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Solan News: बद्दी की धागा मिल पर प्रदूषण नियमों की अनदेखी के आरोप
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बिना कंसेंट टू ऑपरेट वेंडर को मिल रही थी एंट्री
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की एक प्रमुख धागा मिल पर प्रदूषण विभाग के नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार उद्योग परिसर से बॉयलर की राख ऐसे वेंडर के माध्यम से उठाई जा रही थी, जिसके पास आवश्यक कंसेंट टू ऑपरेट नहीं था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने उद्योग प्रबंधन से जवाब तलब किया है। बताया जा रहा है कि मामले के सामने आने के बाद उद्योग प्रबंधन ने संबंधित वेंडर को उद्योग से बाहर कर दिया है। अब प्रदूषण विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और नियमों के आधार पर वेंडर के साथ-साथ उद्योग के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में है। यहीं नहीं ठेकेदार राख को खुले में फेंक रहा था। नियम के अनुसार जहां पर राख फेंकी जाती है वहां पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही चहारदीवारी का होना जरूरी है लेकिन ठेकेदार खुले में इसे फेंक रहा था। जिससे आसपास प्रदूषण फैल रहा था।
प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार ने बताया कि उद्योग प्रबंधन ने विभाग को स्पष्ट किया है कि बिना कंसेंट टू ऑपरेट वाले किसी भी वेंडर को आगे उद्योग में कार्य नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित वेंडर के कार्यस्थल का भी निरीक्षण किया जाएगा। यदि जांच के दौरान पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितताएं पाई जाती हैं तो वेंडर और उद्योग दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी की एक प्रमुख धागा मिल पर प्रदूषण विभाग के नियमों की अनदेखी करने के आरोप लगे हैं। शिकायत के अनुसार उद्योग परिसर से बॉयलर की राख ऐसे वेंडर के माध्यम से उठाई जा रही थी, जिसके पास आवश्यक कंसेंट टू ऑपरेट नहीं था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने उद्योग प्रबंधन से जवाब तलब किया है। बताया जा रहा है कि मामले के सामने आने के बाद उद्योग प्रबंधन ने संबंधित वेंडर को उद्योग से बाहर कर दिया है। अब प्रदूषण विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और नियमों के आधार पर वेंडर के साथ-साथ उद्योग के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी में है। यहीं नहीं ठेकेदार राख को खुले में फेंक रहा था। नियम के अनुसार जहां पर राख फेंकी जाती है वहां पर पानी के छिड़काव की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही चहारदीवारी का होना जरूरी है लेकिन ठेकेदार खुले में इसे फेंक रहा था। जिससे आसपास प्रदूषण फैल रहा था।
प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार ने बताया कि उद्योग प्रबंधन ने विभाग को स्पष्ट किया है कि बिना कंसेंट टू ऑपरेट वाले किसी भी वेंडर को आगे उद्योग में कार्य नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित वेंडर के कार्यस्थल का भी निरीक्षण किया जाएगा। यदि जांच के दौरान पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितताएं पाई जाती हैं तो वेंडर और उद्योग दोनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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