनवाई
- निर्माण कार्य रोकने के आदेश उल्लंघन का आरोप, लेकिन पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। सिविल जज ने भूमि विवाद के मामले में निर्धारित समय से पहले सुनवाई (प्रीपोनमेंट) करने की मांग को खारिज कर दिया है। यह मामला पांवटा साहिब क्षेत्र का है। यशवंत की ओर से दायर अर्जी में आरोप लगाया गया था कि प्रतिवादी जागीर ने कोर्ट के आदेशों के बावजूद विवादित जमीन पर निर्माण कार्य जारी रखा है। इसे रोकने और जल्द सुनवाई के लिए अर्जी दी गई थी। साथ ही पुलिस सहायता से आदेश लागू करवाने की भी मांग की गई थी। वहीं, प्रतिवादी पक्ष ने अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से जमीन पर काबिज हैं और पहले ही बाउंड्री, शेड और ट्यूबवेल बना चुके हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई नया निर्माण नहीं हो रहा, सिर्फ मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि आवेदक की ओर से तत्काल सुनवाई के लिए कोई ठोस और प्रामाणिक साक्ष्य पेश नहीं किए गए। इसलिए पूर्व निर्धारित तारीख 29 मई 2026 को ही सुनवाई होगी।
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