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अपराजिता: रमा शर्मा बोलीं- मोबाइल को खुद पर हावी न होने दें, लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें बेटियां
मोबाइल बुरा नहीं है, बस इसे खुद पर हावी न होने दें। आज की युवा पीढ़ी को यह आत्मचिंतन करने की जरूरत है कि वे मोबाइल को नियंत्रित कर रहे हैं या मोबाइल उनकी जिंदगी को चला रहा है। यह तीखा और प्रेरक आह्वान जिला खेल अधिकारी रमा शर्मा ने अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत राजकीय नर्सिंग स्कूल नाहन में छात्राओं को संबोधित करते हुए किया। मुख्य अतिथि रमा शर्मा ने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, उन्होंने हर क्षेत्र में अपनी पैठ बनाई है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। आप जो भी लक्ष्य चुने, उसे हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी और समर्पण दिखाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीक का इस्तेमाल केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धन के लिए करें, मनोरंजन के जाल में फंसकर अपना कीमती समय नष्ट न करें। खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि खेल केवल शारीरिक फिटनेस नहीं, बल्कि उज्ज्वल भविष्य का द्वार भी हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सिरमौर और प्रदेश की बेटियों ने खेल जगत में देश का नाम रोशन किया है। तीन वरिष्ठ राष्ट्रीय खेल खेलने पर सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत कोटा निर्धारित है। इससे पूर्व, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही नर्सिंग कॉलेज की प्रधानाचार्य रेखा डोगरा ने मुख्यातिथि को पौधा भेंट कर सम्मानित किया। अमर उजाला की ओर से अतिथियों को डायरी और सामान्य ज्ञान की पुस्तकें भेंट की गई। कार्यक्रम की अध्यक्ष रेखा डोगरा ने नर्सिंग छात्राओं से हर क्षेत्र में खुद को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। छात्रा गहना सलूजा ने मंच से एक दूसरे का भावनात्मक, मानसिक और हर प्रकार से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि एक लड़की को दूसरी लड़की को समझना बेहद जरूरी है। उर्वशी शर्मा ने कहा कि कार्यक्रम बेहद प्रेरणादायी रहा, छात्राओं को उनके करियर को लेकर अच्छे से प्रेरित किया। देविंद्रा ठाकुर ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज की एक जरूरत बन गए हैं। इससे युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। शगुन मिन्हास ने कहा कि मैं जमाने की उस सोच को तोडऩे का प्रयास करूंगी जो उसने लड़कियों के लिए बना रखी है।
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