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Solan News: ज्वेलरी की दुकानों पर 50 फीसदी घटे ग्राहक, सर्राफा कारोबारी परेशान
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ज्वेलरों के पास काम कर रहे कर्मचारियों के रोजगार पर भी छाया संकट
सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी तक बढ़ाने से सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साल तक ज्वेलरी न खरीदने के आग्रह और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी तक बढ़ाने से सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ गई। चार दिन में 50 फीसदी सेल में गिरावट आ गई है। ग्राहकों में मन में अभी भी संशय है कि वह अगर कोई शादी विवाह है तो ज्वेलरी का क्या करें। इस मंदी ने न केवल बड़े शोरूम मालिकों बल्कि छोटे सर्राफा कारोबारियों की भी कमर तोड़ दी है बल्कि सोने के दाम अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग की पहुंच से सोना बाहर होता जा रहा है। एक ओर से जहां ज्वेलरी से जुड़े कारोबारियों की परेशानी बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर यहां पर काम करने वाले कामगारों की चिंताएं भी बढ़ गई है। जिले में अनुमानित सर्राफा कारोबारियों के पास 2,000 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। अगर ग्राहक कम होते हैं तो उनकी सैलरी निकालना तक मुश्किल हो जाएगा।
रोजगार पर मंडराता खतरा
ज्वेलरी सेक्टर में आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर पर कर्मचारियों पर देखा जा रहा है। ग्राहक कम होने से उनमें भी डर का माहौल है। जिले में ज्वेलरों के पास सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है। आभूषण बनाने वाले लाखों कुशल कारीगरों के पास भी काम कम हो गया है। साथ ही ज्वेलरी शॉप में काम कर रहे कर्मचारियों को भी अब रोजगार जाने का डर बना हुआ है। शोरूम मालिक अपने खर्चों को कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहे हैं।
एक्सचेंज ऑफर पर जोर
ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ज्वेलरों ने अब ऑफर निकालने शुरू कर दिए हैं। इसमें पुराने सोने के बदले नया देने के ऑफर हैं। साथ ही अगर पुराने सोने को भी बनवाना है तो उसे भी बनाने के ऑफर दिए जा रहे हैं। इसी तरह सोने की कीमतों के असर को कम करने के लिए कम वजन वाले और आधुनिक डिजाइनों को प्रमोट किया जा रहा है।
कोट
चार दिन में 50 फीसदी ग्राहक कम हो गए हैं। ज्यादातर लोग दाम पूछकर जा रहा हैं। प्रधानमंत्री के निर्देशों का सम्मान करते हैं। मगर उनके जो पास कर्मचारी भी हैं, उनकी सैलरी निकालने का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि पुराने गोल्ड पर एक्सचेंज का ऑफर निकाले गए हैं। जिससे न तो उन्हें नया सोना खरीदना पड़ेगा और न ही देश का पैसा बाहर जाएगा।
विनय गुप्ता, सर्राफा कारोबारी, सोलन
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सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी तक बढ़ाने से सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साल तक ज्वेलरी न खरीदने के आग्रह और सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी तक बढ़ाने से सर्राफा कारोबारियों की चिंता बढ़ गई। चार दिन में 50 फीसदी सेल में गिरावट आ गई है। ग्राहकों में मन में अभी भी संशय है कि वह अगर कोई शादी विवाह है तो ज्वेलरी का क्या करें। इस मंदी ने न केवल बड़े शोरूम मालिकों बल्कि छोटे सर्राफा कारोबारियों की भी कमर तोड़ दी है बल्कि सोने के दाम अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे गरीब व मध्यम वर्ग की पहुंच से सोना बाहर होता जा रहा है। एक ओर से जहां ज्वेलरी से जुड़े कारोबारियों की परेशानी बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर यहां पर काम करने वाले कामगारों की चिंताएं भी बढ़ गई है। जिले में अनुमानित सर्राफा कारोबारियों के पास 2,000 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। अगर ग्राहक कम होते हैं तो उनकी सैलरी निकालना तक मुश्किल हो जाएगा।
रोजगार पर मंडराता खतरा
ज्वेलरी सेक्टर में आई इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर पर कर्मचारियों पर देखा जा रहा है। ग्राहक कम होने से उनमें भी डर का माहौल है। जिले में ज्वेलरों के पास सैकड़ों लोगों को रोजगार मिला है। आभूषण बनाने वाले लाखों कुशल कारीगरों के पास भी काम कम हो गया है। साथ ही ज्वेलरी शॉप में काम कर रहे कर्मचारियों को भी अब रोजगार जाने का डर बना हुआ है। शोरूम मालिक अपने खर्चों को कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाने पर विचार कर रहे हैं।
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एक्सचेंज ऑफर पर जोर
ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ज्वेलरों ने अब ऑफर निकालने शुरू कर दिए हैं। इसमें पुराने सोने के बदले नया देने के ऑफर हैं। साथ ही अगर पुराने सोने को भी बनवाना है तो उसे भी बनाने के ऑफर दिए जा रहे हैं। इसी तरह सोने की कीमतों के असर को कम करने के लिए कम वजन वाले और आधुनिक डिजाइनों को प्रमोट किया जा रहा है।
कोट
चार दिन में 50 फीसदी ग्राहक कम हो गए हैं। ज्यादातर लोग दाम पूछकर जा रहा हैं। प्रधानमंत्री के निर्देशों का सम्मान करते हैं। मगर उनके जो पास कर्मचारी भी हैं, उनकी सैलरी निकालने का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि पुराने गोल्ड पर एक्सचेंज का ऑफर निकाले गए हैं। जिससे न तो उन्हें नया सोना खरीदना पड़ेगा और न ही देश का पैसा बाहर जाएगा।
विनय गुप्ता, सर्राफा कारोबारी, सोलन