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Sirmour News: बारिश बनी आफत, सतौन में दो घंटे ठप रहा एनएच<bha>;</bha> 24 सड़कें बंद
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पांवटा-शिलाई एनएच सतौन के पास बंद होने से जाम में फंसी एंबुलेंस। स्रोत : वीडियो वेब
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जाम में मरीजों को ले जा रही दो 108 एंबुलेंस, बसों समेत दर्जनों वाहन फंसे
नाहन-कुमारहट्टी एनएच-907ए पर बनेठी के पास भी गिरे पत्थर, कुछ देर प्रभावित रही आवाजाही
पांवटा साहिब में 75.8 मिलीमीटर बारिश, बातामंडी में पक्का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
पीडब्ल्यूडी को 84.39 लाख रुपये की क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/शिलाई/रोनहाट/सतौन (सिरमौर)। जिले में रविवार रात से सोमवार तक हुई बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। जगह-जगह भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क सड़कों पर यातायात बाधित रहा।
पांवटा साहिब-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग पर सतौन के समीप ढाई मील में भूस्खलन के चलते करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। जाम में दो एंबुलेंस, सरकारी व निजी बसों समेत दर्जनों छोटे-बड़े वाहन फंस गए। बाद में एनएचएआई ने मशीनरी लगाकर मलबा हटाया और यातायात बहाल कराया।
सोमवार को सतौन के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को लेकर जा रही दो 108 एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। करीब दो घंटे बाद एनएचएआई की जेसीबी और अन्य मशीनरी ने मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया। हालांकि, मार्ग खुलने के बाद भी वाहनों की लंबी कतार के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई।
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उधर, नाहन-कुमारहट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर बनेठी के समीप भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क से मलबा हटाकर आवाजाही सामान्य करवाई।
जिले की 24 सड़कें बंद, 84.39 लाख का नुकसान
लगातार बारिश का असर जिले की ग्रामीण सड़कों पर भी पड़ा है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में 24 सड़कें बंद हैं। इनमें संगड़ाह मंडल की तीन, शिलाई मंडल की छह, नाहन मंडल की 11, राजगढ़ मंडल की दो और पांवटा साहिब मंडल की दो सड़कें शामिल हैं। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से विभाग को प्रारंभिक तौर पर 84.39 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बारिश से पांवटा साहिब उपमंडल के बातामंडी गांव में एक पक्का मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मकान मालिक को करीब दो हजार रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि जिले में किसी तरह की जनहानि या किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पांवटा में सर्वाधिक 75.8 मिमी बारिश
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार सोमवार को पांवटा साहिब में सबसे अधिक 75.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नौहराधार में 33, ददाहू में 20, राजगढ़ में 18, शिलाई में 10 और नाहन में पांच मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। संगड़ाह क्षेत्र में हल्की बारिश हुई।
एनएचएआई के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि सतौन के पास भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हुआ था। विभाग ने तत्काल मशीनरी मौके पर भेजकर मलबा हटाया और करीब दो घंटे बाद मार्ग यातायात के लिए खोल दिया। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की है।
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नाहन-कुमारहट्टी एनएच-907ए पर बनेठी के पास भी गिरे पत्थर, कुछ देर प्रभावित रही आवाजाही
पांवटा साहिब में 75.8 मिलीमीटर बारिश, बातामंडी में पक्का मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
पीडब्ल्यूडी को 84.39 लाख रुपये की क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/शिलाई/रोनहाट/सतौन (सिरमौर)। जिले में रविवार रात से सोमवार तक हुई बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। जगह-जगह भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क सड़कों पर यातायात बाधित रहा।
पांवटा साहिब-शिलाई राष्ट्रीय राजमार्ग पर सतौन के समीप ढाई मील में भूस्खलन के चलते करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। जाम में दो एंबुलेंस, सरकारी व निजी बसों समेत दर्जनों छोटे-बड़े वाहन फंस गए। बाद में एनएचएआई ने मशीनरी लगाकर मलबा हटाया और यातायात बहाल कराया।
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सोमवार को सतौन के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मरीजों को लेकर जा रही दो 108 एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। करीब दो घंटे बाद एनएचएआई की जेसीबी और अन्य मशीनरी ने मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया। हालांकि, मार्ग खुलने के बाद भी वाहनों की लंबी कतार के कारण लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई।
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उधर, नाहन-कुमारहट्टी राष्ट्रीय राजमार्ग-907ए पर बनेठी के समीप भी पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सड़क से मलबा हटाकर आवाजाही सामान्य करवाई।
जिले की 24 सड़कें बंद, 84.39 लाख का नुकसान
लगातार बारिश का असर जिले की ग्रामीण सड़कों पर भी पड़ा है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार जिले में 24 सड़कें बंद हैं। इनमें संगड़ाह मंडल की तीन, शिलाई मंडल की छह, नाहन मंडल की 11, राजगढ़ मंडल की दो और पांवटा साहिब मंडल की दो सड़कें शामिल हैं। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से विभाग को प्रारंभिक तौर पर 84.39 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बारिश से पांवटा साहिब उपमंडल के बातामंडी गांव में एक पक्का मकान भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार मकान मालिक को करीब दो हजार रुपये का नुकसान हुआ है। राहत की बात यह रही कि जिले में किसी तरह की जनहानि या किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
पांवटा में सर्वाधिक 75.8 मिमी बारिश
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार सोमवार को पांवटा साहिब में सबसे अधिक 75.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नौहराधार में 33, ददाहू में 20, राजगढ़ में 18, शिलाई में 10 और नाहन में पांच मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। संगड़ाह क्षेत्र में हल्की बारिश हुई।
एनएचएआई के अधिशासी अभियंता राकेश खंडूजा ने बताया कि सतौन के पास भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हुआ था। विभाग ने तत्काल मशीनरी मौके पर भेजकर मलबा हटाया और करीब दो घंटे बाद मार्ग यातायात के लिए खोल दिया। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और नदी-नालों के किनारे नहीं जाने की अपील की है।