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Solan News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
Mon, 26 Oct 2026 01:16 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:16 AM IST
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झाड़माजरी के शाहपुर में चल रही श्रीमदभावगत कथा के दौरान भजन पर झूमते हुए श्रोतागण- संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। कथा में गौवंश और गोपों को दावानल से बचाने, गोपियों के विरह, उद्धव जी को प्रेमाभक्ति का संदेश देने और महारास के प्रसंगों की झांकियां प्रस्तुत की गईं।
प्रवचन के दौरान व्यास जी महाराज ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने का श्रेष्ठ मार्ग सच्ची प्रेमाभक्ति है। जब भक्त का हृदय निस्वार्थ प्रेम और समर्पण से भर जाता है, तो वह प्रभु की कृपा का पात्र बनता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी कंस के उद्धार की लीला का भी वर्णन किया।
कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग रहा। व्यास जी ने श्रीकृष्ण और जरासंध के बीच हुए संघर्ष का उल्लेख करते हुए भगवान की लीलाओं का वर्णन किया। इसके बाद श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
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इस अवसर पर शाहपुर के सरपंच बलदेव सिंह, बीडीसी सदस्य रविकांत शर्मा, जगदीश शर्मा, चिंतामणि, चरणजीत, दीन दयाल, अनंत राम, संत राम, विनोद शर्मा, सोनू शर्मा, रवि शर्मा, गगनदीप, भगत राम, सुरेंद्र शर्मा और भवानी शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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बरोटीवाला (सोलन)। क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में व्यास जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। कथा में गौवंश और गोपों को दावानल से बचाने, गोपियों के विरह, उद्धव जी को प्रेमाभक्ति का संदेश देने और महारास के प्रसंगों की झांकियां प्रस्तुत की गईं।
प्रवचन के दौरान व्यास जी महाराज ने कहा कि भगवान को प्राप्त करने का श्रेष्ठ मार्ग सच्ची प्रेमाभक्ति है। जब भक्त का हृदय निस्वार्थ प्रेम और समर्पण से भर जाता है, तो वह प्रभु की कृपा का पात्र बनता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अत्याचारी कंस के उद्धार की लीला का भी वर्णन किया।
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कथा का मुख्य आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह का प्रसंग रहा। व्यास जी ने श्रीकृष्ण और जरासंध के बीच हुए संघर्ष का उल्लेख करते हुए भगवान की लीलाओं का वर्णन किया। इसके बाद श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की भव्य झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस दौरान पूरा पंडाल भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
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इस अवसर पर शाहपुर के सरपंच बलदेव सिंह, बीडीसी सदस्य रविकांत शर्मा, जगदीश शर्मा, चिंतामणि, चरणजीत, दीन दयाल, अनंत राम, संत राम, विनोद शर्मा, सोनू शर्मा, रवि शर्मा, गगनदीप, भगत राम, सुरेंद्र शर्मा और भवानी शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।