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Sirmour News: अदालत 6
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चरस मामले में दो दोषी
करार, 4-4 साल की सजा
- साल 2021 में नाहन थाना का मामला, कोर्ट ने आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
- पुलिस ने नेहरती संपर्क सड़क के पास आरोपियों से बरामद की थी 855 ग्राम चरस
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। एनडीपीएस अधिनियम के तहत चरस के एक मामले में सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल की अदालत ने तहसील संगड़ाह निवासी मुकेश और सनम को 4-4 साल के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
यह मामला 27 फरवरी 2021 में नाहन थाना में दर्ज है। पुलिस टीम ने नेहरती संपर्क सड़क के पास नाका लगाया था। दोपहर 1:15 बजे शिमला नंबर की एक मोटरसाइकिल को तलाशी के लिए रोका गया। इसमें दो युवक सवार थे। इनके कब्जे से तलाशी के दौरान 855 ग्राम चरस बरामद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 29 के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामला साबित करने के लिए 16 गवाहों के बयान दर्ज किए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि चरस रखने का आरोप साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध होता है। अदालत ने आरोपियों को दंडनीय अपराध के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद
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- साल 2021 में नाहन थाना का मामला, कोर्ट ने आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
- पुलिस ने नेहरती संपर्क सड़क के पास आरोपियों से बरामद की थी 855 ग्राम चरस
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। एनडीपीएस अधिनियम के तहत चरस के एक मामले में सत्र न्यायालय ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। सत्र न्यायाधीश योगेश जसवाल की अदालत ने तहसील संगड़ाह निवासी मुकेश और सनम को 4-4 साल के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
यह मामला 27 फरवरी 2021 में नाहन थाना में दर्ज है। पुलिस टीम ने नेहरती संपर्क सड़क के पास नाका लगाया था। दोपहर 1:15 बजे शिमला नंबर की एक मोटरसाइकिल को तलाशी के लिए रोका गया। इसमें दो युवक सवार थे। इनके कब्जे से तलाशी के दौरान 855 ग्राम चरस बरामद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20, 29 के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष ने मामला साबित करने के लिए 16 गवाहों के बयान दर्ज किए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि चरस रखने का आरोप साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध होता है। अदालत ने आरोपियों को दंडनीय अपराध के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद
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