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Sirmour News: कर्णप्रयाग मामले में जमानत पर रिहा निहंगों के साथ पंजाब लौटी जत्थेबंदियां
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-पांवटा साहिब-उत्तराखंड सीमा पर तीन दिन से तनाव के हालात सामान्य हुए
-16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर निहंगों व स्थानीय लोगों में हुआ था विवाद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में मारपीट के मामले में गिरफ्तार चार निहंगों को जमानत मिलने के बाद रविवार तड़के पंजाब से पहुंची निहंग सिंह जत्थेबंदियां उन्हें अपने साथ लेकर लौट गईं। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बना तनावपूर्ण माहौल पूरी तरह सामान्य हो गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात जमानत पर रिहा हुए तीन निhंग गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे, जहां पहले से मौजूद जत्थेबंदियों ने उनका स्वागत किया। एक घायल निहंग का उपचार ऋषिकेश एम्स में चल रहा है। रविवार सुबह सभी जत्थेबंदियां रिहा निहंगों को साथ लेकर पंजाब के लिए रवाना हो गईं।
गौरतलब है कि 16 जून को उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया था। मारपीट के दौरान तलवार से हमला करने के आरोप में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के कुछ दिन बाद कुछ निहंगों ने रुद्रप्रयाग स्थित नागरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर विरोध जताया और आरोप लगाया कि कार्रवाई एकतरफा की जा रही है।
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मामला तूल पकड़ने पर उत्तराखंड सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू की। इसी बीच पंजाब की निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने 25 जून को हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड कूच करने का ऐलान किया। 150 से अधिक निहंग पांवटा साहिब पहुंचे, जहां प्रशासन और जत्थेबंदियों के बीच वार्ता का दौर चला। शुरुआती बातचीत विफल रहने के बाद कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड में प्रवेश कर गए थे, हालांकि देर रात प्रशासन के साथ बैठक के बाद वे पांवटा साहिब लौट आए।
इसके बाद लगातार बातचीत जारी रही और प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा था। शनिवार को अदालत से चारों आरोपियों को जमानत मिलने के बाद विवाद शांत हो गया और रविवार को सभी जत्थेबंदियां पंजाब लौट गईं।
-- इनसेट-1
तनाव पूरी तरह समाप्त : हरभजन सिंह
गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब प्रबंधन कमेटी के उपप्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर तनाव का माहौल था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जमानत मिलने के बाद निहंग सिंह शनिवार रात गुरुद्वारा पहुंचे और रविवार सुबह सभी जत्थेबंदियां पंजाब के लिए रवाना हो गईं।
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इनसेट-2
मार्च सफल रहा, अब मामला शांत : बाबा गोरा सिंह
पंजाब से पहुंचे निहंग सिंह जत्थेबंदियों में शामिल बाबा गोरा सिंह और बाबा लच्छा सिंह ने कहा कि गिरफ्तार निहंगों की रिहाई को लेकर निकाला गया मार्च सफल रहा। उन्होंने बताया कि जमानत मिलने के बाद सभी निहंग सुरक्षित गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे और अब पूरा मामला शांत हो चुका है।-- -- -- -- -- -- -
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-16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर निहंगों व स्थानीय लोगों में हुआ था विवाद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
पांवटा साहिब (सिरमौर)। उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में मारपीट के मामले में गिरफ्तार चार निहंगों को जमानत मिलने के बाद रविवार तड़के पंजाब से पहुंची निहंग सिंह जत्थेबंदियां उन्हें अपने साथ लेकर लौट गईं। इसके साथ ही पिछले तीन दिनों से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर बना तनावपूर्ण माहौल पूरी तरह सामान्य हो गया है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात जमानत पर रिहा हुए तीन निhंग गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे, जहां पहले से मौजूद जत्थेबंदियों ने उनका स्वागत किया। एक घायल निहंग का उपचार ऋषिकेश एम्स में चल रहा है। रविवार सुबह सभी जत्थेबंदियां रिहा निहंगों को साथ लेकर पंजाब के लिए रवाना हो गईं।
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गौरतलब है कि 16 जून को उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में वाहन पार्किंग को लेकर निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया था। मारपीट के दौरान तलवार से हमला करने के आरोप में चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के कुछ दिन बाद कुछ निहंगों ने रुद्रप्रयाग स्थित नागरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़कर विरोध जताया और आरोप लगाया कि कार्रवाई एकतरफा की जा रही है।
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मामला तूल पकड़ने पर उत्तराखंड सरकार ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू की। इसी बीच पंजाब की निहंग सिंह जत्थेबंदियों ने 25 जून को हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड कूच करने का ऐलान किया। 150 से अधिक निहंग पांवटा साहिब पहुंचे, जहां प्रशासन और जत्थेबंदियों के बीच वार्ता का दौर चला। शुरुआती बातचीत विफल रहने के बाद कुछ निहंग बैरिकेड पार कर उत्तराखंड में प्रवेश कर गए थे, हालांकि देर रात प्रशासन के साथ बैठक के बाद वे पांवटा साहिब लौट आए।
इसके बाद लगातार बातचीत जारी रही और प्रशासन ने मामले के समाधान के लिए दो दिन का समय मांगा था। शनिवार को अदालत से चारों आरोपियों को जमानत मिलने के बाद विवाद शांत हो गया और रविवार को सभी जत्थेबंदियां पंजाब लौट गईं।
तनाव पूरी तरह समाप्त : हरभजन सिंह
गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब प्रबंधन कमेटी के उपप्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर तनाव का माहौल था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जमानत मिलने के बाद निहंग सिंह शनिवार रात गुरुद्वारा पहुंचे और रविवार सुबह सभी जत्थेबंदियां पंजाब के लिए रवाना हो गईं।
इनसेट-2
मार्च सफल रहा, अब मामला शांत : बाबा गोरा सिंह
पंजाब से पहुंचे निहंग सिंह जत्थेबंदियों में शामिल बाबा गोरा सिंह और बाबा लच्छा सिंह ने कहा कि गिरफ्तार निहंगों की रिहाई को लेकर निकाला गया मार्च सफल रहा। उन्होंने बताया कि जमानत मिलने के बाद सभी निहंग सुरक्षित गुरुद्वारा श्री पांवटा साहिब पहुंचे और अब पूरा मामला शांत हो चुका है।