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Una News: बारिश के बाद गेहूं के लिए यूरिया खाद की मांग में उछाल
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खेतों में नमी आने के बाद फसल को बेहतर करने में जुटे किसान .
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले में हाल ही में हुई बारिश के बाद यूरिया खाद की मांग में उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषकर गेहूं की फसल में शीर्ष ड्रेसिंग के लिए किसान बड़ी संख्या में खाद खरीदने पहुंच रहे हैं। बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद अब किसान खाद के बेहतर असर की उम्मीद में सक्रिय हो गए हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर यूरिया खाद का छिड़काव करने से फसल की वृद्धि तेज होती है और पौधों की हरियाली मजबूत बनी रहती है। इससे न केवल गेहूं की बढ़वार बेहतर होती है, बल्कि पैदावार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के तुरंत बाद किया गया यूरिया का छिड़काव अधिक प्रभावी रहता है, क्योंकि मिट्टी में नमी होने से नाइट्रोजन का अवशोषण बेहतर होता है। इससे फसल की जड़ें मजबूत होती हैं और बालियों के भराव में सहायता मिलती है। खाद विक्रेताओं के अनुसार बीते कुछ दिनों से यूरिया की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई स्थानों पर किसानों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि, कृषि विभाग की ओर से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
जिले में लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई गई है। गैर-सिंचित क्षेत्रों में यह फसल पिछले कई दिनों से संकट में थी, लेकिन हालिया बारिश के बाद अब फसल के बेहतर होने की उम्मीद फिर से जगी है। बिजाई के समय किसानों ने 12-32-16 खाद का प्रयोग किया था, जबकि बारिश के बाद अब यूरिया खाद का छिड़काव किया जा रहा है। वर्तमान में यूरिया खाद की एक बोरी करीब 270 रुपये में बिक रही है। जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मात्रा में ही खाद का प्रयोग करें, ताकि फसल को अधिक लाभ मिले और मिट्टी की सेहत भी बनी रहे।
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ऊना। जिले में हाल ही में हुई बारिश के बाद यूरिया खाद की मांग में उछाल देखने को मिल रहा है। विशेषकर गेहूं की फसल में शीर्ष ड्रेसिंग के लिए किसान बड़ी संख्या में खाद खरीदने पहुंच रहे हैं। बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आने के बाद अब किसान खाद के बेहतर असर की उम्मीद में सक्रिय हो गए हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर यूरिया खाद का छिड़काव करने से फसल की वृद्धि तेज होती है और पौधों की हरियाली मजबूत बनी रहती है। इससे न केवल गेहूं की बढ़वार बेहतर होती है, बल्कि पैदावार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के तुरंत बाद किया गया यूरिया का छिड़काव अधिक प्रभावी रहता है, क्योंकि मिट्टी में नमी होने से नाइट्रोजन का अवशोषण बेहतर होता है। इससे फसल की जड़ें मजबूत होती हैं और बालियों के भराव में सहायता मिलती है। खाद विक्रेताओं के अनुसार बीते कुछ दिनों से यूरिया की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई स्थानों पर किसानों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि, कृषि विभाग की ओर से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
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जिले में लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल बोई गई है। गैर-सिंचित क्षेत्रों में यह फसल पिछले कई दिनों से संकट में थी, लेकिन हालिया बारिश के बाद अब फसल के बेहतर होने की उम्मीद फिर से जगी है। बिजाई के समय किसानों ने 12-32-16 खाद का प्रयोग किया था, जबकि बारिश के बाद अब यूरिया खाद का छिड़काव किया जा रहा है। वर्तमान में यूरिया खाद की एक बोरी करीब 270 रुपये में बिक रही है। जिला कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. कुलभूषण धीमान ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित मात्रा में ही खाद का प्रयोग करें, ताकि फसल को अधिक लाभ मिले और मिट्टी की सेहत भी बनी रहे।