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Solan News: फीस में देरी पर प्रशिक्षु डॉक्टर ने टेबल पर फेंकी फाइल, कर्मी ने बंद किया काउंटर
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में फीस काउंटर पर उमड़ी मरीजों व तीमारदारों की भीड़। संवाद
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फीस जमा कराने के लिए कतार में खड़े रहे मरीज और तीमारदार
नाराज कर्मचारी ने चिकित्सा अधीक्षक से की शिकायत,
मरीज बोले, अस्पताल में केवल सिफारिशों पर ही होता है काम, मरीज लगे रहते कतारों में
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में शनिवार को टेस्ट की फीस कटवाने को लेकर फीस काउंटर पर प्रशिक्षु डॉक्टर और महिला कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि प्रशिक्षु डॉक्टर मरीज की फाइल लेकर फीस काउंटर के केबिन में पहुंचा। उसने टेस्ट फीस काटने के लिए फाइल महिला कर्मचारी को दी। फीस काटने में कुछ समय लगने पर प्रशिक्षु डॉक्टर ने कथित तौर पर फाइल महिला कर्मचारी की टेबल पर फेंक दी और उसे खरी-खोटी सुनाकर चला गया।
घटना से नाराज महिला कर्मचारी ने फीस काउंटर बंद कर दिया और वहां से उठकर चली गईं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने तुरंत दूसरे कर्मचारी को भेजकर काउंटर दोबारा शुरू करवा दिया। इधर, काउंटर बंद होने के कारण फीस जमा करवाने के लिए बाहर खड़े मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई। उन्होंने भी अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। मरीजों का आरोप था कि अस्पताल के काउंटरों पर सिफारिश से काम हो रहा है। उनका कहना था कि कुछ कर्मचारी अपनी पर्ची और फीस पहले ही बनवा लेते हैं और फाइल लेकर कतार में आगे पहुंच जाते हैं, जबकि आम मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
मरीजों ने बताया कि सुबह सात बजे से काउंटर पर कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। कई मरीजों को टेस्ट और अन्य काम के लिए लगातार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने व्यवस्था में सुधार और सभी के लिए समान व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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कर्मचारी ने की शिकायत
विवाद के बाद काउंटर से उठकर गई महिला कर्मचारी ने बताया कि फीस काटने में देरी होने पर कर्मचारियों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रशिक्षु डॉक्टर फाइल लेकर काउंटर पर पहुंचा, उस समय पहले से काफी भीड़ थी। इसी कारण फीस काटने में कुछ देरी हुई। इसके बाद उसने कथित तौर पर फाइल टेबल पर फेंक दी। उन्होंने घटना की शिकायत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार से की।
शिकायत के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल स्टाफ को बुलाकर स्पष्ट किया कि किसी भी काउंटर पर सिफारिश के आधार पर काम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत है तो इसके लिए पहले अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही पर्ची या फीस से संबंधित प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।
सिफारिश नहीं चलेगी
फीस काउंटर को लेकर शिकायत उनके पास आई थी। अस्पताल के किसी भी काउंटर पर सिफारिश नहीं चलेगी। मामले को शांत करवाकर काउंटर को तुरंत दोबारा शुरू करवा दिया गया।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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नाराज कर्मचारी ने चिकित्सा अधीक्षक से की शिकायत,
मरीज बोले, अस्पताल में केवल सिफारिशों पर ही होता है काम, मरीज लगे रहते कतारों में
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में शनिवार को टेस्ट की फीस कटवाने को लेकर फीस काउंटर पर प्रशिक्षु डॉक्टर और महिला कर्मचारी के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि प्रशिक्षु डॉक्टर मरीज की फाइल लेकर फीस काउंटर के केबिन में पहुंचा। उसने टेस्ट फीस काटने के लिए फाइल महिला कर्मचारी को दी। फीस काटने में कुछ समय लगने पर प्रशिक्षु डॉक्टर ने कथित तौर पर फाइल महिला कर्मचारी की टेबल पर फेंक दी और उसे खरी-खोटी सुनाकर चला गया।
घटना से नाराज महिला कर्मचारी ने फीस काउंटर बंद कर दिया और वहां से उठकर चली गईं। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने तुरंत दूसरे कर्मचारी को भेजकर काउंटर दोबारा शुरू करवा दिया। इधर, काउंटर बंद होने के कारण फीस जमा करवाने के लिए बाहर खड़े मरीजों और तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई। उन्होंने भी अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। मरीजों का आरोप था कि अस्पताल के काउंटरों पर सिफारिश से काम हो रहा है। उनका कहना था कि कुछ कर्मचारी अपनी पर्ची और फीस पहले ही बनवा लेते हैं और फाइल लेकर कतार में आगे पहुंच जाते हैं, जबकि आम मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
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मरीजों ने बताया कि सुबह सात बजे से काउंटर पर कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। कई मरीजों को टेस्ट और अन्य काम के लिए लगातार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने व्यवस्था में सुधार और सभी के लिए समान व्यवस्था लागू करने की मांग की।
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कर्मचारी ने की शिकायत
विवाद के बाद काउंटर से उठकर गई महिला कर्मचारी ने बताया कि फीस काटने में देरी होने पर कर्मचारियों के साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रशिक्षु डॉक्टर फाइल लेकर काउंटर पर पहुंचा, उस समय पहले से काफी भीड़ थी। इसी कारण फीस काटने में कुछ देरी हुई। इसके बाद उसने कथित तौर पर फाइल टेबल पर फेंक दी। उन्होंने घटना की शिकायत चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश पंवार से की।
शिकायत के बाद चिकित्सा अधीक्षक ने अस्पताल स्टाफ को बुलाकर स्पष्ट किया कि किसी भी काउंटर पर सिफारिश के आधार पर काम नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत है तो इसके लिए पहले अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बाद ही पर्ची या फीस से संबंधित प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी।
सिफारिश नहीं चलेगी
फीस काउंटर को लेकर शिकायत उनके पास आई थी। अस्पताल के किसी भी काउंटर पर सिफारिश नहीं चलेगी। मामले को शांत करवाकर काउंटर को तुरंत दोबारा शुरू करवा दिया गया।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन