{"_id":"69c3ed1f29ebbb9c410ac015","slug":"information-given-about-the-nutritional-value-of-ragi-jowar-and-market-solan-news-c-176-1-ssml1044-165828-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: रागी, ज्वार, बाजार के पोषक तत्वों की दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: रागी, ज्वार, बाजार के पोषक तत्वों की दी जानकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
बद्दी के निचला खेड़ा में जागरूकता शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने प्रत्यूष प्रोजेक्ट के तहत निचला खेड़ा में नुक्कड़ नाटक से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय को पोषण, आयुष आहार (मिलेट्स) और महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
टीम ने दैनिक जीवन से जुड़े सरल उदाहरणों के माध्यम से रागी, ज्वार, बाजरा और कंगनी जैसे पोषक मिलेट्स के लाभों को सहज भाषा में समझाया। नुक्कड़ नाटक के जरिए महिलाओं को संतुलित आहार, सही पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान स्थानीय महिलाओं, पुरुषों, किशोरियों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम और प्रभावशाली बन सका। इसमें आईआरजी टीम की सदस्य पिंकी वर्मा, सुषमा शर्मा, पूनम शर्मा, सविता और अनामिका की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में कुपोषण की रोकथाम, महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और स्थानीय पोषक खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। आईआरजी संस्था ने प्रत्यूष प्रोजेक्ट के तहत निचला खेड़ा में नुक्कड़ नाटक से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय को पोषण, आयुष आहार (मिलेट्स) और महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
टीम ने दैनिक जीवन से जुड़े सरल उदाहरणों के माध्यम से रागी, ज्वार, बाजरा और कंगनी जैसे पोषक मिलेट्स के लाभों को सहज भाषा में समझाया। नुक्कड़ नाटक के जरिए महिलाओं को संतुलित आहार, सही पोषण और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस दौरान स्थानीय महिलाओं, पुरुषों, किशोरियों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम और प्रभावशाली बन सका। इसमें आईआरजी टीम की सदस्य पिंकी वर्मा, सुषमा शर्मा, पूनम शर्मा, सविता और अनामिका की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम में कुपोषण की रोकथाम, महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और स्थानीय पोषक खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन