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Solan News: नौणी विवि में स्थापित होगा बायर लर्निंग सेंटर उद्योग व अकादमिक सहयोग को मिलेगी मजबूती
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नौणी विवि व बायर क्रॉप साइंस कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय और कृषि व स्वास्थ्य क्षेत्र की वैश्विक कंपनी बायर क्रॉप साइंस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत विवि परिसर में बायर लर्निंग सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देना और उन्नत कृषि तकनीकों का संयुक्त प्रदर्शन करना है। समझौता ज्ञापन पर विवि के कुलपति डॉ. एचएस बवेजा और बायर क्रॉप साइंस इंडिया के क्लस्टर कमर्शियल लीड डॉ. मोहन बाबू राजाराम ने हस्ताक्षर किए।
यह केंद्र विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को मजबूत करेगा और उन्हें अनुभवी पेशेवरों के मार्गदर्शन में इंटर्नशिप व व्यावसायिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। इस केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीक और वैज्ञानिक ज्ञान पहुंचाया जाएगा। विवि और बायर के सहयोग से बीएलसी स्थल पर एक्सपोजर विजिट, फील्ड डे और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोनों संस्थान मिलकर उन्नत कृषि तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार के साथ-साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करेंगे।
नौणी विवि अपने फार्मों पर बीएलसी गतिविधियों के संचालन के लिए स्थान और सहयोग प्रदान करेगा। कंपनी प्रदर्शन गतिविधियों के लिए आवश्यक सभी सामग्री मुफ्त उपलब्ध कराएगी। संचालन और रखरखाव के लिए कुशल श्रमिकों का खर्च भी कंपनी उठाएगी। इसके अलावा, बीएलसी के प्रबंधन में सक्रिय छात्रों को प्रोत्साहन राशि और छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।
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विवि के कुलपति डॉ. एच.एस. बवेजा ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि यह साझेदारी विश्व की अग्रणी फसल विज्ञान कंपनियों में से एक के साथ संरचित एवं वित्तपोषित अनुसंधान सहयोग की शुरुआत है। बायर की वैज्ञानिक विशेषज्ञता और विवि का बागवानी व वानिकी ज्ञान मिलकर क्षेत्र के किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे। कार्यक्रम के दौरान अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य ने विवि की शोध और शिक्षण गतिविधियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विश्वविद्यालय और कृषि व स्वास्थ्य क्षेत्र की वैश्विक कंपनी बायर क्रॉप साइंस के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत विवि परिसर में बायर लर्निंग सेंटर की स्थापना की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में अनुभवात्मक शिक्षण को बढ़ावा देना और उन्नत कृषि तकनीकों का संयुक्त प्रदर्शन करना है। समझौता ज्ञापन पर विवि के कुलपति डॉ. एचएस बवेजा और बायर क्रॉप साइंस इंडिया के क्लस्टर कमर्शियल लीड डॉ. मोहन बाबू राजाराम ने हस्ताक्षर किए।
यह केंद्र विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल को मजबूत करेगा और उन्हें अनुभवी पेशेवरों के मार्गदर्शन में इंटर्नशिप व व्यावसायिक अनुभव प्राप्त करने के अवसर प्रदान करेगा। इससे छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी। इस केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के किसानों तक नवीनतम कृषि तकनीक और वैज्ञानिक ज्ञान पहुंचाया जाएगा। विवि और बायर के सहयोग से बीएलसी स्थल पर एक्सपोजर विजिट, फील्ड डे और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दोनों संस्थान मिलकर उन्नत कृषि तकनीकों के प्रदर्शन एवं प्रसार के साथ-साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करेंगे।
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नौणी विवि अपने फार्मों पर बीएलसी गतिविधियों के संचालन के लिए स्थान और सहयोग प्रदान करेगा। कंपनी प्रदर्शन गतिविधियों के लिए आवश्यक सभी सामग्री मुफ्त उपलब्ध कराएगी। संचालन और रखरखाव के लिए कुशल श्रमिकों का खर्च भी कंपनी उठाएगी। इसके अलावा, बीएलसी के प्रबंधन में सक्रिय छात्रों को प्रोत्साहन राशि और छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।
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