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Solan News: पेंशनरों की चेतावनी, 31 तक वादे पूरे नहीं किए तो आंदोलन
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हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की जल्द मांगों को पूरा करने की अपील
लंबित देनदारियों का 40 फीसदी भुगतान, महंगाई भत्ते की किस्त मांगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से 31 जुलाई तक वादों को पूरा करने की मांग की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक लंबित मांगों पर अमल नहीं हुआ तो अगस्त में आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। यह मांग 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में दिए गए आश्वासनों से जुड़ी है।
समिति के प्रदेश महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने बताया कि 18 राज्य स्तरीय पेंशनर संगठनों से गठित संयुक्त संघर्ष समिति एक वर्ष से पेंशनरों की देनदारियों और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर कई धरना-प्रदर्शन किए जा चुके हैं। नवंबर 2025 में धर्मशाला और मार्च 2026 में शिमला में हुए राज्य स्तरीय प्रदर्शनों में हजारों पेंशनरों ने भाग लिया। इन प्रदर्शनों के बाद सरकार ने संघर्ष समिति के साथ वार्ता की। 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में समिति के 14 सूत्रीय मांगपत्र पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने कई मांगों को सिद्धांतत स्वीकार करते हुए 31 जुलाई तक उनके क्रियान्वयन का आश्वासन दिया था।
समिति ने मुख्यमंत्री से जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों की लंबित देनदारियों का 40 प्रतिशत भुगतान करने की मांग की है। इसके साथ ही 15 प्रतिशत महंगाई राहत की लंबित किस्तें भी 31 जुलाई तक जारी करने का आग्रह किया है। इंद्रपाल ने कहा कि अगस्त में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में सरकार की ओर से अब तक की कार्रवाई की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अधिकांश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के साथ हैं।
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उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से वर्ष 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों की लंबित देनदारियों का भुगतान तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बकाया राशि जारी की गई है। शहरी निकायों के कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान लागू करने की प्रक्रिया में भी प्रगति हुई है। एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रत्येक माह 10 तारीख से पहले पेंशन देने की मांग पर भी अमल शुरू हो गया है।
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लंबित देनदारियों का 40 फीसदी भुगतान, महंगाई भत्ते की किस्त मांगी
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रदेश सरकार से 31 जुलाई तक वादों को पूरा करने की मांग की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक लंबित मांगों पर अमल नहीं हुआ तो अगस्त में आंदोलन की नई रणनीति तय की जाएगी। यह मांग 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में दिए गए आश्वासनों से जुड़ी है।
समिति के प्रदेश महासचिव इंद्रपाल शर्मा ने बताया कि 18 राज्य स्तरीय पेंशनर संगठनों से गठित संयुक्त संघर्ष समिति एक वर्ष से पेंशनरों की देनदारियों और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर पर कई धरना-प्रदर्शन किए जा चुके हैं। नवंबर 2025 में धर्मशाला और मार्च 2026 में शिमला में हुए राज्य स्तरीय प्रदर्शनों में हजारों पेंशनरों ने भाग लिया। इन प्रदर्शनों के बाद सरकार ने संघर्ष समिति के साथ वार्ता की। 13 मई को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में समिति के 14 सूत्रीय मांगपत्र पर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार ने कई मांगों को सिद्धांतत स्वीकार करते हुए 31 जुलाई तक उनके क्रियान्वयन का आश्वासन दिया था।
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समिति ने मुख्यमंत्री से जनवरी 2016 से जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों की लंबित देनदारियों का 40 प्रतिशत भुगतान करने की मांग की है। इसके साथ ही 15 प्रतिशत महंगाई राहत की लंबित किस्तें भी 31 जुलाई तक जारी करने का आग्रह किया है। इंद्रपाल ने कहा कि अगस्त में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में सरकार की ओर से अब तक की कार्रवाई की समीक्षा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के अधिकांश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के साथ हैं।
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उन्होंने कहा कि समिति के प्रयासों से वर्ष 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों की लंबित देनदारियों का भुगतान तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बकाया राशि जारी की गई है। शहरी निकायों के कर्मचारियों के संशोधित वेतनमान लागू करने की प्रक्रिया में भी प्रगति हुई है। एचआरटीसी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को प्रत्येक माह 10 तारीख से पहले पेंशन देने की मांग पर भी अमल शुरू हो गया है।