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Sirmour News: मर्यादा पुरुषोतम भगवान राम की भक्ति में रंगा गाड्डा भूड्डी
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गाड्डा भूड्डी गांव में रामकथा के दौरान कथा व्यास को चौपाइयां भेंट करती सुनीता भारद्वाज। संवाद
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सचित्र--
संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सतीवाला पंचायत के गाड्डा भूड्डी में मां काली चामुंडा के पावन सानिध्य में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इस ज्ञान गंगा में न केवल भक्ति की बयार बही, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन दर्शन ने जन-जन के हृदय को भावुक कर दिया। कथा व्यास विरेश मैत्रेय की ओजस्वी वाणी और भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु घंटों तक झूमते रहे।
कथा के दौरान कथा व्यास ने प्रभु राम के वनवास प्रसंग का ऐसा मार्मिक वर्णन किया कि पंडाल में मौजूद हर आंख नम हो गई। उन्होंने केवट प्रसंग को विस्तार देते हुए बताया कि कैसे एक भक्त ने भगवान के चरण धोने के लिए हठ किया और अंतत: प्रभु को अपनी नाव में बिठाकर पार लगाया। वहीं, भरत मिलाप के दृश्य ने भाई-भाई के निस्वार्थ प्रेम की अनुपम मिसाल पेश की। व्यास जी ने कहा कि आज के युग में जहां संपत्ति के लिए विवाद होते हैं, वहीं श्री राम और भरत का प्रेम त्याग की पराकाष्ठा सिखाता है।
कथा में जब धनुष टूटने का प्रसंग आया, भगवान परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण के साथ उनके संवाद को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद, राम-सीता विवाह के प्रसंग में मिथिला की सखियों द्वारा बारात और दूल्हे राजा के साथ की गई मधुर ठिठोली ने माहौल को आनंदित कर दिया। प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि कैसे राम जी आगे चल रहे थे और बारात पीछे रह गई, जिसे देख मिथिला की नारियों ने परिहास के जरिए भक्ति का अनूठा रस घोला।
बजरंग बली की ओर से लंका दहन और विभीषण शरणागति के प्रसंगों के माध्यम से अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया। कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान हवन-पूर्णाहुति और अश्रुपूर्ण विदाई के साथ संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन अयोध्या वापसी और राम जन्मोत्सव के दौरान फूलों की वर्षा की गई। आयोजक पृथ्वी सिंह समेत सुनीता भारद्वाज ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन सात्विक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर समस्त ग्रामवासी और क्षेत्र के गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
-- -संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन (सिरमौर)। नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सतीवाला पंचायत के गाड्डा भूड्डी में मां काली चामुंडा के पावन सानिध्य में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन किया गया। इस ज्ञान गंगा में न केवल भक्ति की बयार बही, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन दर्शन ने जन-जन के हृदय को भावुक कर दिया। कथा व्यास विरेश मैत्रेय की ओजस्वी वाणी और भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु घंटों तक झूमते रहे।
कथा के दौरान कथा व्यास ने प्रभु राम के वनवास प्रसंग का ऐसा मार्मिक वर्णन किया कि पंडाल में मौजूद हर आंख नम हो गई। उन्होंने केवट प्रसंग को विस्तार देते हुए बताया कि कैसे एक भक्त ने भगवान के चरण धोने के लिए हठ किया और अंतत: प्रभु को अपनी नाव में बिठाकर पार लगाया। वहीं, भरत मिलाप के दृश्य ने भाई-भाई के निस्वार्थ प्रेम की अनुपम मिसाल पेश की। व्यास जी ने कहा कि आज के युग में जहां संपत्ति के लिए विवाद होते हैं, वहीं श्री राम और भरत का प्रेम त्याग की पराकाष्ठा सिखाता है।
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कथा में जब धनुष टूटने का प्रसंग आया, भगवान परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण के साथ उनके संवाद को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद, राम-सीता विवाह के प्रसंग में मिथिला की सखियों द्वारा बारात और दूल्हे राजा के साथ की गई मधुर ठिठोली ने माहौल को आनंदित कर दिया। प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि कैसे राम जी आगे चल रहे थे और बारात पीछे रह गई, जिसे देख मिथिला की नारियों ने परिहास के जरिए भक्ति का अनूठा रस घोला।
बजरंग बली की ओर से लंका दहन और विभीषण शरणागति के प्रसंगों के माध्यम से अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश दिया गया। कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान हवन-पूर्णाहुति और अश्रुपूर्ण विदाई के साथ संपन्न हुआ। कथा के अंतिम दिन अयोध्या वापसी और राम जन्मोत्सव के दौरान फूलों की वर्षा की गई। आयोजक पृथ्वी सिंह समेत सुनीता भारद्वाज ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन सात्विक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर समस्त ग्रामवासी और क्षेत्र के गण्यमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

गाड्डा भूड्डी गांव में रामकथा के दौरान कथा व्यास को चौपाइयां भेंट करती सुनीता भारद्वाज। संवाद