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बदरपुर हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिला हिमाचल प्रकोष्ठ
Sat, 18 Jul 2026 12:40 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:40 AM IST
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ऊना। दिल्ली के बदरपुर में 18 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से संबंध रखने वाले मृतक के शोकाकुल परिवार से मिलने हिमाचल प्रकोष्ठ का प्रतिनिधिमंडल उनके निवास पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत युवक को श्रद्धांजलि अर्पित कर परिजनों को सांत्वना दी और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल में हिमाचल प्रकोष्ठ के संयोजक संजय राणा, प्रदेश सह-संयोजक राजेश चौधरी, राहुल राणा, बदरपुर जिला अध्यक्ष माया बिष्ट, जिला संयोजक राजेंद्र ठाकुर, कुलदीप पठानिया सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूरा हिमाचली समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने बदरपुर थाना प्रभारी अशोक कुमार से भी मुलाकात कर अब तक की जांच और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान मामले से जुड़े सभी अहम साक्ष्यों, विशेषकर सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने, जांच को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मामले में किसी भी व्यक्ति की पहचान, पद या प्रभाव से ऊपर उठकर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर पुलिस संरक्षण या लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं तो उसकी भी स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी दिल्ली पुलिस के एक एएसआई का पुत्र है और उसका नाम पहले भी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े विवादों में सामने आता रहा है। उनका दावा है कि पूर्व के मामलों में प्रभाव के चलते उसके खिलाफ अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हिमाचल प्रकोष्ठ ने कहा कि यदि इन आरोपों में सत्यता है तो इस पहलू की भी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
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प्रतिनिधिमंडल में हिमाचल प्रकोष्ठ के संयोजक संजय राणा, प्रदेश सह-संयोजक राजेश चौधरी, राहुल राणा, बदरपुर जिला अध्यक्ष माया बिष्ट, जिला संयोजक राजेंद्र ठाकुर, कुलदीप पठानिया सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूरा हिमाचली समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा। प्रतिनिधिमंडल ने बदरपुर थाना प्रभारी अशोक कुमार से भी मुलाकात कर अब तक की जांच और पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। इस दौरान मामले से जुड़े सभी अहम साक्ष्यों, विशेषकर सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने, जांच को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ाने का आग्रह किया।
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प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मामले में किसी भी व्यक्ति की पहचान, पद या प्रभाव से ऊपर उठकर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। यदि जांच के दौरान किसी स्तर पर पुलिस संरक्षण या लापरवाही के आरोप सही पाए जाते हैं तो उसकी भी स्वतंत्र जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी दिल्ली पुलिस के एक एएसआई का पुत्र है और उसका नाम पहले भी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े विवादों में सामने आता रहा है। उनका दावा है कि पूर्व के मामलों में प्रभाव के चलते उसके खिलाफ अपेक्षित कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हिमाचल प्रकोष्ठ ने कहा कि यदि इन आरोपों में सत्यता है तो इस पहलू की भी निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।