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Sirmour News: 15 मई 2003 से पहले नियुक्त कर्मियों का डाटा जुटाने के आदेश
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प्रदेश अध्यक्ष बोले, सरकार का 4000 करोड़ रुपये लौटने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मायाराम शर्मा ने 15 मई 2003 से पहले नियुक्त कर्मचारियों का एनपीएस में जमा पैसा वापिस करने और उन्हें सीसीएस रूल्स 1972 के तहत पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और सराहनीय निर्णय बताया है, जिससे प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष मायाराम शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे। इसके तहत 15 मई 2003 से पहले नियुक्त कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के दायरे में आ सकते हैं और उनका एनपीएस में जमा पैसा भी वापिस मिल सकता है। इसी संदर्भ में संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मुलाकात कर इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। इस फैसले से एनपीएस खाते में जमा लगभग 4,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वापस आने की उम्मीद जगी है। इसमें हिमाचल सरकार द्वारा जमा किया गया 14 प्रतिशत हिस्सा और कर्मचारियों का काटा गया 10 प्रतिशत अंशदान शामिल है। कर्मचारी लंबे समय से सरकार और संबंधित विभागों से लगातार मांग कर रहे थे कि प्रभावित कर्मियों का डाटा एकत्रित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए, ताकि पैसे की वापसी का रास्ता साफ हो सके।
कर्मचारियों की इस जायज और प्रमुख मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मुख्यमंत्री ने 15 मई 2003 से पहले नियुक्त सभी कर्मचारियों का डाटा एकत्रित करने के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं। इस सरकारी आदेश में साफ किया गया है कि नियुक्ति का प्रकार चाहे जो भी रहा हो, विभिन्न पॉलिसियों के तहत नियुक्त सभी अध्यापक और कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। इस पूरे मामले में सबसे खास और राहत की बात यह है कि जिन मामलों में नियुक्ति की प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले केवल विज्ञापित भी हुई थी और नियुक्तियां बाद में हुईं, वे कर्मचारी भी इस दायरे में शामिल होकर पुरानी पेंशन का लाभ उठा सकेंगे।-- -- -- --
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मायाराम शर्मा ने 15 मई 2003 से पहले नियुक्त कर्मचारियों का एनपीएस में जमा पैसा वापिस करने और उन्हें सीसीएस रूल्स 1972 के तहत पुरानी पेंशन योजना के दायरे में लाने के फैसले का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक और सराहनीय निर्णय बताया है, जिससे प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष मायाराम शर्मा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे। इसके तहत 15 मई 2003 से पहले नियुक्त कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के दायरे में आ सकते हैं और उनका एनपीएस में जमा पैसा भी वापिस मिल सकता है। इसी संदर्भ में संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से मुलाकात कर इस मांग को प्रमुखता से उठाया था। इस फैसले से एनपीएस खाते में जमा लगभग 4,000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वापस आने की उम्मीद जगी है। इसमें हिमाचल सरकार द्वारा जमा किया गया 14 प्रतिशत हिस्सा और कर्मचारियों का काटा गया 10 प्रतिशत अंशदान शामिल है। कर्मचारी लंबे समय से सरकार और संबंधित विभागों से लगातार मांग कर रहे थे कि प्रभावित कर्मियों का डाटा एकत्रित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए, ताकि पैसे की वापसी का रास्ता साफ हो सके।
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कर्मचारियों की इस जायज और प्रमुख मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए मुख्यमंत्री ने 15 मई 2003 से पहले नियुक्त सभी कर्मचारियों का डाटा एकत्रित करने के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं। इस सरकारी आदेश में साफ किया गया है कि नियुक्ति का प्रकार चाहे जो भी रहा हो, विभिन्न पॉलिसियों के तहत नियुक्त सभी अध्यापक और कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे। इस पूरे मामले में सबसे खास और राहत की बात यह है कि जिन मामलों में नियुक्ति की प्रक्रिया 15 मई 2003 से पहले केवल विज्ञापित भी हुई थी और नियुक्तियां बाद में हुईं, वे कर्मचारी भी इस दायरे में शामिल होकर पुरानी पेंशन का लाभ उठा सकेंगे।
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