{"_id":"69f792a00dbf4c40eb08d76f","slug":"preparations-to-hand-over-the-nalagarh-sua-bus-route-to-private-hands-anger-among-villagers-solan-news-c-176-1-ssml1044-168589-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: नालागढ़-सुआ बस रूट निजी हाथों में देने की तैयारी, ग्रामीणों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: नालागढ़-सुआ बस रूट निजी हाथों में देने की तैयारी, ग्रामीणों में रोष
विज्ञापन
विज्ञापन
एचआरटीसी के फैसले से आम आदमी की जेब पर पड़ेगा बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़। नालागढ़ उपमंडल के दून क्षेत्र के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण बस रूट नालागढ़ से जोहड़जी वाया सुआ को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ओर इसे निजी ऑपरेटर में सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका स्थानीय ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का तर्क है कि सरकारी बस सेवा बंद होने से बुजुर्गों, छात्रों और महिलाओं को मिलने वाली रियायती सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। प्राइवेट बसों में येलो कार्ड और अन्य पास मान्य नहीं होंगे, जिससे दैनिक यात्रियों का बजट बिगड़ जाएगा। स्थानीय निवासी राजू ने निगम की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी बसों के घाटे में चलने की मुख्य वजह निजी बसों को ठीक आगे का समय देना है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूर्व में भी नालागढ़-पट्टा जैसे कई निजी रूट बंद हो चुके हैं और सुबाथू-कुठाड़ मार्ग पर भी बस सेवा ठप पड़ी है। वर्तमान में जो निजी बस इस रूट पर है, वह केवल जोहड़जी तक ही जाती है, जबकि सरकारी बस अपने अंतिम गंतव्य सुआ तक समय पर सेवा प्रदान करती है। लोगों को डर है कि निजी ऑपरेटर मुनाफा न होने पर कभी भी बस बंद कर सकते हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी। लोगों ने स्थानीय विधायक राम कुमार चौधरी से इस सरकारी रूट को बहाल रखने की मांग उठाई है। एचआरटीसी नालागढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्निहोत्री ने बताया कि फिलहाल यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि रूट को किसी भी सूरत में निजी हाथों में न सौंपा जाए।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़। नालागढ़ उपमंडल के दून क्षेत्र के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण बस रूट नालागढ़ से जोहड़जी वाया सुआ को हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की ओर इसे निजी ऑपरेटर में सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। इसका स्थानीय ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का तर्क है कि सरकारी बस सेवा बंद होने से बुजुर्गों, छात्रों और महिलाओं को मिलने वाली रियायती सुविधाएं खत्म हो जाएंगी। प्राइवेट बसों में येलो कार्ड और अन्य पास मान्य नहीं होंगे, जिससे दैनिक यात्रियों का बजट बिगड़ जाएगा। स्थानीय निवासी राजू ने निगम की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी बसों के घाटे में चलने की मुख्य वजह निजी बसों को ठीक आगे का समय देना है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पूर्व में भी नालागढ़-पट्टा जैसे कई निजी रूट बंद हो चुके हैं और सुबाथू-कुठाड़ मार्ग पर भी बस सेवा ठप पड़ी है। वर्तमान में जो निजी बस इस रूट पर है, वह केवल जोहड़जी तक ही जाती है, जबकि सरकारी बस अपने अंतिम गंतव्य सुआ तक समय पर सेवा प्रदान करती है। लोगों को डर है कि निजी ऑपरेटर मुनाफा न होने पर कभी भी बस बंद कर सकते हैं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी। लोगों ने स्थानीय विधायक राम कुमार चौधरी से इस सरकारी रूट को बहाल रखने की मांग उठाई है। एचआरटीसी नालागढ़ के क्षेत्रीय प्रबंधक अखिल अग्निहोत्री ने बताया कि फिलहाल यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि रूट को किसी भी सूरत में निजी हाथों में न सौंपा जाए।
