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Sirmour News: किसानों के मुद्दों पर 10 अगस्त को सड़कों पर उतरेगी किसान सभा

Sat, 01 Aug 2026 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:58 PM IST
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kisan sabha meeting in nahan
-नाहन में जिला स्तरीय बैठक, प्रस्तावित आंदोलन को लेकर तैयार की रणनीति
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-भूमिहीन परिवारों को पांच बीघा भूमि और दूध संग्रहण केंद्र बढ़ाने की उठाई आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी

नाहन (सिरमौर)। हिमाचल किसान सभा की जिला स्तरीय बैठक शनिवार को नाहन में आयोजित हुई। बैठक में किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही 10 अगस्त को देशभर में प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला सिरमौर सहित प्रदेशभर में किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे और सरकार का ध्यान किसानों और मजदूरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करेंगे।
हिमाचल किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने किसानों से कई महत्वपूर्ण वादे किए थे लेकिन आज तक उन्हें पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को वादे के अनुरूप कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी फसलों का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिसके चलते किसान संगठनों को फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है।
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राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि मनरेगा में किए गए बदलावों का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ेगा। किसान सभा की मांग है कि मनरेगा के तहत मजदूरों को वर्ष में कम से कम 200 दिनों का रोजगार सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दुग्ध उत्पादकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दूध संग्रहण केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए। इसके साथ ही मौजूदा केंद्रों में आधुनिक मशीनरी उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को अपने उत्पाद का उचित लाभ मिल सके और दुग्ध व्यवसाय को बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि हिमाचल में चार लाख से अधिक परिवार ऐसे हैं, जिनके पास अपनी खेती योग्य भूमि नहीं है। किसान सभा ने मांग की है कि ऐसे भूमिहीन परिवारों को पांच बीघा भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे खेती कर आत्मनिर्भर बन सकें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो।

उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर 10 अगस्त को देशभर के साथ हिमाचल प्रदेश में भी किसान सभा आंदोलन करेगी। इसके लिए जिला स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने किसानों, खेत मजदूरों और आम लोगों से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।-----
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