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Solan News: कान में किसी भी तरह का संक्रमण और समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें
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संस्कृत महाविद्यालय सोलन में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य पर बोले सीएमओ अजय पाठक
कहा-एक दिन में हेड फोन का उपयोग 60 मिनट से ज्यादा न
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन की ओर से संस्कृत महाविद्यालय सोलन में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने की। डॉ. पाठक ने अपने संबोधन में बताया कि विश्व श्रवण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुनने से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सुनना किसी भी व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है और श्रवण शक्ति मानव के समग्र विकास में अत्यंत सहायक है। श्रवण संबंधी समस्याओं की जानकारी और समय पर सावधानी बरतना व्यक्ति को श्रवण दिव्यांगता से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कान में किसी भी तरह के संक्रमण या समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। साथ ही बच्चों की सुनने की क्षमता की समय-समय पर जांच करवाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक हेडफोन और मोबाइल फोन के उपयोग से बचने, ध्वनि स्तर 60 प्रतिशत तक ही सीमित रखने और हेडफोन का उपयोग प्रतिदिन 60 मिनट से अधिक न करने की सलाह दी। डॉ. पाठक ने बुजुर्गों के लिए हियरिंग ऐड (सुनने की कृत्रिम मशीन) के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि श्रवण संबंधी समस्याओं का उपचार प्रारंभिक उपचार, हियरिंग ऐड, स्पीच थेरेपी और ऑपरेशन के माध्यम से किया जा सकता है। समय पर उपचार अपनाने से श्रवण क्षमता खोने के नुकसान को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. पाठक ने उपस्थित शिक्षकों और छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया और कहा कि शराब और अन्य नशीली वस्तुएं सुनने और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं।
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कहा-एक दिन में हेड फोन का उपयोग 60 मिनट से ज्यादा न
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सोलन की ओर से संस्कृत महाविद्यालय सोलन में विश्व श्रवण दिवस के उपलक्ष्य में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोलन डॉ. अजय पाठक ने की। डॉ. पाठक ने अपने संबोधन में बताया कि विश्व श्रवण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुनने से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि सुनना किसी भी व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है और श्रवण शक्ति मानव के समग्र विकास में अत्यंत सहायक है। श्रवण संबंधी समस्याओं की जानकारी और समय पर सावधानी बरतना व्यक्ति को श्रवण दिव्यांगता से बचाने में अहम भूमिका निभाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि कान में किसी भी तरह के संक्रमण या समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। साथ ही बच्चों की सुनने की क्षमता की समय-समय पर जांच करवाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने लंबे समय तक हेडफोन और मोबाइल फोन के उपयोग से बचने, ध्वनि स्तर 60 प्रतिशत तक ही सीमित रखने और हेडफोन का उपयोग प्रतिदिन 60 मिनट से अधिक न करने की सलाह दी। डॉ. पाठक ने बुजुर्गों के लिए हियरिंग ऐड (सुनने की कृत्रिम मशीन) के उपयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि श्रवण संबंधी समस्याओं का उपचार प्रारंभिक उपचार, हियरिंग ऐड, स्पीच थेरेपी और ऑपरेशन के माध्यम से किया जा सकता है। समय पर उपचार अपनाने से श्रवण क्षमता खोने के नुकसान को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. पाठक ने उपस्थित शिक्षकों और छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया और कहा कि शराब और अन्य नशीली वस्तुएं सुनने और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं।