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Solan News: कोठी पंचायत में पेयजल संकट से ग्रामीणों में रोष, स्थायी समाधान की मांग
Fri, 14 Aug 2026 12:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 14 Aug 2026 12:48 AM IST
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महंगे दामों पर टैंकर मंगाने को मजबूर, बार-बार बंद हो जाती है सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। कोठी पंचायत के आधा दर्जन गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। बार-बार आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है। परेशान ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया है।
कुनिहार विकास सभा और स्थानीय ग्रामीणों ने हिमाचल सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने अस्थायी मरम्मत के बजाय दीर्घकालिक हल निकालने पर जोर दिया। कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर, भागमल तंवर, जगदीश ठाकुर, बाबूराम तंवर, देवी राम मेहता, संतराम, भागमल चौहान, नागेंद्र ठाकुर, धर्म सिंह तंवर, अनिल वर्मा, राजेश, बिट्टू, सोहन लाल तंवर, बलबीर चौधरी, प्रेम चौधरी, सनी, राघव और ओमप्रकाश ठाकुर सहित कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों के अनुसार, गंभर खड्ड से शुरू की गई पेयजल योजना विफल साबित हो रही है। यह योजना शुरू होने के बाद से हर तीन-चार महीने में पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। शिकायत करने पर विभाग मशीन खराब होने या मोटर जलने का बहाना बनाता है। मरम्मत में कई दिन लगने से गांवों में नल सूखे रहते हैं। पेयजल का अन्य साधन न होने से ग्रामीणों को महंगे टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पुरानी एवं खटारा हो चुकी मशीनों को बदलने के सुझाव पर ध्यान नहीं देता। उन्होंने कई बार नई मशीनें लगाने की मांग की है। लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बन रही है।
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ग्रामीणों ने जाबलु की पुरानी पेयजल योजना को तुरंत चालू करने की मांग की है। उन्होंने इसे वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में देखा है। ग्रामीणों के अनुसार इस योजना की चाबी अस्पताल के पास बंद पड़ी है। यदि गंभर योजना में तकनीकी खराबी आती है, तो जाबलु योजना से पंचायत के गांवों को निर्बाध पानी दिया जा सकता है।
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कुनिहार (सोलन)। कोठी पंचायत के आधा दर्जन गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। बार-बार आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है। परेशान ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के खिलाफ कड़ा आक्रोश जताया है।
कुनिहार विकास सभा और स्थानीय ग्रामीणों ने हिमाचल सरकार से स्थायी समाधान की मांग की है। उन्होंने अस्थायी मरम्मत के बजाय दीर्घकालिक हल निकालने पर जोर दिया। कुनिहार विकास सभा के प्रधान धनीराम तंवर, भागमल तंवर, जगदीश ठाकुर, बाबूराम तंवर, देवी राम मेहता, संतराम, भागमल चौहान, नागेंद्र ठाकुर, धर्म सिंह तंवर, अनिल वर्मा, राजेश, बिट्टू, सोहन लाल तंवर, बलबीर चौधरी, प्रेम चौधरी, सनी, राघव और ओमप्रकाश ठाकुर सहित कई ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों के अनुसार, गंभर खड्ड से शुरू की गई पेयजल योजना विफल साबित हो रही है। यह योजना शुरू होने के बाद से हर तीन-चार महीने में पानी की सप्लाई बंद हो जाती है। शिकायत करने पर विभाग मशीन खराब होने या मोटर जलने का बहाना बनाता है। मरम्मत में कई दिन लगने से गांवों में नल सूखे रहते हैं। पेयजल का अन्य साधन न होने से ग्रामीणों को महंगे टैंकरों से पानी मंगवाना पड़ रहा है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग पुरानी एवं खटारा हो चुकी मशीनों को बदलने के सुझाव पर ध्यान नहीं देता। उन्होंने कई बार नई मशीनें लगाने की मांग की है। लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बन रही है।
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ग्रामीणों ने जाबलु की पुरानी पेयजल योजना को तुरंत चालू करने की मांग की है। उन्होंने इसे वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में देखा है। ग्रामीणों के अनुसार इस योजना की चाबी अस्पताल के पास बंद पड़ी है। यदि गंभर योजना में तकनीकी खराबी आती है, तो जाबलु योजना से पंचायत के गांवों को निर्बाध पानी दिया जा सकता है।