{"_id":"6a4118ca9e08700c34021a69","slug":"crops-effected-due-to-late-monsoon-nahan-news-c-177-1-nhn1002-182072-2026-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: बारिश न होने से नकदी फसलों पर संकट, किसानों की चिंता बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: बारिश न होने से नकदी फसलों पर संकट, किसानों की चिंता बढ़ी
विज्ञापन
बनेठी पंचायत के गौंत गांव में बारिश न होने से प्रभावित हुई शिमला मिर्च की फसल। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धारटीधार क्षेत्र में सूखे जैसे हालात, नमी न होने से सूखने लगी फसलें
टमाटर, शिमला मिर्च, धनिया, बीन की फसल बुरी तरह प्रभावित
संवाद न्यूज़ एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मानसून की सुस्त चाल ने सिरमौर जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के धारटीधार क्षेत्र सहित कई इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से नकदी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। खेतों में नमी की कमी के कारण टमाटर, शिमला मिर्च, अदरक, हरा धनिया और बीन की फसलें प्रभावित हो रही हैं।
मक्की की फसल भी बारिश के अभाव में या तो उग नहीं पाई है या फिर जहां उगी हैं, वहां सूखने लगी हैं। इससे किसानों को इस सीजन में भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
नाहन विकास खंड के गौंत गांव के किसानों ने बताया कि उन्होंने अच्छी पैदावार की उम्मीद में पौध तैयार करने और खेतों की तैयारी पर हजारों रुपये खर्च किए थे, लेकिन समय पर बारिश नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण तपेंद्र ठाकुर, श्रवण कुमार, बलिंद्र सिंह और हुनर सिंह ने बताया कि टमाटर और शिमला मिर्च की फसल लगातार सूखने लगी है। शिमला मिर्च के पौधे झुलस रहे हैं, जबकि अदरक, हरा धनिया और बीन की फसल की बढ़वार भी रुक गई है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से पौधों का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि टमाटर, शिमला मिर्च और धनिया जैसी नकदी फसलें अधिकांश किसानों की खेती वर्षा पर निर्भर है। सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में लगातार सूखे जैसे हालात किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसल मक्की की बुवाई भी प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर बीज अंकुरित ही नहीं हो पाए हैं। जहां अंकुरण हुआ है, वहां पौधे सूखने लगे हैं। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। केवल गौंत गांव ही नहीं, बल्कि धारटीधार क्षेत्र के सराहां, जमटा, पंजाहल और सैनधार सहित कई इलाकों में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं। किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग से प्रभावित किसानों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो इस बार नकदी फसलों से होने वाली आमदनी पर बड़ा असर पड़ेगा।
कृषि विभाग सिरमौर के उपनिदेशक डॉ. साहब सिंह ने बताया कि जिले के जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बारिश की कमी का असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल विभाग के पास बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।--
विज्ञापन
टमाटर, शिमला मिर्च, धनिया, बीन की फसल बुरी तरह प्रभावित
संवाद न्यूज़ एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। मानसून की सुस्त चाल ने सिरमौर जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले के धारटीधार क्षेत्र सहित कई इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से नकदी फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। खेतों में नमी की कमी के कारण टमाटर, शिमला मिर्च, अदरक, हरा धनिया और बीन की फसलें प्रभावित हो रही हैं।
मक्की की फसल भी बारिश के अभाव में या तो उग नहीं पाई है या फिर जहां उगी हैं, वहां सूखने लगी हैं। इससे किसानों को इस सीजन में भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
विज्ञापन
नाहन विकास खंड के गौंत गांव के किसानों ने बताया कि उन्होंने अच्छी पैदावार की उम्मीद में पौध तैयार करने और खेतों की तैयारी पर हजारों रुपये खर्च किए थे, लेकिन समय पर बारिश नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीण तपेंद्र ठाकुर, श्रवण कुमार, बलिंद्र सिंह और हुनर सिंह ने बताया कि टमाटर और शिमला मिर्च की फसल लगातार सूखने लगी है। शिमला मिर्च के पौधे झुलस रहे हैं, जबकि अदरक, हरा धनिया और बीन की फसल की बढ़वार भी रुक गई है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से पौधों का विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि टमाटर, शिमला मिर्च और धनिया जैसी नकदी फसलें अधिकांश किसानों की खेती वर्षा पर निर्भर है। सिंचाई के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में लगातार सूखे जैसे हालात किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं।
किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की प्रमुख फसल मक्की की बुवाई भी प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर बीज अंकुरित ही नहीं हो पाए हैं। जहां अंकुरण हुआ है, वहां पौधे सूखने लगे हैं। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। केवल गौंत गांव ही नहीं, बल्कि धारटीधार क्षेत्र के सराहां, जमटा, पंजाहल और सैनधार सहित कई इलाकों में भी इसी तरह के हालात बने हुए हैं। किसानों ने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग से प्रभावित किसानों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो इस बार नकदी फसलों से होने वाली आमदनी पर बड़ा असर पड़ेगा।
कृषि विभाग सिरमौर के उपनिदेशक डॉ. साहब सिंह ने बताया कि जिले के जिन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बारिश की कमी का असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल विभाग के पास बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी।

बनेठी पंचायत के गौंत गांव में बारिश न होने से प्रभावित हुई शिमला मिर्च की फसल। संवाद

बनेठी पंचायत के गौंत गांव में बारिश न होने से प्रभावित हुई शिमला मिर्च की फसल। संवाद