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Una News: जिले के स्कूलों में किशोरियों को लगाई जाएगी एचपीवी वैक्सीन
Sun, 12 Jul 2026 07:17 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 12 Jul 2026 07:17 AM IST
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ऊना। जिले में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को गति देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति अपनाई है। अब 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को स्कूलों में जाकर एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब तक यह वैक्सीन जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में लगाई जा रही थी लेकिन अपेक्षित संख्या में किशोरियों के टीकाकरण के लिए आगे नहीं आने के कारण विभाग ने स्कूल आधारित अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम निर्धारित तिथि पर स्कूलों में पहुंचेगी। वहां चिकित्सक और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में किशोरियों का पंजीकरण किया जाएगा और अभिभावकों की सहमति मिलने के बाद मौके पर ही एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। बता दें कि प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान पहले से संचालित है लेकिन स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने वाली किशोरियों की संख्या अपेक्षा से कम रही। कई अभिभावक समय के अभाव, जागरूकता की कमी अथवा अन्य कारणों से अपनी बेटियों को स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं ला सके। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने अब स्कूलों को अभियान का केंद्र बनाने का फैसला लिया है ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियों का टीकाकरण हो सके। स्कूलों में अभियान शुरू होने से छात्राओं और अभिभावकों को अलग से स्वास्थ्य संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूल प्रबंधन के सहयोग से पात्र छात्राओं की सूची तैयार करेंगी। निर्धारित दिन चिकित्सक की मौजूदगी में टीकाकरण किया जाएगा और किसी भी प्रकार की प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहेगी।
विभाग के निर्देशों के तहत अब स्कूल स्तर पर एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। लोगों से अपील है कि टीकाकरण के लिए पात्र किशोरियों को प्रेरित करें।
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-डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना
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नई व्यवस्था के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम निर्धारित तिथि पर स्कूलों में पहुंचेगी। वहां चिकित्सक और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की निगरानी में किशोरियों का पंजीकरण किया जाएगा और अभिभावकों की सहमति मिलने के बाद मौके पर ही एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। बता दें कि प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान पहले से संचालित है लेकिन स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने वाली किशोरियों की संख्या अपेक्षा से कम रही। कई अभिभावक समय के अभाव, जागरूकता की कमी अथवा अन्य कारणों से अपनी बेटियों को स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं ला सके। इसी स्थिति को देखते हुए विभाग ने अब स्कूलों को अभियान का केंद्र बनाने का फैसला लिया है ताकि अधिक से अधिक पात्र किशोरियों का टीकाकरण हो सके। स्कूलों में अभियान शुरू होने से छात्राओं और अभिभावकों को अलग से स्वास्थ्य संस्थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इसके लिए सभी स्वास्थ्य खंड अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूल प्रबंधन के सहयोग से पात्र छात्राओं की सूची तैयार करेंगी। निर्धारित दिन चिकित्सक की मौजूदगी में टीकाकरण किया जाएगा और किसी भी प्रकार की प्रतिकूल प्रतिक्रिया की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहेगी।
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विभाग के निर्देशों के तहत अब स्कूल स्तर पर एचपीवी वैक्सीन लगाई जाएगी। इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। लोगों से अपील है कि टीकाकरण के लिए पात्र किशोरियों को प्रेरित करें।
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-डॉ. एसके वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना