{"_id":"69c53aceb6a606ae9502f871","slug":"piligrimages-in-temple-nahan-news-c-177-1-ssml1028-175003-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirmour News: अष्टमी पर माता बाला सुंदरी मंदिर में 28 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour News: अष्टमी पर माता बाला सुंदरी मंदिर में 28 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
विज्ञापन
अष्टमी पर माता बाला सुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में पूजा अर्चना, हवन और कंजक पूजन करते हुए एसडीएम।
विज्ञापन
मध्यरात्रि दो बजे से ही मंदिर के बाहर लगनी शुरू हो गई थीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। त्रिलोकपुर में माता बाला सुंदरी मंदिर में वीरवार को दुर्गा अष्टमी और रामनवमी पर 28000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। चैत्र मास शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पूर्वाह्न 11:48 बजे तक होने के कारण कंजक पूजन सुबह ही कर लिया गया। मंदिर न्यास समिति के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम राजीव संख्यान ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना, हवन यज्ञ और कंजक पूजन किया। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने भी दुर्गा अष्टमी पर मंदिर में कंजक पूजन किया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि मध्यरात्रि करीब 2:00 बजे से ही मंदिर के प्रवेश द्वार के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। इसी के मद्देनजर मंदिर के प्रवेश द्वार मध्यरात्रि को ही खोलने पड़े।
त्रिलोकपुर में आयोजित नवरात्र मेले में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों पानीपत, सोनीपत, करनाल, जींद, हिसार, रोहतक, यमुनानगर, सहारनपुर, विकासनगर, अंबाला, कैथल पंचकुला, डेराबस्सी, पिहोवा से पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर बाजार तक लंबी कतारें दिनभर लगी रहीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। शाम को करीब 6:15 बजे शिव मंदिर ताल में महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों सहित भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
मंदिर न्यास समिति के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि अष्टमी तिथि को मंदिर न्यास समिति को 10,94,000 रुपए नकदी, 6 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना, 4325 ग्राम चांदी चढ़ावा चढ़ा। मंदिर में 28000 श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। त्रिलोकपुर में माता बाला सुंदरी मंदिर में वीरवार को दुर्गा अष्टमी और रामनवमी पर 28000 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। चैत्र मास शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि पूर्वाह्न 11:48 बजे तक होने के कारण कंजक पूजन सुबह ही कर लिया गया। मंदिर न्यास समिति के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम राजीव संख्यान ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना, हवन यज्ञ और कंजक पूजन किया। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने भी दुर्गा अष्टमी पर मंदिर में कंजक पूजन किया और माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। बताया जा रहा है कि मध्यरात्रि करीब 2:00 बजे से ही मंदिर के प्रवेश द्वार के बाहर श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। इसी के मद्देनजर मंदिर के प्रवेश द्वार मध्यरात्रि को ही खोलने पड़े।
त्रिलोकपुर में आयोजित नवरात्र मेले में सबसे ज्यादा श्रद्धालु पड़ोसी राज्यों के प्रमुख शहरों पानीपत, सोनीपत, करनाल, जींद, हिसार, रोहतक, यमुनानगर, सहारनपुर, विकासनगर, अंबाला, कैथल पंचकुला, डेराबस्सी, पिहोवा से पहुंचे। मंदिर के प्रवेश द्वार से लेकर बाजार तक लंबी कतारें दिनभर लगी रहीं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। शाम को करीब 6:15 बजे शिव मंदिर ताल में महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों सहित भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिर न्यास समिति के संयुक्त आयुक्त एवं एसडीएम नाहन राजीव संख्यान ने बताया कि अष्टमी तिथि को मंदिर न्यास समिति को 10,94,000 रुपए नकदी, 6 ग्राम 500 मिलीग्राम सोना, 4325 ग्राम चांदी चढ़ावा चढ़ा। मंदिर में 28000 श्रद्धालुओं ने मंदिर में माथा टेका।