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Una News: एसटीपी और ईटीपी प्लांट के लिए जारी हुआ 1.67 करोड़ का बजट
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 28 May 2026 08:58 AM IST
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पीजीआई सेटेलाइट सेंटर में निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट। संवाद
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ऊना। लंबे समय से बजट की कमी से धीमी गति से चल रहे पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) निर्माण कार्य को अब गति मिलने की उम्मीद जगी है।
सरकार की ओर से परियोजना के लिए एक करोड़ 67 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। हालांकि प्लांट निर्माण के लिए अभी भी करीब 1.88 करोड़ रुपये की राशि जारी होना बाकी है।
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर प्रदेश की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाओं में शामिल है। अस्पताल के संचालन के दौरान निकलने वाले सीवरेज और मेडिकल अपशिष्ट के उचित निस्तारण के लिए एसटीपी और ईटीपी प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।
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इन प्लांटों के निर्माण पर कुल 4.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। परियोजना का जिम्मा जल शक्ति विभाग को सौंपा गया है। बजट की कमी के चलते बीते कुछ समय से निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा था।
सीमित संसाधनों के साथ विभाग केवल जरूरी कार्यों को ही आगे बढ़ा रहा था। अब नई राशि जारी होने के बाद विभाग ने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार एसटीपी प्लांट के माध्यम से अस्पताल परिसर से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन किया जाएगा जबकि ईटीपी प्लांट मेडिकल गतिविधियों से निकलने वाले रासायनिक और जैविक अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट करेगा।
इससे पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर बनी रहेगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार बजट मिलने के बाद मशीनरी स्थापना, पाइपलाइन बिछाने, टैंक निर्माण और अन्य तकनीकी कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
कई कार्य ऐसे हैं जो बजट के अभाव में लंबित पड़े थे। अब संबंधित एजेंसियों को भी निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर बनने से ऊना सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में परियोजना का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है।
सरकार की ओर से परियोजना के लिए एक करोड़ 67 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। हालांकि प्लांट निर्माण के लिए अभी भी करीब 1.88 करोड़ रुपये की राशि जारी होना बाकी है।
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पीजीआई सैटेलाइट सेंटर प्रदेश की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य परियोजनाओं में शामिल है। अस्पताल के संचालन के दौरान निकलने वाले सीवरेज और मेडिकल अपशिष्ट के उचित निस्तारण के लिए एसटीपी और ईटीपी प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।
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इन प्लांटों के निर्माण पर कुल 4.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। परियोजना का जिम्मा जल शक्ति विभाग को सौंपा गया है। बजट की कमी के चलते बीते कुछ समय से निर्माण कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहा था।
सीमित संसाधनों के साथ विभाग केवल जरूरी कार्यों को ही आगे बढ़ा रहा था। अब नई राशि जारी होने के बाद विभाग ने लंबित कार्यों को तेजी से पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार एसटीपी प्लांट के माध्यम से अस्पताल परिसर से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन किया जाएगा जबकि ईटीपी प्लांट मेडिकल गतिविधियों से निकलने वाले रासायनिक और जैविक अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से ट्रीट करेगा।
इससे पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर बनी रहेगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार बजट मिलने के बाद मशीनरी स्थापना, पाइपलाइन बिछाने, टैंक निर्माण और अन्य तकनीकी कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
कई कार्य ऐसे हैं जो बजट के अभाव में लंबित पड़े थे। अब संबंधित एजेंसियों को भी निर्माण कार्य तेज करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर बनने से ऊना सहित आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
लोगों को गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए चंडीगढ़ और अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में परियोजना का समय पर पूरा होना बेहद जरूरी है।