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Solan News: संघोई धार में प्रभावित लोग उपायुक्त से मिले, बताईं समस्याएं
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अवैध खनन, ब्लास्टिंग व रोजगार मुद्दे पर कार्रवाई की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। संघोई धार में चल रहा शांतिपूर्ण धरना बुधवार को 111वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि क्रमिक भूख हड़ताल भी लगातार जारी है। इस दौरान धार देवता सीमेंट प्रभावित जनकल्याण सोसायटी के पदाधिकारी एवं सदस्य उपायुक्त सोलन से मिले और सोसायटी के पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को धरने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए प्रभावित परिवारों की समस्याएं सांझा कीं।
सोसायटी ने अंबुजा अदानी सीमेंट कंपनी पर दबाव बनाने, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर व सिविल सूट दर्ज करने और कथित अवैध खनन और जानलेवा ब्लास्टिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। साथ ही दाड़लाघाट पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए। सोसायटी ने 6 दिसंबर 2025 को घुमारो गांव में हुई कथित जानलेवा ब्लास्टिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि इस मामले को प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण बैठकों में बदल दिया, जबकि तीन महीने बीतने के बावजूद प्रभावितों को कोई राहत नहीं मिली और न ही ब्लास्टिंग पर प्रभावी रोक लगाई गई। प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मांग की कि वे स्वयं मांगू, ग्याना, संघोई, सेवड़ा चंडी और कशलोग पंचायतों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
उपायुक्त सोलन ने आश्वासन दिया कि एडीसी के माध्यम से एक नई कमेटी गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच संतोषजनक नहीं रही तो वे स्वयं क्षेत्र का दौरा करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण धरना देना नागरिकों का वैधानिक अधिकार है। सोसायटी ने पूरे मामले में मजिस्ट्रेट जांच की मांग भी रखी, जिस पर उपायुक्त ने सहमति जताते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके अलावा सोसायटी ने उपायुक्त कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने अपनी मांगें रखीं। सोसायटी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, कंपनी के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए और मजिस्ट्रेट जांच शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
दाड़लाघाट (सोलन)। संघोई धार में चल रहा शांतिपूर्ण धरना बुधवार को 111वें दिन में प्रवेश कर गया, जबकि क्रमिक भूख हड़ताल भी लगातार जारी है। इस दौरान धार देवता सीमेंट प्रभावित जनकल्याण सोसायटी के पदाधिकारी एवं सदस्य उपायुक्त सोलन से मिले और सोसायटी के पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को धरने से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए प्रभावित परिवारों की समस्याएं सांझा कीं।
सोसायटी ने अंबुजा अदानी सीमेंट कंपनी पर दबाव बनाने, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर एफआईआर व सिविल सूट दर्ज करने और कथित अवैध खनन और जानलेवा ब्लास्टिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए। साथ ही दाड़लाघाट पुलिस और स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए। सोसायटी ने 6 दिसंबर 2025 को घुमारो गांव में हुई कथित जानलेवा ब्लास्टिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि इस मामले को प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण बैठकों में बदल दिया, जबकि तीन महीने बीतने के बावजूद प्रभावितों को कोई राहत नहीं मिली और न ही ब्लास्टिंग पर प्रभावी रोक लगाई गई। प्रतिनिधियों ने उपायुक्त से मांग की कि वे स्वयं मांगू, ग्याना, संघोई, सेवड़ा चंडी और कशलोग पंचायतों का दौरा कर वास्तविक स्थिति का आकलन करें और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
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उपायुक्त सोलन ने आश्वासन दिया कि एडीसी के माध्यम से एक नई कमेटी गठित कर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच संतोषजनक नहीं रही तो वे स्वयं क्षेत्र का दौरा करेंगे। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण धरना देना नागरिकों का वैधानिक अधिकार है। सोसायटी ने पूरे मामले में मजिस्ट्रेट जांच की मांग भी रखी, जिस पर उपायुक्त ने सहमति जताते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके अलावा सोसायटी ने उपायुक्त कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने अपनी मांगें रखीं। सोसायटी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, कंपनी के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए और मजिस्ट्रेट जांच शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।