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Solan News: नगर परिषद परवाणू में गूंजेगा महंगे पानी का मुद्दा वर्षों से जनता पी रही सबसे महंगी दरों पर पानी
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सस्ता पानी और नियमित सप्लाई का वादा रह गया अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
परवाणू(सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में इस बार भी चुनाव में महंगे पानी का मुद्दा गूंजेगा। वर्षों से परवाणू के लोग महंगा पानी पी रहे हैं। साथ ही गर्मियों में चरमराती पेयजल सप्लाई भी एक समस्या बनीं हुई है। पेयजल इस बार भी प्रत्याशियों से इसी मामले पर सवाल जवाब होंगे। अब स्थानीय लोग भी इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्ष से पानी का जिम्मा हिमुडा से जल शक्ति विभाग को दे दिया गया है, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक अधूरी है। बिलिंग व्यवस्था भी लंबे समय तक हिमुडा के पास रहने से भ्रम की स्थिति बनी रही। हिमुडा की पुरानी बिलिंग प्रणाली के तहत 20 हजार लीटर खपत तक पानी 24.54 प्रति यूनिट थी, जबकि इससे अधिक खपत पर 49.08 रुपये प्रति यूनिट तक शुल्क लिया जाता था। वहीं इसके दाम भी प्रति वर्ष 10 प्रतिशत बढ़ दिए जाते थे। हालांकि सरकार ने हाल ही में नई अधिसूचना जारी की है जिसके अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट 14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आएगा, लेकिन यह व्यवस्था अभी तक जमीनी स्तर पर लागू ही नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 1 मई से जलशक्ति विभाग पूरी तरह चार्ज संभाल सकता है, जिसके बाद नई दरें लागू होने की उम्मीद है।
वहीं दूसरी ओर दशकों पुरानी पाइप लाइनें भी लोगों की परेशानी बनी हुई है। कई जगह पाइप जर्जर हैं, तो कहीं विकास कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। दो साल पहले सीवरेज का गंदा पानी पेयजल में मिलने से सैंकड़ों लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे, जिससे व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। ऐसे में नगर परिषद चुनाव से पहले पानी की कीमत, अनियमित सप्लाई और जर्जर पाइप लाइनें जनता के सबसे बड़े चुनावी मुद्दे बन चुके हैं। अब देखना होगा कि यह मुद्दा किसकी राजनीति को मजबूती देता है और किसके लिए चुनौती साबित होता है।
इनसेट
पानी के रेट कम करने का प्रस्ताव पहले ही सरकार को भेजा जा चुका है। लोगों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव पारित होते ही पानी कम दरों पर और नियमित रूप से लोगाें तक पहुंचेगा।
- मोनिशा शर्मा
पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद परवाणू
इनसेट
शहर की जल आपूर्ति को लेकर कागजी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और मई से जल शक्ति विभाग पूरी तरह जिम्मेदारी संभाल लेगा। विभाग ने भविष्य में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कौशल्या डैम के विस्तार हेतु 170 करोड़ रुपये की योजना भी प्रस्तावित की है। फिलहाल शहर में रोजाना करीब 25 लाख लीटर पानी की सप्लाई का दावा किया जा रहा है, जिसे विभाग पर्याप्त मानता है, लेकिन जमीनी हकीकत में गर्मियों के दौरान पानी की कमी साफ नजर आती है।
- कुशल शर्मा
अधिशासी अभियंता, हिमुडा
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परवाणू(सोलन)। औद्योगिक नगर परवाणू में इस बार भी चुनाव में महंगे पानी का मुद्दा गूंजेगा। वर्षों से परवाणू के लोग महंगा पानी पी रहे हैं। साथ ही गर्मियों में चरमराती पेयजल सप्लाई भी एक समस्या बनीं हुई है। पेयजल इस बार भी प्रत्याशियों से इसी मामले पर सवाल जवाब होंगे। अब स्थानीय लोग भी इस मुद्दे को लेकर आवाज उठा रहे हैं। हालांकि, पिछले वर्ष से पानी का जिम्मा हिमुडा से जल शक्ति विभाग को दे दिया गया है, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक अधूरी है। बिलिंग व्यवस्था भी लंबे समय तक हिमुडा के पास रहने से भ्रम की स्थिति बनी रही। हिमुडा की पुरानी बिलिंग प्रणाली के तहत 20 हजार लीटर खपत तक पानी 24.54 प्रति यूनिट थी, जबकि इससे अधिक खपत पर 49.08 रुपये प्रति यूनिट तक शुल्क लिया जाता था। वहीं इसके दाम भी प्रति वर्ष 10 प्रतिशत बढ़ दिए जाते थे। हालांकि सरकार ने हाल ही में नई अधिसूचना जारी की है जिसके अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को फ्लैट 14 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल आएगा, लेकिन यह व्यवस्था अभी तक जमीनी स्तर पर लागू ही नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार 1 मई से जलशक्ति विभाग पूरी तरह चार्ज संभाल सकता है, जिसके बाद नई दरें लागू होने की उम्मीद है।
वहीं दूसरी ओर दशकों पुरानी पाइप लाइनें भी लोगों की परेशानी बनी हुई है। कई जगह पाइप जर्जर हैं, तो कहीं विकास कार्यों के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। दो साल पहले सीवरेज का गंदा पानी पेयजल में मिलने से सैंकड़ों लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे, जिससे व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए थे। ऐसे में नगर परिषद चुनाव से पहले पानी की कीमत, अनियमित सप्लाई और जर्जर पाइप लाइनें जनता के सबसे बड़े चुनावी मुद्दे बन चुके हैं। अब देखना होगा कि यह मुद्दा किसकी राजनीति को मजबूती देता है और किसके लिए चुनौती साबित होता है।
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पानी के रेट कम करने का प्रस्ताव पहले ही सरकार को भेजा जा चुका है। लोगों को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव पारित होते ही पानी कम दरों पर और नियमित रूप से लोगाें तक पहुंचेगा।
- मोनिशा शर्मा
पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद परवाणू
इनसेट
शहर की जल आपूर्ति को लेकर कागजी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और मई से जल शक्ति विभाग पूरी तरह जिम्मेदारी संभाल लेगा। विभाग ने भविष्य में पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए कौशल्या डैम के विस्तार हेतु 170 करोड़ रुपये की योजना भी प्रस्तावित की है। फिलहाल शहर में रोजाना करीब 25 लाख लीटर पानी की सप्लाई का दावा किया जा रहा है, जिसे विभाग पर्याप्त मानता है, लेकिन जमीनी हकीकत में गर्मियों के दौरान पानी की कमी साफ नजर आती है।
- कुशल शर्मा
अधिशासी अभियंता, हिमुडा

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