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Solan News: बच्चों की थाली तक पहुंची स्कूल में उगाई मशरूम
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मिशन व्हाइट अंब्रेला से कंडाघाट स्कूल में उगाई, मिड-डे मील में परोसी
बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर की तैयार, पहली तुड़ाई में चार किलो उत्पादन
चार दिन बाद दूसरी क्रॉप आने पर मिडल सेक्शन को मिलेगा स्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के सरकारी स्कूलों में पोषण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही मुहिम रंग लाने लगी है। कंडाघाट स्कूल ने परिसर में मशरूम तैयार कर बच्चों के मिड-डे मील में परोसी। बच्चों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत से कैंपस में ही चार किलो ढिंगरी मशरूम की पैदावार की है।
प्रधानाचार्य कुलदीप सूर्या और सीएचटी रमा पंवर की अध्यक्षता में बच्चों ने फसल तैयार की। सोमवार को इस पहली खेप से बनी स्वादिष्ट सब्जी प्राइमरी सेक्शन के छात्र-छात्राओं को दोपहर के भोजन में परोसी गई। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही इस मशरूम की दूसरी क्रॉप तैयार होगी, इसे मिडल सेक्शन के विद्यार्थियों को भी परोसा जाएगा।
मिशन व्हाइट अंब्रेला से आ रही आत्मनिर्भरता
जिले के स्कूलों में अनूठी कवायद मिशन व्हाइट अंब्रेला के तहत की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में विशेष रूप से ढिंगरी मशरूम उगाई जा रही है। यह प्रोटीन, विटामिन और औषधीय गुणों से भरपूर है। यह बढ़ते बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इस मिशन के तहत शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय सोलन द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे बच्चों के साथ मिलकर इसे आसानी से उगा सकें।
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आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में सफल उत्पादन
कंडाघाट से पहले जिला मुख्यालय सोलन के ओच्छघाट स्कूल समेत जिले के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में ढिंगरी मशरूम की सफल पैदावार की जा चुकी है। बच्चों को चावल और मटर के साथ इसका स्वाद चखाया गया। शिक्षा विभाग और एमडीएम के जिला नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर रोजाना स्कूलों से मशरूम उत्पादन और उसके उपयोग का फीडबैक व अपडेट ले रहे हैं।
बच्चों और शिक्षकों ने मिलकर की तैयार, पहली तुड़ाई में चार किलो उत्पादन
चार दिन बाद दूसरी क्रॉप आने पर मिडल सेक्शन को मिलेगा स्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिले के सरकारी स्कूलों में पोषण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही मुहिम रंग लाने लगी है। कंडाघाट स्कूल ने परिसर में मशरूम तैयार कर बच्चों के मिड-डे मील में परोसी। बच्चों और शिक्षकों की कड़ी मेहनत से कैंपस में ही चार किलो ढिंगरी मशरूम की पैदावार की है।
प्रधानाचार्य कुलदीप सूर्या और सीएचटी रमा पंवर की अध्यक्षता में बच्चों ने फसल तैयार की। सोमवार को इस पहली खेप से बनी स्वादिष्ट सब्जी प्राइमरी सेक्शन के छात्र-छात्राओं को दोपहर के भोजन में परोसी गई। स्कूल प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही इस मशरूम की दूसरी क्रॉप तैयार होगी, इसे मिडल सेक्शन के विद्यार्थियों को भी परोसा जाएगा।
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मिशन व्हाइट अंब्रेला से आ रही आत्मनिर्भरता
जिले के स्कूलों में अनूठी कवायद मिशन व्हाइट अंब्रेला के तहत की जा रही है। इसके तहत स्कूलों में विशेष रूप से ढिंगरी मशरूम उगाई जा रही है। यह प्रोटीन, विटामिन और औषधीय गुणों से भरपूर है। यह बढ़ते बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। इस मिशन के तहत शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को खुंब अनुसंधान एवं निदेशालय सोलन द्वारा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे बच्चों के साथ मिलकर इसे आसानी से उगा सकें।
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कंडाघाट से पहले जिला मुख्यालय सोलन के ओच्छघाट स्कूल समेत जिले के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों में ढिंगरी मशरूम की सफल पैदावार की जा चुकी है। बच्चों को चावल और मटर के साथ इसका स्वाद चखाया गया। शिक्षा विभाग और एमडीएम के जिला नोडल अधिकारी राजकुमार पराशर रोजाना स्कूलों से मशरूम उत्पादन और उसके उपयोग का फीडबैक व अपडेट ले रहे हैं।