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Himachal: चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध को मिलेगा बढ़ावा, डायग्नोस्टिक सेवाएं होंगी सुदृढ़

Fri, 07 Aug 2026 03:52 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 07 Aug 2026 03:52 PM IST
सार

स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। 

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Himachal: Research in medical colleges will be promoted, diagnostic services will be strengthened.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने अधिकारियों के साथ बैठक की। - फोटो : संवाद

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध को बढ़ावा देने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में एक समर्पित शोध विभाग स्थापित किया जाएगा, जिसे बाद में राज्य के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि मरीजों को समय पर और सटीक जांच सुविधाएं मिलने से उनका शीघ्र उपचार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने मरीजों के लिए एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे जैसी जांच बिना किसी प्रतीक्षा अवधि के तत्काल उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए।

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 सुक्खू ने अस्पतालों में ही रक्त जांच की सुविधा पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तीन चिकित्सा महाविद्यालयों अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज, चमियाना, आईजीएमसी शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज में स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इन प्रयोगशालाओं में एक ही रक्त नमूने से एक साथ कई प्रकार के टेस्ट करवाने की सुविधा मिलेगी। इन प्रयोगशालाओं में आवश्यक मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना के उन्नयन के लिए धन की कोई कमी नहीं है और प्रदेश सरकार चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बेहतर गुणवत्ता और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दवाइयों की खरीद सीधे दवा निर्माण कंपनियों से करने पर भी विचार कर रही है।

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इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों तथा अन्य चिकित्सा एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध करवाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। सुक्खू ने कहा कि राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों और चिकित्सकों के साथ किए गए संवाद के आधार पर चिकित्सा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इन सुझावों को सुधार प्रक्रिया में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों का दौरा कर चिकित्सकों और शिक्षकों से संवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ बनाना तथा प्रदेशवासियों को राज्य के भीतर ही विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। बैठक में विधायक कुलदीप राठौर और हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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