पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   Nihang groups returned to Punjab released on bail in the Karnaprayag case.

Sirmaur: कर्णप्रयाग मामले में जमानत पर रिहा निहंगों के साथ पंजाब लौटीं जत्थेबंदियां, सीमा पर सामान्य हुए हालात

Mon, 29 Jun 2026 01:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सिरमौर
अमर उजाला नेटवर्क, सिरमौर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 29 Jun 2026 01:23 AM IST
सार

इसके साथ ही पिछले तीन दिन से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बना तनावपूर्ण माहौल सामान्य हो गया है।

विज्ञापन
Nihang groups returned to Punjab released on bail in the Karnaprayag case.
पांवटा हाईवे पर निहंग, फाइल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में मारपीट के मामले में गिरफ्तार चार निहंगों को जमानत मिलने के बाद रविवार तड़के पंजाब से पहुंचीं निहंग सिंह जत्थेबंदियां उन्हें अपने साथ लेकर लौट गईं। इसके साथ ही पिछले तीन दिन से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बना तनावपूर्ण माहौल सामान्य हो गया है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात जमानत पर रिहा हुए तीन निहंग गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे, जहां पहले से मौजूद जत्थेबंदियों ने उनका स्वागत किया। एक घायल निहंग का उपचार ऋषिकेश एम्स में चल रहा है। रविवार सुबह सभी जत्थेबंदियां रिहा निहंगों को साथ लेकर पंजाब के लिए रवाना हो गईं।
विज्ञापन


गौरतलब है कि 16 जून को उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया था। मारपीट के दौरान तलवार से हमला करने के आरोप में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के कुछ दिन बाद कुछ निहंगों ने रुद्रप्रयाग स्थित नागरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर विरोध जताया और आरोप लगाया कि कार्रवाई एकतरफा की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मामला तूल पकड़ने पर उत्तराखंड सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू की। इसी बीच पंजाब की निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने 25 जून को हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड कूच करने का ऐलान किया। 150 से अधिक निहंग पांवटा साहिब पहुंचे, जहां प्रशासन और जत्थेबंदियों के बीच वार्ता का दौर चला। शुरुआती बातचीत विफल रहने के बाद कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड में प्रवेश कर गए थे, हालांकि देर रात प्रशासन के साथ बैठक के बाद वे पांवटा साहिब लौट आए।

इसके बाद लगातार बातचीत जारी रही और प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा था। शनिवार को अदालत से चारों आरोपियों को जमानत मिलने के बाद विवाद शांत हो गया और रविवार को सभी जत्थेबंदियां पंजाब लौट गईं।

गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब प्रबंधन कमेटी के उपप्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर तनाव का माहौल था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है।उन्होंने कहा कि जमानत मिलने के बाद निहंग सिंह शनिवार रात गुरुद्वारा पहुंचे और रविवार सुबह सभी जत्थेबंदियां पंजाब के लिए रवाना हो गईं।

पंजाब से पहुंचे निहंग सिंह जत्थेबंदियों में शामिल बाबा गोरा सिंह और बाबा लच्छा सिंह ने कहा कि गिरफ्तार निहंगों की रिहाई को लेकर निकाला गया मार्च सफल रहा। उन्होंने बताया कि जमानत मिलने के बाद सभी निहंग सुरक्षित गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे और अब पूरा मामला शांत हो चुका है।

यूकेडी नेता पर जीरो एफआईआर, जांच के लिए देहरादून भेजा मामला
सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले कथित बयान देने के आरोप में उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी के खिलाफ पांवटा साहिब में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि मामला उत्तराखंड से जुड़ा है, इसलिए आगामी जांच के लिए एफआईआर को देहरादून के संबंधित थाना भेज दिया गया है।

पांवटा साहिब के सूरजपुर निवासी परमजीत सिंह बंगा ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि आशीष नेगी लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। शिकायत के अनुसार, आशीष नेगी ने कथित तौर पर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर कहा कि हम स्वर्ण मंदिर पर दोबारा भी हमला कर सकते हैं और ब्लू स्टार ऑपरेशन याद करवा दूंगा।

शिकायतकर्ता का कहना है कि हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) सिख धर्म का सर्वोच्च एवं पवित्र धार्मिक स्थल है, जहां सभी धर्मों के लोग श्रद्धापूर्वक माथा टेकते हैं। ऐसे पवित्र स्थल के संबंध में इस प्रकार की टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि समाज में तनाव का माहौल भी पैदा कर सकती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आशीष नेगी सिख समुदाय के लोगों को बिना किसी आधार के खालिस्तानी कहकर संबोधित कर रहे हैं।

परमजीत सिंह बंगा ने शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि पांवटा साहिब से प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में सिख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए उत्तराखंड से होकर गुजरते हैं। ऐसे कथित भड़काऊ एवं धमकीपूर्ण बयानों से श्रद्धालुओं में भय और असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो गया है।


सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि घटना और आरोप उत्तराखंड क्षेत्र से संबंधित हैं, इसलिए मामले की आगामी जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए एफआईआर को देहरादून के संबंधित थाना भेज दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed