HP Fire Incident: मामा-भांजा सोने के लिए चले गए दूसरे गांव, बच गई जान; माघी पर्व की खुशियां मातम में बदलीं
सिरमौर जिले के लोग हरिपुरधार में हुए बस हादसे को भूले भी नहीं थे इसी बीच भीषण अग्निकांड में तीन बच्चों सहित 6 लोग जिंदा जल गए। घटना में विक्रम व सूजल जो कि रिश्ते में मामा-भांजा लगते हैं उनकी जान भगवान ने बचा ली। पढ़ें पूरी खबर...
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गिरिपार क्षेत्र में धूमधाम से मनाए जा रहे माघी पर्व के दौरान एक बार फिर भीषण हादसे ने लोगों को गमगीन कर दिया। हरिपुरधार में 9 जनवरी को निजी बस हादसे में मासूम बच्चों सहित 14 लोगों की मौत को लोग भूले भी नहीं थे कि वीरवार सुबह घंडूरी पंचायत के तलांगना गांव में भीषण अग्निकांड में तीन बच्चों सहित 6 लोग जिंदा जल गए। यहां दो बेटियां अपनी मां के घर माघी पर्व मनाने के लिए परिवार सहित पहुंची थीं। इंद्रा देवी का बेटा विक्रम और तृप्ता व नरेश का बेटा सूजल रात को खाना खाने के बाद दूसरे गांव में सोने के लिए चले गए। रिश्ते में दोनों मामा-भांजा के दूसरे गांव जाने से उनकी जान बच गई है।
जानकारी के गिरिपार क्षेत्रों के अलावा सीमावर्ती शिमला, उत्तराखंड में इन दिनों माघी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। लेकिन सिरमौर के लोगों को दो बड़े हादसों ने झकझोर कर रख दिया है। कविता पत्नी लोकेंद्र व तृप्ता पत्नी नरेश माघी पर्व पर अपनी मां इंद्रा देवी के घर परिवार के साथ पहुंची थीं। रात को घर में माघी पर्व पर जश्न का माहौल था। इस दौरान इंद्रा देवी, उसका बेटा विक्रम मेहमानों की आवभगत कर रहे थे। तृप्ता निवासी गांव टपरोली अपने पति नरेश व बेटे सूजल के साथ, जबकि कविता निवासी गांव विजर देवत, शिमला अपने पति लोकेंद्र, बेटियों कृतिका (5) व सारिका (13) तथा बेटे कृतिक (3) के साथ जश्न मना रहे थे।
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रात को करीब ढाई बजे इंद्रा देवी ने मकान में धुआं उठते हुए देखा। जैसे ही वह बाहर निकली और लोगों को बुलाने लगी तभी पूरे मकान को आग ने अपने आगोश में ले लिया। उसे अंदर मकान में सोए हुए अपनी बेटियों, दामाद व नातियों को बाहर निकालने का भी समय नहीं मिला। इस दौरान मकान में रखे गैस सिलिंडर फट गए और आग और भड़क गई। मौके पर तीन बच्चों कृतिका (5), सारिका (13) व कृतिक (3) सहित कविता, तृप्ता व नरेश जिंदा जल गए। लोकेंद्र को स्थानीय निवासी ने खिड़की से किसी तरह बाहर निकाला। वह बुरी तरह से झुलस गया है। गोशाला में बंधे पशु भी जिंदा जल गए।
जाको राखे साइयां मार सके न कोए... ये पंक्तियां विक्रम व सूजल पर सटीक बैठती हैं। जानकारी के अनुसार सूजल को क्रिकेट खेलने का काफी शौक है। रात को उसे पता चला कि साथ लगते गांव में क्रिकेट खेली जा रही है। ऐसे में वह अपने दोस्तों सहित सोने के लिए साथ लगते गांव चला गया। वहीं, विक्रम भी अपने संबंधियों के यहां रात को सोने के लिए चला गया था।
आग इतनी भयानक थी कि मौके पर मृतकों के अवशेष ही मिले हैं। बताया जा रहा है कि बच्चों के शव या अवशेष अभी नहीं मिल पा रहे हैं। जेसीबी मशीन की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची है। टीम अवशेषों की जांच कर रही है। इसके अलावा आग लगने के कारणों का भी टीम पता लगा रही है।