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Sirmour News: इटरनल विवि की फूड टेस्टिंग लैब और ग्रामीण कृषि विकास में योगदान को सराहा
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इटर विवि की फूड टेस्टिंग के निरीक्षण के बाद फूड कमीशन के चेयरमैन डॉ. एसपी कट्याल और विवि के पद
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-खाद्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती, समयबद्ध रिपोर्ट से उपभोक्ताओं को होगा लाभ
-निरीक्षण के बाद बोले, प्रदेश सरकार के खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कट्याल
संवाद समाचार एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सरकार के खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कट्याल ने इटरनल विश्वविद्यालय में भारत सरकार के सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब की सराहना की है। हाल ही में विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला राज्य में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. कट्याल ने प्रयोगशाला में स्थापित आधुनिक परीक्षण मशीनों, अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी विशेषज्ञों की ओर किए जा रहे नमूना परीक्षण और सत्यापन कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह प्रयोगशाला पूरे प्रदेश के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए इस तरह की प्रयोगशालाओं की आवश्यकता है।
यह पहल प्रत्येक जिले में फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने के खाद्य आयोग के प्रयासों को भी बल प्रदान करेगी। उन्होंने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी शैक्षणिक संस्थान के इस योगदान को सराहनीय बताया। डॉ. कट्याल ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में फूड टेस्टिंग प्रयोगशालाओं की संख्या सीमित होने के कारण खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में नई प्रयोगशाला समयबद्ध और सटीक रिपोर्ट उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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इसके अलावा विवि के ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की गई। विश्वविद्यालय नई फसल किस्मों पर अनुसंधान, रासायनिक कीटनाशकों के सीमित उपयोग के प्रति जागरूकता तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रहा है। खाद्य आयोग अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रयास राज्य सरकार की जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने की नीति के अनुरूप हैं और इससे किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।
-निरीक्षण के बाद बोले, प्रदेश सरकार के खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कट्याल
संवाद समाचार एजेंसी
राजगढ़ (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश सरकार के खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कट्याल ने इटरनल विश्वविद्यालय में भारत सरकार के सहयोग से स्थापित अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब की सराहना की है। हाल ही में विश्वविद्यालय के दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला राज्य में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
निरीक्षण के दौरान डॉ. कट्याल ने प्रयोगशाला में स्थापित आधुनिक परीक्षण मशीनों, अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी विशेषज्ञों की ओर किए जा रहे नमूना परीक्षण और सत्यापन कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने विश्वास जताया कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह प्रयोगशाला पूरे प्रदेश के लिए उपयोगी साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेशवासियों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए इस तरह की प्रयोगशालाओं की आवश्यकता है।
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यह पहल प्रत्येक जिले में फूड टेस्टिंग लैब स्थापित करने के खाद्य आयोग के प्रयासों को भी बल प्रदान करेगी। उन्होंने जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी शैक्षणिक संस्थान के इस योगदान को सराहनीय बताया। डॉ. कट्याल ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में फूड टेस्टिंग प्रयोगशालाओं की संख्या सीमित होने के कारण खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में नई प्रयोगशाला समयबद्ध और सटीक रिपोर्ट उपलब्ध कराकर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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इसके अलावा विवि के ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की गई। विश्वविद्यालय नई फसल किस्मों पर अनुसंधान, रासायनिक कीटनाशकों के सीमित उपयोग के प्रति जागरूकता तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रहा है। खाद्य आयोग अध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रयास राज्य सरकार की जैविक कृषि को प्रोत्साहित करने की नीति के अनुरूप हैं और इससे किसानों के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिल रहा है।