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Sirmour News: जिले में बारिश का कहर<bha>;</bha> मात्तर में 55 बच्चे-शिक्षक फंसे, 13 सड़कें बंद
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अग्निशमन और गृह रक्षा विभाग के 15 जवानों ने किया रेस्क्यू
मात्तर में बरसाती खड्ड के उफान से दो स्कूलों के बच्चों को तीन घंटे तक हुई परेशानी
कच्ची ढांक में दलदल में ट्रक फंसने से पांवटा-शिलाई एनएच एक घंटे बंद, बांगरण-शमशेरगढ़ सड़क ढही
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं/सतौन/पुरुवाला (सिरमौर)। जिला सिरमौर में मंगलवार को मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। मात्तर में बरसाती खड्ड में अचानक भारी पानी आने से दो स्कूलों के 43 बच्चे और 12 शिक्षक करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। वहीं, कच्ची ढांक में चूना पत्थर से भरा ट्रक दलदल में फंसने से पांवटा-शिलाई एनएच-707 करीब एक घंटे तक बंद रहा। बारिश और भूस्खलन से जिले में 13 सड़कें और 30 पेयजल एवं सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
बरसाती खड्ड में फंसे 55 बच्चे और शिक्षक
मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे बरसाती खड्ड में भारी पानी आने से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मात्तर में 31 बच्चे और 10 शिक्षक तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला मात्तर में 12 बच्चे और दो शिक्षक फंस गए। सूचना मिलने पर प्रशासन ने अग्निशमन और गृह रक्षा विभाग के 15 जवानों को मौके पर भेजा। स्कूल तक जाने वाली सड़क बंद होने के कारण बचाव दल पैदल घटनास्थल तक पहुंचा। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके घर पहुंचाया गया।
एसडीएम राजीव सांख्यान ने बताया कि सूचना मिलते ही बचाव दल को मौके पर भेजा गया था। सड़क बंद होने के कारण टीम पैदल घटनास्थल तक पहुंची और बच्चों व शिक्षकों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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दलदल में फंसा ट्रक, एक घंटे बंद रहा एनएच
एनएच-707 बद्रीपुर-गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कच्ची ढांक में मंगलवार को चूना पत्थर से भरा ट्रक दलदल में फंस गया। ट्रक के सड़क पर पलटने का खतरा भी बना हुआ था। इसके चलते मार्ग पर करीब एक घंटे तक आवाजाही प्रभावित रही। जेसीबी की मदद से ट्रक को हटाकर सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया।
बांगरण-शमशेरगढ़ सड़क ढही
बांगरण-शमशेरगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने पिछले वर्ष की आपदा के जख्म फिर हरे कर दिए हैं। भूस्खलन के कारण लोक निर्माण विभाग की करीब एक किलोमीटर लंबी बांगरण-शमशेरगढ़ सड़क पूरी तरह ढह गई है। सड़क टूटने से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है और पैदल रास्ते भी जोखिम भरे हो गए हैं।
लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवार अभी पुराने नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे कि इस बार बारिश ने नई मुश्किल खड़ी कर दी है। घरों, आंगनों और खेतों के धंसने से लोगों को दोबारा संपत्ति और रास्तों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
पहाड़ीवाला स्कूल के चार कमरों में घुसा पानी
प्राथमिक स्कूल पहाड़ीवाला (भगानी) में मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बारिश और सड़क का पानी घुस गया। देखते ही देखते स्कूल के चारों कमरों में पानी भर गया। अचानक पानी आने से स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बच्चों व स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ी। एसएमसी अध्यक्ष वीना देवी, मुख्याध्यापिका रक्षा देवी और पंचायत प्रधान पृथ्वी चंद ने बताया कि सड़क की खराब हालत और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी स्कूल परिसर में घुसा। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही समय में चारों कमरों में पानी भर गया।
30 पेयजल और सिंचाई योजनाएं प्रभावित
भारी बारिश से जिले में पेयजल और सिंचाई योजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। जल शक्ति विभाग के अनुसार कुल 30 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें नौहराधार डिवीजन की 23 पेयजल और सात सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार विभाग को करीब 1.69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
भूस्खलन और मलबा आने से जिले में लोक निर्माण विभाग की 13 मुख्य और संपर्क सड़कें बंद हैं। इनमें संगड़ाह डिवीजन की तीन और नाहन डिवीजन की 10 सड़कें शामिल हैं। बारिश से लोक निर्माण विभाग को करीब 1.85 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती आकलन किया गया है।
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मात्तर में बरसाती खड्ड के उफान से दो स्कूलों के बच्चों को तीन घंटे तक हुई परेशानी
कच्ची ढांक में दलदल में ट्रक फंसने से पांवटा-शिलाई एनएच एक घंटे बंद, बांगरण-शमशेरगढ़ सड़क ढही
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं/सतौन/पुरुवाला (सिरमौर)। जिला सिरमौर में मंगलवार को मूसलाधार बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया। मात्तर में बरसाती खड्ड में अचानक भारी पानी आने से दो स्कूलों के 43 बच्चे और 12 शिक्षक करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। वहीं, कच्ची ढांक में चूना पत्थर से भरा ट्रक दलदल में फंसने से पांवटा-शिलाई एनएच-707 करीब एक घंटे तक बंद रहा। बारिश और भूस्खलन से जिले में 13 सड़कें और 30 पेयजल एवं सिंचाई योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
बरसाती खड्ड में फंसे 55 बच्चे और शिक्षक
मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे बरसाती खड्ड में भारी पानी आने से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मात्तर में 31 बच्चे और 10 शिक्षक तथा राजकीय प्राथमिक पाठशाला मात्तर में 12 बच्चे और दो शिक्षक फंस गए। सूचना मिलने पर प्रशासन ने अग्निशमन और गृह रक्षा विभाग के 15 जवानों को मौके पर भेजा। स्कूल तक जाने वाली सड़क बंद होने के कारण बचाव दल पैदल घटनास्थल तक पहुंचा। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके घर पहुंचाया गया।
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एसडीएम राजीव सांख्यान ने बताया कि सूचना मिलते ही बचाव दल को मौके पर भेजा गया था। सड़क बंद होने के कारण टीम पैदल घटनास्थल तक पहुंची और बच्चों व शिक्षकों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
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दलदल में फंसा ट्रक, एक घंटे बंद रहा एनएच
एनएच-707 बद्रीपुर-गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कच्ची ढांक में मंगलवार को चूना पत्थर से भरा ट्रक दलदल में फंस गया। ट्रक के सड़क पर पलटने का खतरा भी बना हुआ था। इसके चलते मार्ग पर करीब एक घंटे तक आवाजाही प्रभावित रही। जेसीबी की मदद से ट्रक को हटाकर सड़क को यातायात के लिए बहाल किया गया।
बांगरण-शमशेरगढ़ सड़क ढही
बांगरण-शमशेरगढ़ क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने पिछले वर्ष की आपदा के जख्म फिर हरे कर दिए हैं। भूस्खलन के कारण लोक निर्माण विभाग की करीब एक किलोमीटर लंबी बांगरण-शमशेरगढ़ सड़क पूरी तरह ढह गई है। सड़क टूटने से क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई है और पैदल रास्ते भी जोखिम भरे हो गए हैं।
लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवार अभी पुराने नुकसान से उबर भी नहीं पाए थे कि इस बार बारिश ने नई मुश्किल खड़ी कर दी है। घरों, आंगनों और खेतों के धंसने से लोगों को दोबारा संपत्ति और रास्तों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
पहाड़ीवाला स्कूल के चार कमरों में घुसा पानी
प्राथमिक स्कूल पहाड़ीवाला (भगानी) में मंगलवार दोपहर करीब डेढ़ बजे बारिश और सड़क का पानी घुस गया। देखते ही देखते स्कूल के चारों कमरों में पानी भर गया। अचानक पानी आने से स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बच्चों व स्टाफ को परेशानी झेलनी पड़ी। एसएमसी अध्यक्ष वीना देवी, मुख्याध्यापिका रक्षा देवी और पंचायत प्रधान पृथ्वी चंद ने बताया कि सड़क की खराब हालत और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी स्कूल परिसर में घुसा। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही समय में चारों कमरों में पानी भर गया।
30 पेयजल और सिंचाई योजनाएं प्रभावित
भारी बारिश से जिले में पेयजल और सिंचाई योजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। जल शक्ति विभाग के अनुसार कुल 30 योजनाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनमें नौहराधार डिवीजन की 23 पेयजल और सात सिंचाई योजनाएं शामिल हैं। शुरुआती आकलन के अनुसार विभाग को करीब 1.69 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
भूस्खलन और मलबा आने से जिले में लोक निर्माण विभाग की 13 मुख्य और संपर्क सड़कें बंद हैं। इनमें संगड़ाह डिवीजन की तीन और नाहन डिवीजन की 10 सड़कें शामिल हैं। बारिश से लोक निर्माण विभाग को करीब 1.85 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती आकलन किया गया है।