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बघाट बैंक मामला : 1.30 करोड़ में बिकी चार डिफाल्टरों संपत्तियां
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12 डिफॉल्टरों की संपत्ति को नहीं मिले खरीदार
तीन सोलन और एक सिरमौर जिला की संपत्ति नीलाम, बैंक को मिली राहत
एनपीए घटकर 138 करोड़ से 109 करोड़ पहुंचा
शेष 12 संपत्तियों की जल्द होगी दोबारा नीलामी
45 डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
कर्ज वसूली के लिए कार्रवाई तेज, जल्द आएगी आरबीआई की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सहायक पंजीयक की अदालत के आदेशों के बाद बघाट बैंक ने बुधवार को 16 डिफाल्टरों की संपत्तियों को ऑनलाइन नीलामी के लिए रखा। इनमें सोलन के साथ-साथ सिरमौर जिले के बड़े डिफाल्टर भी शामिल थे, जिन पर करोड़ों रुपये की देनदारी है।
नीलामी के दौरान चार संपत्तियों के लिए खरीदार सामने आए और करीब 1.30 करोड़ रुपये में ये संपत्तियां बिक गईं। इनमें तीन संपत्तियां सोलन जिले की और एक सिरमौर जिले की शामिल है। सिरमौर के लाना कसार में करीब 17 बीघा भूमि की सबसे बड़ी संपत्ति की बिक्री हुई। इसके अलावा सोलन के गन की सेर में 34 बिस्वा, दोलग में 8 बिस्वा और करगाणू में 14 बिस्वा का प्लॉट भी नीलाम हुआ।
इन संपत्तियों की बिक्री से बैंक को राहत मिली है। इससे पहले चार बार नीलामी के प्रयासों में बहुत कम संपत्तियां बिक पाई थीं। इस बार एक साथ चार बड़ी संपत्तियों के बिकने से बैंक के एनपीए में कमी आने की उम्मीद है। बोलीदाताओं ने 10 प्रतिशत राशि पहले ही जमा करवा दी है, जबकि 15 प्रतिशत राशि 24 घंटे के भीतर और शेष 75 प्रतिशत राशि 15 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। पूरी राशि मिलने के बाद ही बैंक दस्तावेज सौंपेगा। शेष 12 संपत्तियों की दोबारा नीलामी जल्द करवाई जाएगी।
बैंक का एनपीए 138 करोड़ रुपये से घटकर 109 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, लेकिन नकद वसूली कम होने के कारण नीलामी की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। गौरतलब है कि बैंक में 8 अक्तूबर को छह माह के लिए कैपिंग लगाई गई थी। इसका कार्यकाल 31 मार्च को पूरा हो रहा है। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक की टीम निरीक्षण करेगी। यदि एनपीए संतोषजनक पाया गया तो कैपिंग हटाई जा सकती है।
45 डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
18 और 19 मार्च को सहायक पंजीयक की अदालत में सुनवाई के दौरान 45 डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। इनकी सूची बैंक प्रबंधन ने एसपी सोलन को सौंप दी है। अब पुलिस जल्द ही इनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करेगी। ये वे डिफाल्टर हैं जो न तो पेशियों में उपस्थित हो रहे हैं और न ही बैंक का कर्ज चुका रहे हैं।
16 संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी में चार संपत्तियां करीब 1.30 करोड़ रुपये में बिकी हैं। शेष संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू की जाएगी।
-राजकुमार कश्यप, प्रबंध निदेशक, बघाट बैंक
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एनपीए घटकर 138 करोड़ से 109 करोड़ पहुंचा
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45 डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
कर्ज वसूली के लिए कार्रवाई तेज, जल्द आएगी आरबीआई की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सहायक पंजीयक की अदालत के आदेशों के बाद बघाट बैंक ने बुधवार को 16 डिफाल्टरों की संपत्तियों को ऑनलाइन नीलामी के लिए रखा। इनमें सोलन के साथ-साथ सिरमौर जिले के बड़े डिफाल्टर भी शामिल थे, जिन पर करोड़ों रुपये की देनदारी है।
नीलामी के दौरान चार संपत्तियों के लिए खरीदार सामने आए और करीब 1.30 करोड़ रुपये में ये संपत्तियां बिक गईं। इनमें तीन संपत्तियां सोलन जिले की और एक सिरमौर जिले की शामिल है। सिरमौर के लाना कसार में करीब 17 बीघा भूमि की सबसे बड़ी संपत्ति की बिक्री हुई। इसके अलावा सोलन के गन की सेर में 34 बिस्वा, दोलग में 8 बिस्वा और करगाणू में 14 बिस्वा का प्लॉट भी नीलाम हुआ।
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इन संपत्तियों की बिक्री से बैंक को राहत मिली है। इससे पहले चार बार नीलामी के प्रयासों में बहुत कम संपत्तियां बिक पाई थीं। इस बार एक साथ चार बड़ी संपत्तियों के बिकने से बैंक के एनपीए में कमी आने की उम्मीद है। बोलीदाताओं ने 10 प्रतिशत राशि पहले ही जमा करवा दी है, जबकि 15 प्रतिशत राशि 24 घंटे के भीतर और शेष 75 प्रतिशत राशि 15 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। पूरी राशि मिलने के बाद ही बैंक दस्तावेज सौंपेगा। शेष 12 संपत्तियों की दोबारा नीलामी जल्द करवाई जाएगी।
बैंक का एनपीए 138 करोड़ रुपये से घटकर 109 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, लेकिन नकद वसूली कम होने के कारण नीलामी की प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। गौरतलब है कि बैंक में 8 अक्तूबर को छह माह के लिए कैपिंग लगाई गई थी। इसका कार्यकाल 31 मार्च को पूरा हो रहा है। इसके बाद भारतीय रिजर्व बैंक की टीम निरीक्षण करेगी। यदि एनपीए संतोषजनक पाया गया तो कैपिंग हटाई जा सकती है।
45 डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
18 और 19 मार्च को सहायक पंजीयक की अदालत में सुनवाई के दौरान 45 डिफाल्टरों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। इनकी सूची बैंक प्रबंधन ने एसपी सोलन को सौंप दी है। अब पुलिस जल्द ही इनकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू करेगी। ये वे डिफाल्टर हैं जो न तो पेशियों में उपस्थित हो रहे हैं और न ही बैंक का कर्ज चुका रहे हैं।
16 संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी में चार संपत्तियां करीब 1.30 करोड़ रुपये में बिकी हैं। शेष संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू की जाएगी।
-राजकुमार कश्यप, प्रबंध निदेशक, बघाट बैंक