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Solan News: एचआरटीसी के नालागढ़ में डिपो में 12 तकनीकी कर्मचारी के पद रिक्त
Mon, 03 Aug 2026 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:56 PM IST
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नालागढ़ के एचआरटीसी के वर्कशाप में रिपेयर के खड़ी बसें- संवाद।
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अभियान-3
लोहार और वेल्डर के पद खाली होने से हो रही है ज्यादा दिक्कत
एक साथ दो या तीन बसें मरम्मत के लिए आने पर करना पड़ता है इंतजार
तीन शिफ्टों में कर रहे 38 कर्मचारी काम, कर्मचारियों की कमी से काम का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़। एचआरटीसी के नालागढ़ डिपो में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। यहां 50 स्वीकृत पदों में से करीब एक दर्जन पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इस कमी के कारण बसों के रखरखाव और मरम्मत में गंभीर समस्याएं आ रही हैं।
डिपो की वर्कशॉप तीन शिफ्टों में काम करती है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ है। ब्लैक स्मिथ (लोहार) के तीन स्वीकृत पदों पर केवल एक ही कर्मचारी कार्यरत है। उसे तीनों शिफ्टों का काम देखना पड़ता है, जिससे कार्य प्रभावित होता है। वेल्डर के भी दो ही पद भरे हैं, जिससे एक शिफ्ट के लिए वेल्डर उपलब्ध नहीं होता। आपातकाल में वेल्डिंग के काम में दिक्कतें आती हैं। नालागढ़ डिपो में 53 बसें हैं, जो 153 रूटों पर कई चक्कर लगाती हैं। इन बसों के रखरखाव के लिए तीन दर्जन तकनीकी कर्मचारी तीनों शिफ्टों में तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी से खराब बसों को कई दिनों तक वर्कशॉप में खड़ा रखना पड़ता है। पुरानी बसों में अक्सर खराबी आती है, जिससे चालकों को बिना जांच के रूट पर जाना पड़ता है।
कर्मचारियों की समस्या
तकनीकी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि एक साथ कई बसें मरम्मत के लिए आती हैं। इन बसों को समय पर ठीक करना होता है ताकि उनके रूट फेल न हों। ब्लैक स्मिथ और वेल्डर के पद खाली होने से भारी परेशानी होती है। यह काम केवल विशेषज्ञ ही कर सकते हैं, जिससे दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
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प्रबंधन का प्रयास
चालक संघ के प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि कर्मचारी रिक्त पदों के बावजूद बसों की मरम्मत करते हैं। कर्मचारियों का प्रयास रहता है कि बसों को कम समय में ठीक किया जाए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। हालांकि, ज्यादा खराबी आने पर मरम्मत में काफी समय लगता है और रूट भी फेल हो जाते हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक अग्निहोत्री ने रिक्त पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है। उन्होंने बताया कि नई नियुक्ति होने पर नालागढ़ के लिए प्राथमिकता से मांग की जाएगी।
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लोहार और वेल्डर के पद खाली होने से हो रही है ज्यादा दिक्कत
एक साथ दो या तीन बसें मरम्मत के लिए आने पर करना पड़ता है इंतजार
तीन शिफ्टों में कर रहे 38 कर्मचारी काम, कर्मचारियों की कमी से काम का दबाव
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़। एचआरटीसी के नालागढ़ डिपो में तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। यहां 50 स्वीकृत पदों में से करीब एक दर्जन पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इस कमी के कारण बसों के रखरखाव और मरम्मत में गंभीर समस्याएं आ रही हैं।
डिपो की वर्कशॉप तीन शिफ्टों में काम करती है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ है। ब्लैक स्मिथ (लोहार) के तीन स्वीकृत पदों पर केवल एक ही कर्मचारी कार्यरत है। उसे तीनों शिफ्टों का काम देखना पड़ता है, जिससे कार्य प्रभावित होता है। वेल्डर के भी दो ही पद भरे हैं, जिससे एक शिफ्ट के लिए वेल्डर उपलब्ध नहीं होता। आपातकाल में वेल्डिंग के काम में दिक्कतें आती हैं। नालागढ़ डिपो में 53 बसें हैं, जो 153 रूटों पर कई चक्कर लगाती हैं। इन बसों के रखरखाव के लिए तीन दर्जन तकनीकी कर्मचारी तीनों शिफ्टों में तैनात हैं। कर्मचारियों की कमी से खराब बसों को कई दिनों तक वर्कशॉप में खड़ा रखना पड़ता है। पुरानी बसों में अक्सर खराबी आती है, जिससे चालकों को बिना जांच के रूट पर जाना पड़ता है।
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कर्मचारियों की समस्या
तकनीकी कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह ने बताया कि एक साथ कई बसें मरम्मत के लिए आती हैं। इन बसों को समय पर ठीक करना होता है ताकि उनके रूट फेल न हों। ब्लैक स्मिथ और वेल्डर के पद खाली होने से भारी परेशानी होती है। यह काम केवल विशेषज्ञ ही कर सकते हैं, जिससे दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
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प्रबंधन का प्रयास
चालक संघ के प्रधान सुरेंद्र कुमार ने कहा कि कर्मचारी रिक्त पदों के बावजूद बसों की मरम्मत करते हैं। कर्मचारियों का प्रयास रहता है कि बसों को कम समय में ठीक किया जाए ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। हालांकि, ज्यादा खराबी आने पर मरम्मत में काफी समय लगता है और रूट भी फेल हो जाते हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक विवेक अग्निहोत्री ने रिक्त पदों की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी है। उन्होंने बताया कि नई नियुक्ति होने पर नालागढ़ के लिए प्राथमिकता से मांग की जाएगी।
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